पुराने भोपाल के समग्र पुनर्विकास की मांग तेज

यातायात, स्वास्थ्य, सुरक्षा और व्यापारिक विकास को लेकर दूरदर्शी प्रस्ताव — संजीव गर्ग ने प्रशासन से की त्वरित कार्यवाही की अपील

विवेक झा, भोपाल।
पुराने भोपाल के समग्र पुनर्विकास को लेकर एक व्यापक और दूरदर्शी प्रस्ताव सामने आया है। पुराना भोपाल — जिसे Bhopal की आत्मा कहा जाता है — अपनी ऐतिहासिक विरासत, घनी आबादी और अव्यवस्थित यातायात के कारण लंबे समय से बुनियादी समस्याओं से जूझ रहा है। इसी को ध्यान में रखते हुए सामाजिक कार्यकर्ता व व्यापारी प्रतिनिधि संजीव गर्ग ने प्रशासन को एक विस्तृत जनहितकारी खाका सौंपा है।

प्रस्ताव में कहा गया है कि यह क्षेत्र केवल एक रिहायशी या व्यापारिक इलाका नहीं, बल्कि Raja Bhoj की झीलों की नगरी, Rani Kamlapati की ऐतिहासिक धरती और गोंड राजाओं की गौरवशाली परंपरा से जुड़ा सांस्कृतिक केंद्र है। प्रख्यात लेखक एवं विचारक Vijay Manohar Tiwari भी अपने लेखन में पुराने भोपाल के सामाजिक और सांस्कृतिक महत्व को रेखांकित कर चुके हैं।

उन्नानी शफाखाना हटाकर बहुउद्देशीय परियोजना का सुझाव

प्रस्ताव के अनुसार उत्तर विधानसभा प्रशासनिक ज़ोन क्षेत्र स्थित उन्नानी शफाखाना (जो न तो अधिसूचित हेरिटेज भवन है और न ही संरक्षित इमारत) को हटाकर वहां एक बहुउद्देशीय जनहितकारी कॉम्प्लेक्स विकसित किया जाए। इसमें भूमिगत बहु-स्तरीय पार्किंग, आधुनिक अस्पताल, आपातकालीन सेवाएं और व्यवस्थित बाजार क्षेत्र शामिल हों।

यातायात जाम से राहत के लिए अंडरग्राउंड–ओवरब्रिज नेटवर्क

संजीव गर्ग ने पुराने भोपाल में लगातार लगने वाले जाम को सबसे बड़ी समस्या बताते हुए कई रणनीतिक कॉरिडोर प्रस्तावित किए हैं, जिनमें

  • कालीघाट से Moti Masjid,

  • Safia College से भोपाल टॉकीज़,

  • Hamidia Road से भारत टॉकीज़,

  • सेंट्रल लाइब्रेरी से कालीघाट (चारों ओर संपर्क मार्ग)

शामिल हैं। इसके साथ पूरे क्षेत्र में हाई-टेक डिजिटल ट्रैफिक लाइट सिस्टम लगाने का भी सुझाव दिया गया है।

आधुनिक स्वास्थ्य सेवाएं और 24×7 आपातकालीन रिस्पॉन्स

प्रस्तावित परियोजना में तीसरी मंज़िल तक एक एकीकृत आधुनिक अस्पताल बनाने की बात कही गई है, जिसमें आयुर्वेद, होम्योपैथी और यूनानी चिकित्सा एक ही परिसर में उपलब्ध हों। साथ ही फायर ब्रिगेड, एम्बुलेंस, आपातकालीन सुरक्षा दस्ता और 24×7 इमरजेंसी सेवा लाइन भी इसी कॉम्प्लेक्स का हिस्सा हों।

नागरिक सुविधाएं, स्वच्छता और पर्यावरण पर विशेष जोर

योजना में पिंक टॉयलेट, सुलभ शौचालय कॉम्प्लेक्स, सीनियर सिटिजन सुविधा केंद्र, दिव्यांगजन अनुकूल संरचना तथा महिलाओं-बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने की बात कही गई है।
इसके अलावा वैज्ञानिक कचरा प्रबंधन, हरित क्षेत्र विकास और प्रदूषण-मुक्त बाजार व्यवस्था को अनिवार्य बताया गया है।

व्यापारियों को मिलेगा संरक्षण, खत्म होगा अतिक्रमण

परियोजना के भीतर एक सुव्यवस्थित मार्केट ज़ोन विकसित करने का प्रस्ताव है, जिससे अतिक्रमण हटेगा और स्थानीय व्यापारियों को स्थायी दुकानें व बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी। इससे न केवल व्यापार को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि पूरे इलाके की छवि भी सुधरेगी।

“चाय पर चर्चा” से निकलेगा समाधान

इन सभी मुद्दों पर ठोस निर्णय के लिए सुभाष चौक, पुराना भोपाल में “संवाद कार्यक्रम – चाय पर चर्चा” आयोजित करने की मांग की गई है। इसमें प्रिंट व इलेक्ट्रॉनिक मीडिया, नगर निगम आयुक्त, भोपाल कलेक्टर, पुलिस एवं यातायात अधिकारी, सांसद-विधायक, महापौर, वरिष्ठ व्यापारी और सभी व्यापारिक संगठनों के पदाधिकारियों को आमंत्रित करने का प्रस्ताव है।

पुराने भोपाल को उसकी खोई हुई गरिमा लौटाने का प्रयास

संजीव गर्ग ने बताया कि यह योजना केवल निर्माण परियोजना नहीं, बल्कि पुराने भोपाल को उसकी खोई हुई गरिमा लौटाने का प्रयास है। यातायात, सुरक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता और व्यापार — सभी का संतुलित समाधान इस एकीकृत मॉडल में निहित है।
उन्होंने प्रशासन से आग्रह किया है कि इस जनहितकारी प्रस्ताव पर गंभीरता से विचार कर शीघ्र आवश्यक कार्यवाही की जाए, ताकि पुराना भोपाल वास्तव में विकास की मुख्यधारा से जुड़ सके।

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