इनकम टैक्स ऑडिट की तारीख 7 अक्‍टूबर हुई, पर स्‍लो पोर्टल की समस्‍या नहीं सुधरी

पोर्टल स्‍लो चल रहा है, जिससे ऑडिट करने में घंटों का समय लग रहा है - राजधानी के चार्टर्ड एकाउंटेंट हो रहे परेशान

भोपाल।एक करोड़ या उससे अधिक टर्नओवर वाले व्यापारियों के लिए Income Tax Audit की अंतिम तारीख 30 सितंबर से बढ़ाकर 7 अक्‍टूबर की गई है। ऑडिट चार्टर्ड अकाउंटेंट से कराना है, लेकिन पोर्टल ना चलने या स्‍लो चलने से परेशानी बढ़ गई है। पोर्टल धीमा चल रहा है, जिससे ऑडिट करने में घंटों का समय लग रहा है। यदि व्यापारियों ने समय पर ऑडिट नहीं कराया तो आयकर विभाग पेनाल्टी लगा सकता है। पेनाल्टी की राशि डेढ़ लाख रुपए तक है। इन दिनों व्यापारी अपने सीए से जल्द से जल्द ऑडिट करना चाह रहे हैं। शहर में 1 करोड़ से अधिक टर्नओवर वाले व्यापारियों की संख्या करीब एक लाख से ज्‍यादा है।

चार्टर्ड एकाउंटेंट राजेश जैन ने बताया कि पिछले कई दिनों से पोर्टल परेशान कर रहा है। एक ऑडिट में घंटों का समय लग लग रहा है। ऑडिट नहीं कराने पर आयकर विभाग बिक्री का आधा प्रतिशत या डेढ़ लाख तक व्यापारी पर पेनाल्टी लगा सकता है। पेनाल्टी से बचने के लिए व्यापारी जल्‍़द से जल्‍़द ऑडिट करना चाह रहे हैं। उन्होंने बताया कि
ऑडिट के लिए कारोबार की खरीद, बिक्री, खर्च, लोन, संपत्ति, पूंजी, लेनदार, देनदार, टीडीएस, टीसीएस आदि सभी का विवरण देना होता है। इसे हम ऑडिट रिपोर्ट में दर्ज करते हैं। ऑडिट रिपोर्ट ऑनलाइन आयकर विभाग की साइट पर अपलोड करते हैं। पोर्टल ना चलने से परेशानी आ रही है।

देरी से अपडेट जीएसटी फार्म

वर्ष 2023-24 का जीएसटी वार्षिक रिटर्न भरने की आखिरी तारीख अब 7 अक्‍टूबर कर दी गई है। इस साल विभाग ने सितंबर माह में पोर्टल पर रिटर्न किस प्रारूप में भरना है उसका फॉर्म अपलोड किया है। पिछले साल मई में ही फॉर्म जारी कर दिया गया था। व्यापारियों को हर साल वार्षिक रिटर्न 9 और 9-सी भरना अनिवार्य होता है। इस फॉर्म में कई तरह की जानकारी मांगी जाती है, जिसे इकटठा करने में भी व्यापारियों को समय लगता है।

 इसलिए बढ़ाई गई तारीख

जानकारी के अनुसार सीबीडीटी के पास कई करदाताओं की ओर से अपनी रिपोर्ट अपलोड करने में कठिनाइयों से संबंधित कई शिकायतें आ रही थी जिसके बाद, 30 सितंबर की मूल समयसीमा से एक दिन पहले 29 सितंबर को समयसीमा विस्तार की घोषणा कर दी गई है। इस अंतिम समय में समय सीमा बढ़ने से करदाताओं को राहत मिल सकती है, क्योंकि समयसीमा के बाद कर ऑडिट रिपोर्ट जमा करने पर जुर्माना 1.5 लाख रुपये या कुल बिक्री का 0.5 प्रतिशत है, जो अभी कम हो सकता है।

आयकर विभाग ने 29 सितंबर को जारी अपने नवीनतम परिपत्र में कहा, ‘केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने पिछले वर्ष 2023-24 के लिए ऑडिट की विभिन्न रिपोर्ट दाखिल करने की निर्दिष्ट तिथि को बढ़ाने का फैसला किया है, जो अधिनियम की धारा 139 की उपधारा (1) के स्पष्टीकरण 2 के खंड (ए) में संदर्भित करदाताओं के मामले में 30 सितंबर, 2024 थी, जिसे बढ़ाकर 07 अक्तूबर 2024 कर दिया गया है।

कर ऑडिट का तिथि विस्तार, किन करदाताओं पर लागू होता है

सीबीडीटी सर्कुलर की मानें तो यह विस्तार उन सभी करदाताओं पर लागू होता है, जिनमें व्यक्ति, कंपनियाँ और अन्य करदाता शामिल हैं, जिनका आयकर रिटर्न 31 अक्तूबर, 2024 तक जमा होना है और जिन्हें शुरू में 30 सितंबर तक कर ऑडिट रिपोर्ट दाखिल करनी थी। कर ऑडिट से गुजरने वाले सभी करदाता अब 7 अक्तूबर, 2024 तक अपनी कर ऑडिट रिपोर्ट अपलोड कर सकते हैं। जबकि संशोधित समय सीमा से चूकने वाले करदाता अभी भी अपनी रिपोर्ट जमा कर सकते हैं, उन्हें दंड का सामना करना पड़ेगा और यदि वे इस अवधि से आगे देरी करना जारी रखते हैं तो उनके आयकर रिटर्न को दोषपूर्ण के रूप में चिन्हित किया जा सकता है।

क्या होती है इनकम टैक्स की ऑडिट रिपोर्ट? किसके लिए है जरूरी

इन‍कम टैक्‍स की धारा 44AB के तहत ऐसे टैक्सपेयर्स जिनकी कमाई बिजनेस या प्रोफेशन के जरिये होती है। उन्‍हें Form 3 भरना जरूरी होता है। ऐसे टैक्सपेयर्स को अपने अकाउंट बुक का ऑडिट कराने के लिए किसी चार्टर्ड अकाउंटेंट को करने की सलाह दी जाती है। इसकी समीक्षा करके सभी जानकारियों की जांच होती है। इसके लिए टैक्सपेयर्स की रसीद और कमाई की जानकारी चाहिए होती है।

सीए राजेश जैन अनुसार, ऐसे करदाता जिनकी सालाना आमदनी 1 करोड़ या उससे ज्‍यादा है, उन्‍हें ऑडिट कराना जरूरी होता है। सेक्‍शन 44AD और 44AB के तहत अगर आईटीआर फॉर्म 3 भरने वाला कोई करदाता 8 फीसदी से ज्‍यादा का प्रॉफिट कमाता है तो उसे ऑडिट कराने की जरूरत नहीं होगी।  ऐसा होने पर अपनी कमाई पर टैक्‍स स्‍लैब के हिसाब से कर चुकाना होता है। ऐसा होने पर कमाई पर टैक्‍स स्‍लैब के हिसाब से टैक्स चुकाना होता है।

फाइल करते वक्त इन बातों का रखें ध्यान

टैक्स ऑडिट रिपोर्ट दाखिल करने के लिए कुछ आवश्यक शर्तें होती है, जिसे ध्यान रखना जरूरी होता है। अगर आप फाइल करने के बारे में सोच रहे हैं तो आपको सबसे पहले चार्टर्ड अकाउंटेंट और टैक्सपेयर दोनों को पोर्टल पर रजिस्टर होना चाहिए और ई-फाइलिंग पोर्टल पर उनके पास वैध लॉगिन आईडी और पासवर्ड होना चाहिए। सीए और टैक्सपेयर के पास डिजिटल साइन भी होना चाहिए।। साथ में पैन कार्ड का होना जरूरी है।

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