“आरोहण” में सजा बचपन का रंगीन संसार

लिटिल मिलेनियम–कोलार और किड्जी–लांबाखेड़ा का संयुक्त वार्षिकोत्सव, नन्हें कलाकारों ने मंच पर बिखेरा आत्मविश्वास और प्रतिभा

भोपाल। शहर के प्रतिष्ठित प्री-स्कूल Little Millennium, कोलार एवं Kidzee, लांबाखेड़ा द्वारा आयोजित संयुक्त वार्षिकोत्सव कार्यक्रम “आरोहण” बचपन थीम के साथ अत्यंत उल्लासपूर्ण वातावरण में रवींद्र भवन, भोपाल के अंजनी सभागार में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में नन्हे-मुन्ने बच्चों की मनमोहक प्रस्तुतियों ने जहां अभिभावकों को भावुक कर दिया, वहीं दर्शकों की लगातार तालियों ने बच्चों का उत्साह कई गुना बढ़ा दिया।

कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन एवं स्वागत गीत के साथ हुआ। इसके बाद बच्चों ने एक के बाद एक रंगारंग प्रस्तुतियां देकर “बचपन” की थीम को जीवंत कर दिया। “तारे ज़मीं पर” गीत पर भावपूर्ण नृत्य ने बच्चों की संवेदनशीलता को दर्शाया, वहीं “नानी तेरी मोरनी को मोर ले गया” और “दादी अम्मा दादी अम्मा मान जाओ” जैसे लोकप्रिय गीतों पर समूह नृत्य ने सभागार को बाल-उत्सव में बदल दिया। छोटे-छोटे कदमों और मासूम मुस्कानों के साथ बच्चों का तालमेल देखकर अभिभावक भाव-विभोर नजर आए।

कार्यक्रम की विशेष प्रस्तुति सीनियर केजी की छात्रा आरोही रही, जिन्होंने पियानो पर “लकड़ी की काठी”, “एक हजारों में मेरी बहना है” तथा राष्ट्रगान “जन गण मन” की मधुर धुनें बजाकर सभी का दिल जीत लिया। इसके अलावा अभ्यंत, कृष्वी, अमाया, अक्षिता, अद्विक, शानम, सानवी, विक्रम और आरोही सहित कई बच्चों ने अपनी शानदार प्रस्तुतियों से मंच पर आत्मविश्वास की झलक दिखाई और खूब तालियां बटोरीं।

समारोह के दौरान उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित भी किया गया। सर्वश्रेष्ठ छात्र पुरस्कार अन्वी और आरोही को प्रदान किया गया, जबकि बेस्ट पेरेंट्स अवॉर्ड श्री एवं श्रीमती बी.एस. अहिरवार तथा श्री एवं श्रीमती शैलेंद्र सिंह चौहान को दिया गया। सम्मान समारोह के दौरान बच्चों के चेहरों पर गर्व और अभिभावकों की आंखों में खुशी साफ झलक रही थी।

कार्यक्रम की मुख्य अतिथि करियर काउंसलर मनीषा आनंद ने अपने संबोधन में कहा कि “बचपन” थीम ने सभी को अपने पुराने दिनों की याद दिला दी—जब बच्चे खुले मैदानों में खेलते थे और दादा-दादी व नाना-नानी के साथ समय बिताते थे। उन्होंने चिंता जताई कि आज मोबाइल और टीवी बच्चों के स्वाभाविक बचपन को सीमित कर रहे हैं। उन्होंने अभिभावकों से आग्रह किया कि बच्चों को डिजिटल गैजेट्स से दूर रखकर खेलकूद, रचनात्मक गतिविधियों और सामाजिक संपर्क की ओर प्रेरित करें, ताकि उनका मानसिक और भावनात्मक विकास बेहतर हो सके।

गेस्ट ऑफ ऑनर श्रीमती सुरेंद्र कौर ने कहा कि अभिभावक बच्चों को अपना फोन नहीं, बल्कि अपना समय दें। बच्चों के साथ बैठकर बात करना, उनकी बातें सुनना और उनके साथ खेलना ही उन्हें एक समृद्ध बचपन दे सकता है।

लिटिल मिलेनियम और किड्जी की डायरेक्टर श्रीमती प्रेरणा सिन्हा ने कहा कि हर बच्चे में कोई न कोई विशिष्ट प्रतिभा होती है। संस्थान का उद्देश्य केवल शिक्षा देना नहीं, बल्कि बच्चों की छिपी हुई क्षमताओं को पहचानकर उन्हें मंच देना भी है, जिससे वे आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ सकें। उन्होंने अभिभावकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि स्कूल और माता-पिता की साझेदारी से ही बच्चों का सर्वांगीण विकास संभव है।

कार्यक्रम में अति विशिष्ट अतिथि के रूप में श्रीमती शोभा कोरबू, श्रीमती चेतना चौहान, श्रीमती बेनजीर सैय्यद, अभिषेक कोरबू एवं दीपेश कोरबू उपस्थित रहे, जिनकी गरिमामयी मौजूदगी से आयोजन की शोभा और बढ़ गई।

समापन अवसर पर बच्चों द्वारा सामूहिक प्रस्तुति दी गई, जिसके बाद सभी प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए। पूरा सभागार तालियों की गूंज से भर उठा और “आरोहण” न केवल एक वार्षिकोत्सव, बल्कि बचपन की मासूम खुशियों का उत्सव बनकर दर्शकों के दिलों में यादगार बन गया।

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