कॉमर्शियल गैस सिलेंडर पर रोक से भोपाल का होटल कारोबार संकट में
कैट और होटल व्यवसायियों ने कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन; शादी-समारोहों के बीच सप्लाई बाधित होने पर जताई चिंता, अंतरराष्ट्रीय हालात से गैस किल्लत की आशंका

भोपाल | राजधानी में कॉमर्शियल गैस सिलेंडरों के ऑर्डर पर लगी रोक से होटल, ढाबा, रेस्टोरेंट और केटरिंग व्यवसाय से जुड़े व्यापारी मुश्किल में आ गए हैं। इस समस्या को लेकर व्यापारियों ने बुधवार को जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर कॉमर्शियल गैस सिलेंडरों की आपूर्ति जल्द शुरू कराने की मांग की।
व्यापारिक संगठन कैट (कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स) और होटल इंडस्ट्री से जुड़े प्रतिनिधियों ने कहा कि सिलेंडरों की आपूर्ति बंद होने से शहर के हजारों छोटे-बड़े व्यवसाय प्रभावित हो रहे हैं। व्यापारियों के अनुसार कॉमर्शियल गैस सिलेंडर होटल और केटरिंग व्यवसाय का मुख्य आधार है और इसकी उपलब्धता नहीं होने से रोजमर्रा के कामकाज पर सीधा असर पड़ रहा है।
ज्ञापन सौंपने के दौरान होटल उद्योग से तेजकुल पाल सिंह पाली (पूर्व चैम्बर अध्यक्ष), मुरली हरवानी (मनोहर डेयरी) तथा धर्मेंद्र शर्मा (जिला अध्यक्ष, कैट भोपाल) सहित कई व्यापारी उपस्थित रहे। इनके साथ पंकज गागर (गागर स्वीट), संजय अग्रवाल (ब्रजवासी स्वीट), आशीष (छप्पन भोग), मोहन जी (घंटा वाला स्वीट) सहित अन्य व्यापार जगत के प्रतिनिधि भी मौजूद थे।
शादी-समारोहों के बीच बढ़ी परेशानी
कैट के जिला अध्यक्ष धर्मेंद्र शर्मा ने बताया कि इस समय शहर में विवाह समारोहों और अन्य सामाजिक आयोजनों का दौर चल रहा है। ऐसे आयोजनों में केटरिंग सेवाओं के माध्यम से बड़े पैमाने पर भोजन तैयार किया जाता है, जिसके लिए कॉमर्शियल गैस सिलेंडरों की आवश्यकता अधिक होती है। यदि गैस की उपलब्धता प्रभावित रहती है तो न केवल व्यापारियों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा बल्कि आम नागरिकों को भी विवाह और अन्य कार्यक्रमों के आयोजन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है।
उन्होंने कहा कि कई परिवारों ने पहले से ही अपने कार्यक्रम तय कर लिए हैं और होटल व केटरिंग सेवाओं की अग्रिम बुकिंग भी हो चुकी है। ऐसे में गैस सिलेंडरों की कमी होने पर कार्यक्रमों की व्यवस्थाएं प्रभावित होने की आशंका है।
आम लोगों के भोजन पर भी पड़ सकता है असर
होटल एवं रेस्टोरेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष व भोपाल चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के पूर्व अध्यक्ष तेजकुलपाल सिंह पाली ने बताया कि शहर में बड़ी संख्या में मजदूर, कामगार, छात्र और अन्य नागरिक अपने दैनिक भोजन के लिए होटल, ढाबों और रेस्टोरेंट पर निर्भर रहते हैं। यदि गैस सिलेंडरों की सप्लाई लंबे समय तक बाधित रहती है तो इन प्रतिष्ठानों का संचालन मुश्किल हो जाएगा, जिससे आम लोगों के सामने भोजन की समस्या भी खड़ी हो सकती है।
व्यापारियों ने प्रशासन से आग्रह किया कि इस विषय पर मानवीय और सहानुभूतिपूर्ण दृष्टिकोण से विचार किया जाए, ताकि व्यापार और आम जनजीवन दोनों प्रभावित न हों।
पूर्ण प्रतिबंध की जगह सीमित सप्लाई की मांग
ज्ञापन में व्यापारियों ने यह भी कहा कि यदि किसी प्रशासनिक या तकनीकी कारण से कॉमर्शियल गैस सिलेंडरों के ऑर्डर तुरंत पूरी तरह बहाल करना संभव नहीं है, तो कम से कम सीमित या निर्धारित मात्रा में गैस सिलेंडरों की आपूर्ति की व्यवस्था की जाए। इससे होटल, ढाबा, रेस्टोरेंट और केटरिंग व्यवसाय न्यूनतम स्तर पर ही सही, लेकिन संचालित रह सकेगा।
व्यापारियों का कहना है कि यदि सिलेंडरों की पूर्ण अनुपलब्धता की स्थिति बनी रहती है तो पूरा होटल और केटरिंग व्यवसाय ठप होने का खतरा है, जिससे हजारों लोगों की आजीविका प्रभावित हो सकती है।
अंतरराष्ट्रीय हालात से गैस संकट की आशंका
व्यापारियों ने यह भी कहा कि हाल के दिनों में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ऊर्जा बाजार को लेकर अनिश्चितता बढ़ी है। कुछ राष्ट्रीय अखबारों में प्रकाशित खबरों में बताया गया है कि ईरान और इजरायल के बीच बढ़ते तनाव के कारण वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित हो सकती है। इससे आने वाले समय में गैस और पेट्रोलियम उत्पादों की उपलब्धता पर भी असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।
व्यापारिक संगठनों का कहना है कि यदि स्थानीय स्तर पर ही कॉमर्शियल गैस की सप्लाई बाधित रहती है तो भविष्य में स्थिति और गंभीर हो सकती है। इसलिए प्रशासन को समय रहते इस मामले में हस्तक्षेप कर आपूर्ति व्यवस्था को सुचारू बनाना चाहिए।
प्रशासन से जल्द समाधान की उम्मीद
व्यापारियों ने जिला प्रशासन से इस गंभीर विषय पर शीघ्र संज्ञान लेते हुए संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश देने तथा कॉमर्शियल गैस सिलेंडरों की आपूर्ति जल्द शुरू कराने या न्यूनतम आवश्यक मात्रा में उपलब्ध कराने की मांग की है। उनका कहना है कि इससे व्यापारियों, कामगारों और आम नागरिकों को राहत मिल सकेगी और शहर की खानपान व्यवस्था प्रभावित होने से बच जाएगी।





