लोन डिफॉल्टर कैलाश लुवाना पर अदालत सख्त — फरार घोषित कर स्थायी गिरफ्तारी वारंट जारी

कोऑपरेटिव सेंट्रल बैंक के 5 लाख के पर्सनल लोन केस में कोर्ट की कार्रवाई | सहकार भारती के प्रदेश कार्यालय प्रमुख पर धोखाधड़ी का आरोप, बैंक ने शुरू की रिकवरी प्रक्रिया

भोपाल, प्रतिनिधि।
कोऑपरेटिव सेंट्रल बैंक की कोटरा सुल्तानाबाद शाखा से लिए गए 5 लाख रुपए के पर्सनल लोन की अदायगी न करने पर अदालत ने आरोपी कैलाश लुवाना पुत्र मदनलाल लुवाना, निवासी बरखेड़ी, जहांगीराबाद के खिलाफ स्थायी गिरफ्तारी वारंट जारी किया है। अदालत ने कैलाश को फरार घोषित करते हुए कहा है कि वह जानबूझकर पेशी से बच रहा है, जबकि उसे मामले की पूरी जानकारी है।

बैंक अधिकारियों के अनुसार, कैलाश लुवाना ने वर्ष 2023 में पर्सनल लोन लिया था, लेकिन आज तक एक भी किश्त जमा नहीं की। कई बार नोटिस और रिकवरी नोट भेजे जाने के बावजूद उसने कोई जवाब नहीं दिया। इसके बाद बैंक ने चेक बाउंस और भुगतान में चूक के प्रकरण में जिला न्यायालय में मामला दायर किया था।

🔹 अदालत की सख्त टिप्पणी

प्रकरण की सुनवाई के दौरान बार-बार गिरफ्तारी वारंट जारी किए जाने के बावजूद अभियुक्त की उपस्थिति सुनिश्चित नहीं हो सकी। अदालत के आदेश में कहा गया है कि कैलाश लोहाना को मामले की पूरी जानकारी होने के बाद भी वह जानबूझकर तामीली से बच रहा है
अदालत ने कहा कि —

“अभियुक्त न्यायालय की सुकूनत से फरार हो चुका है और निकट भविष्य में उसके मिलने की संभावना नहीं है। अतः उसे फरार घोषित किया जाता है और उसके विरुद्ध स्थायी गिरफ्तारी वारंट जारी किया जाता है।”

इस आदेश को न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी तथागत यागनिक द्वारा पारित किया गया है।

🔹 बैंक ने तेज की रिकवरी प्रक्रिया

कोऑपरेटिव सेंट्रल बैंक ने लंबे समय से लोन नहीं चुकाने वाले डिफॉल्टरों की सूची तैयार कर ली है और सभी शाखाओं को रिकवरी प्रक्रिया तेज करने के निर्देश दिए हैं। बैंक अधिकारियों ने बताया कि कई मामलों में न्यायालयी कार्रवाई चल रही है और डिफॉल्टरों पर कानूनी दबाव बनाया जा रहा है।

🔹 सामाजिक पद पर रहकर भी जिम्मेदारी से बचने का आरोप

सूत्रों के अनुसार, कैलाश लुवाना वर्तमान में सहकार भारती में प्रदेश कार्यालय प्रमुख का दायित्व निभा रहे हैं। बैंक से लिए गए लोन की अदायगी न करना और लगातार पेशी से बचना न केवल कानूनी उल्लंघन है बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी से भी परे व्यवहार माना जा रहा है।

अदालत के इस आदेश के बाद अब पुलिस को स्थायी गिरफ्तारी वारंट की तामिली सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। बैंक ने उम्मीद जताई है कि इस कार्रवाई से अन्य लोन डिफॉल्टरों को भी सबक मिलेगा और रिकवरी प्रक्रिया में तेजी आएगी।

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