GST सुधार की माँग पर CAIT मध्यप्रदेश का ज्ञापन

दर घटाने और अनुपालन सरल बनाने से व्यापार और उपभोक्ता दोनों को राहत मिलेगी

विवेक झा, भोपाल, 30 अगस्त। आगामी GST काउंसिल बैठक से पहले व्यापार जगत की प्रमुख संस्था कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (CAIT) मध्यप्रदेश ने सरकार को व्यापक सुधार संबंधी सुझाव सौंपे हैं। संगठन ने कहा है कि वर्तमान GST व्यवस्था छोटे व्यापारियों, MSME और निर्यातकों के लिए जटिल और बोझिल साबित हो रही है। यदि समय रहते इसमें सुधार नहीं किया गया तो न केवल व्यापार प्रभावित होगा बल्कि उपभोक्ताओं पर भी अतिरिक्त बोझ पड़ेगा।

इस अवसर पर कैट प्रदेश अध्यक्ष सुनील अग्रवाल, पूर्व प्रिन्सिपल चीफ कमिश्नर CGST नवनीत गोयल, वरिष्ठ व्यापारी नेता सुनील जैन तथा जिला अध्यक्ष धर्मेंद्र शर्मा उपस्थित रहे।

व्यापारियों की प्रमुख माँगें

कैट मध्यप्रदेश ने अपने ज्ञापन में वस्तुओं और सेवाओं पर कर दर घटाने के साथ-साथ अनुपालन को सरल बनाने पर जोर दिया है।

1. वस्तुओं पर कर में राहत

  • स्टेशनरी, नमकीन, बिस्किट, आइसक्रीम, सौंदर्य प्रसाधन, ड्राईफ्रूट्स, वस्त्र, मोबाइल (₹30,000 तक), EV पार्ट्स, कृषि उपकरण, साइकिल, खिलौने, टीवी (32 इंच तक) और रसोई बर्तन जैसी रोजमर्रा की वस्तुओं पर GST को 12%/18% से घटाकर 5% करने की माँग।

  • सीमेंट, टायर, वाहन, बैटरी, एयर कंडीशनर और कार्बोनेटेड पेय जैसी वस्तुओं पर GST को 28% से घटाकर 18% करने की सिफारिश।

  • आइसक्रीम जैसी आम उपभोग वस्तु को कॉम्पोज़िशन स्कीम के दायरे में लाने की माँग।

2. सेवाओं पर राहत

  • कोल्ड स्टोरेज, सैलून, शादी समारोह सेवाएँ, खनन पट्टे और कमर्शियल किराये पर GST को अधिकतम 5% तक सीमित करने का प्रस्ताव।

3. अनुपालन को सरल बनाना

  • MSMEs और छोटे व्यापारियों के लिए सरल एक पेज वार्षिक रिटर्न लागू किया जाए।

  • पंजीकरण और कॉम्पोज़िशन स्कीम की सीमा को 5 करोड़ से बढ़ाकर 10 करोड़ किया जाए, ताकि B2C ट्रेडर्स भी इसका लाभ उठा सकें।

  • GST पोर्टल को तकनीकी रूप से मजबूत बनाया जाए और ईमानदार व्यापारियों को अनावश्यक छापों से राहत दी जाए।

4. इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) सुधार

  • आपूर्तिकर्ता की गलती का बोझ खरीदार पर न डाला जाए।

  • इंफ्रास्ट्रक्चर और परिवहन क्षेत्र में डीज़ल, गैस और ATF पर ITC का लाभ दिया जाए।

  • ब्याज दर को 18% से घटाकर 12% करने की माँग।

व्यापार, उपभोक्ता और सरकार – सभी को लाभ

कैट ने कहा कि दर कटौती और अनुपालन में सरलता से न केवल व्यापार लागत घटेगी, बल्कि भारतीय उत्पाद अधिक प्रतिस्पर्धी बनेंगे। उपभोक्ताओं को सस्ते दाम पर वस्तुएँ उपलब्ध होंगी और सरकार के राजस्व में भी वृद्धि होगी। इसके साथ ही मुकदमेबाजी के मामलों में कमी आएगी और व्यवसाय करने का माहौल बेहतर बनेगा।

CAIT की अपील

संगठन ने उम्मीद जताई है कि सरकार व्यापारियों की इन व्यावहारिक माँगों को गंभीरता से सुनेगी और आगामी GST काउंसिल बैठक में सकारात्मक निर्णय लेगी।

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