गैस संकट से जूझ रहा भोपाल: होटल-रेस्तरां उद्योग ठप होने की कगार पर
प्रमुख सचिव से मिले व्यवसायी, निर्बाध गैस आपूर्ति और श्रेणीवार कोटा तय करने की मांग

भोपाल। राजधानी भोपाल सहित पूरे मध्यप्रदेश में व्यावसायिक एलपीजी सिलेंडरों की भारी किल्लत ने होटल और रेस्तरां उद्योग को गंभीर संकट में डाल दिया है। हालात इतने बिगड़ चुके हैं कि शहर के करीब 2 हजार से अधिक होटल और रेस्तरां बंद होने की कगार पर पहुंच गए हैं। इस संकट के चलते हजारों कर्मचारियों की आजीविका पर भी खतरा मंडराने लगा है।
इसी गंभीर स्थिति को लेकर भोपाल होटल एवं रेस्तरां संघ का एक प्रतिनिधिमंडल अध्यक्ष तेजकुलपाल सिंह पाली के नेतृत्व में प्रमुख सचिव श्रीमती रश्मि अरुण शमी से मिला। प्रतिनिधिमंडल ने प्रशासन द्वारा कमर्शियल गैस आपूर्ति पर लगाई गई पाबंदियों को उद्योग के लिए घातक बताते हुए तत्काल निर्बाध आपूर्ति बहाल करने की मांग की और ज्ञापन सौंपा।
संघ के अध्यक्ष तेजकुलपाल सिंह पाली ने बताया कि भोपाल के होटल, रेस्तरां, ढाबे और अन्य खानपान से जुड़े प्रतिष्ठान न केवल लोगों को सेवाएं प्रदान करते हैं, बल्कि बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन और स्थानीय अर्थव्यवस्था में भी महत्वपूर्ण योगदान देते हैं। ऐसे में गैस की कमी के कारण संचालन व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हो रही है।
उन्होंने मांग रखी कि पंजीकृत होटलों और रेस्तरांओं को उनकी वास्तविक जरूरत के अनुसार वाणिज्यिक एलपीजी सिलेंडरों का सीमित लेकिन सुनिश्चित कोटा आवंटित किया जाए, ताकि रसोई संचालन बाधित न हो और ग्राहकों को सेवाएं मिलती रहें।
20% आपूर्ति भी जमीन पर नहीं, 5% भी नहीं मिल पा रही गैस
होटल संचालकों का कहना है कि केंद्र सरकार द्वारा कमर्शियल गैस आपूर्ति को 20 प्रतिशत तक बहाल करने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन इसका लाभ जमीनी स्तर पर नहीं दिख रहा है। कई व्यापारियों का कहना है कि उन्हें 20 प्रतिशत तो दूर, 5 प्रतिशत तक गैस सिलेंडर भी नहीं मिल पा रहे हैं, जिससे उनका व्यवसाय लगभग ठप हो गया है।
मध्य प्रदेश होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष सुमित सूरी ने बताया कि केंद्र सरकार के आदेश के बावजूद राज्य स्तर पर स्पष्ट दिशा-निर्देशों का अभाव है, जिसके चलते वितरण व्यवस्था प्रभावित हो रही है। उन्होंने कहा कि इस उद्योग से लाखों लोगों का रोजगार जुड़ा हुआ है और मौजूदा हालात में सभी के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है।
अंतरराष्ट्रीय हालात का असर, आपूर्ति श्रृंखला प्रभावित
व्यवसायियों के अनुसार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अमेरिका, ईरान और इजरायल के बीच चल रहे तनाव का असर गैस आपूर्ति पर पड़ा है। इसके चलते देश में एलपीजी की उपलब्धता प्रभावित हुई है, जिसका सीधा असर होटल और रेस्तरां उद्योग पर देखने को मिल रहा है।
समान नियम नहीं, श्रेणी के आधार पर तय हो कोटा
संघ ने सरकार के सामने यह भी मांग रखी है कि सभी होटलों और रेस्तरांओं के लिए एक समान गैस आपूर्ति नियम लागू करना व्यावहारिक नहीं है। बड़े और छोटे संस्थानों की जरूरतें अलग-अलग होती हैं, इसलिए गैस का कोटा भी उसी अनुपात में तय किया जाना चाहिए।
सुमित सूरी ने सुझाव दिया कि 20 प्रतिशत की सीमा को बढ़ाकर कम से कम 50 प्रतिशत किया जाए, ताकि व्यवसाय सुचारू रूप से चल सकें। साथ ही, पीएनजी (पाइप्ड नेचुरल गैस) की आपूर्ति भी मांग के अनुरूप बढ़ाई जाए, जिससे वैकल्पिक व्यवस्था मजबूत हो सके।
व्यवसायियों में बढ़ी चिंता, जल्द समाधान की उम्मीद
लगातार बढ़ते संकट के कारण होटल और रेस्तरां संचालकों में चिंता का माहौल है। यदि जल्द ही स्थिति में सुधार नहीं हुआ तो बड़े पैमाने पर प्रतिष्ठानों के बंद होने और बेरोजगारी बढ़ने की आशंका है।
हालांकि, प्रमुख सचिव से मुलाकात के बाद व्यवसायियों को उम्मीद है कि सरकार इस गंभीर समस्या को प्राथमिकता से लेते हुए जल्द ठोस कदम उठाएगी और गैस आपूर्ति व्यवस्था को सुचारू बनाएगी।





