भेदभाव मिटेगा, बंदिशें हटेंगी, तभी बेटियों के सपने होंगे पूरेः डॉ. वीणा सिन्हा

- राष्ट्रीय बालिका दिवस पर सरोकार संस्था और टेक्नो इंडिया ग्रुप पब्लिक स्कूल का कार्यक्रम

 

– विद्यार्थियों के बीच गीत, क्विज़ और पुरस्कार वितरण

भोपाल। दरिया की कसम, मौजों की कसम

ये ताना-बाना बदलेगा,

तू खुद को बदल-तू खुद को बदल,

तब ही तो जमाना बदलेगा।

बेटियों के संग भेदभाव को खत्म कर उनके लिए समान अवसरों की राह बनाने के संदेश से भरे इस गीत को गाकर सामाजिक संस्था सरोकार ने  टेक्नो इंडिया ग्रुप पब्लिक स्कूल में विद्यार्थियों के साथ राष्ट्रीय बालिका दिवस मनाया। इस अवसर पर विभिन्न गतिविधियों और क्विज़ का आयोजन कर विजेता बालक-बालिकाओं को पुरस्कार वितरित किये गए।

कार्यक्रम की मुख्य अतिथि राज्य की पूर्व स्वास्थ्य संचालक, प्रसिद्ध साहित्यकार डॉ. वीणा सिन्हा ने राष्ट्रीय बालिका दिवस का महत्व समझाते हुए कहा कि बेटियों को आगे बढ़ने से रोकने वाली हर सामाजिक कुरीतियों, धारणाओं को खत्म करना, उन्हें ध्वस्त करना जरुरी है, क्योंकि ऐसा करने पर ही बेटियां अपने अधिकार हासिल कर अपने सपनों को पूरा कर सकेंगी। डॉ. वीणा सिन्हा ने विद्यार्थियों  के सवालों का जवाब देते हुए लैंगिक भेदभाव को कैसे पहचाने, उसे कैसे खत्म किया जाए, कैसे बालिका को सक्षम बनाया जाए और उन पर लगाई गई बंदिशों को दूर किया जाए,  जैसे बिन्दुओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने बच्चों को स्वास्थ्य को लेकर भी जागरूक किया।

सरोकार संस्था की संस्थापक सचिव सुश्री कुमुद सिंह ने राष्ट्रीय बालिका दिवस के उपलक्ष्य में विद्यार्थियों के बीच दोस्ती का गीत गाया और बैलून (गुब्बारे) गेम तथा क्विवज के माध्यम से विद्यार्थियों को समझाया कि बालिकाओं के साथ समाज में किस तरह से भेदभाव किया जाता है। उन्होंने यह भी बताया कि भेदभाव चाहे बेटियों के साथ हो या बेटों के साथ, दोनों ही तरह के भेदभाव गलत हैं । बेहतर शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा और सम्मान पाना हरेक का अधिकार है।

कार्यक्रम के प्रारंभ में स्कूल की प्राचार्य सुश्री जेबा खान ने अतिथियों का स्वागत किया और क्विज में विजेता विद्यार्थियों को पुरस्कार वितरित किए। कार्यक्रम का संचालन सुश्री कृतिका ने किया। कार्यक्रम का समापन सभी ने एक स्वर में ‘हैं बदलाव हम. का नारा गुंजायमान करते हुए किया।

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