भोपाल और स्मोलेंस्क के बीच ’सिस्टर सिटी’ समझौते की ऐतिहासिक पहल

भोपाल। फेडरेशन ऑफ मप्र चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्‍टी ने मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल और रूस के स्मोलेंस्क शहर के बीच सांस्कृतिक, शैक्षणिक और आर्थिक सहयोग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से ’सिस्टर सिटी’ समझौते पर हस्ताक्षर की दिशा में एक बड़ी पहल की है। यह जानकारी एक प्रेस वार्ता में फेडरेशन के अध्यक्ष दीपक शर्मा ने दी। उन्‍होंने बताया कि यह गौरव का विषय है कि स्मोलेंस्क के मेयर द्वारा भोपाल की महापौर और एक प्रतिनिधिमंडल को रूस में विजय दिवस समारोह में राज्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया है। यह आमंत्रण दोनों शहरों के बीच बढ़ते सहयोग और मैत्रीपूर्ण संबंधों का प्रतीक है।

रसिया में हर वर्ष 9 मई को विजय दिवस के उपलक्ष्य में एक भव्य परेड आयोजित की जाती है, जो मॉस्को से लेकर अन्य प्रमुख राज्यों की राजधानी में भव्य आयोजन कर मनाई जाती है। यह परेड रूस की सेंकेंड वर्ल्‍ड वार में ऐतिहासिक विजय और शौर्य को दर्शाती है। इस वर्ष इसमें भोपाल की महापौर की उपस्थिति हमारे शहर के लिए गर्व का विषय है।

इस अवसर पर भोपाल महापौर श्रीमती मालती राय ने बताया कि इस यात्रा के दौरान भोपाल और स्मोलेंस्क के बीच ‘सिस्टर सिटी’ समझौते पर हस्ताक्षर होने है। यह समझौता केवल दो नगर निगमों के बीच नहीं, बल्कि दो संस्कृतियों, दो सभ्यताओं और दो राष्ट्रों के बीच गहरे जन-संपर्क (People-to-people Contact) की दिशा में एक सशक्त कदम होगा। श्रीमती राय ने बताया कि हमे भोपाल की संस्कृति पर गर्व है, इसका प्रसार कर रूस तक पहुंचाने का प्रयास होगा।

इस समझौते से इन क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाएँ मजबूत होंगी

शिक्षा एवं प्रशिक्षण : हमारे विद्यार्थी रूस के विश्वविद्यालयों में उच्च शिक्षा और तकनीकी प्रशिक्षण हेतु जा सकेंगे और वहॉं के विद्यार्थी भी हमारे विश्वविद्यालयों में अध्ययन हेतु आयेंगे।

कला और संस्कृति : हमारे सांस्कृतिक दल रूस में प्रस्तुति देंगे और रूसी कलाकार भोपाल में अपने कार्यक्रम प्रस्तुत करेंगे। इससे दोनों देशों की लोक-कलाओं और परंपराओं को वैश्विक मंच मिलेगा।

पर्यटन : आपसी मेल-जोल और आयोजनों के कारण पर्यटन को नया आयाम मिलेगा और स्थानीय पर्यटन उद्योग को लाभ पहुँचेगा।

हस्तशिल्प और लघु उद्योग : भोपाल के कारीगरों और हस्तशिल्प निर्माताओं को रूसी बाजार तक पहुँचने का अवसर मिलेगा, जिससे उन्हें आर्थिक लाभ मिलेगा।

तकनीकी सहयोग : रूस की उन्नत तकनीकों से हमारे युवा लाभान्वित होंगे और उन्हें वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार किया जा सकेगा।

फेडरेशन के सचिव प्रवीण आचार्य ने बताया कि प्रतिनिधिमंडल की इस ऐतिहासिक यात्रा के बाद भोपाल में एक विशेष सार्वजनिक कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा, जिसमें नागरिकों को इस समझौते की जानकारी दी जाएगी और आगामी गतिविधियों की रूपरेखा साझा की जाएगी।

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