वूमेन इन साइंस’ की गूंज: एलएनसीटी एंड एस में राष्ट्रीय विज्ञान दिवस पर दो दिवसीय आयोजन
एमपी विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद के सहयोग से पोस्टर, क्विज़, मॉडल प्रदर्शनी और विशेषज्ञ व्याख्यान; छात्र-छात्राओं में शोध के प्रति बढ़ा उत्साह

भोपाल। रायसेन रोड स्थित लक्ष्मी नारायण कॉलेज ऑफ टेक्नोलॉजी एंड साइंस (एलएनसीटी एंड एस) के इंजीनियरिंग केमिस्ट्री विभाग द्वारा राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के अवसर पर 26 एवं 27 फरवरी को दो दिवसीय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह आयोजन मध्य प्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद (एमपीसीएसटी) के सहयोग से संपन्न हुआ।
इस वर्ष कार्यक्रम की थीम “वूमेन इन साइंस: कैटलाइजिंग विकसित भारत” रही, जिसके माध्यम से विज्ञान के क्षेत्र में महिलाओं की भूमिका और राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान को प्रमुखता से रेखांकित किया गया।

विशेषज्ञों ने साझा किए शोध अनुभव
कार्यक्रम में विषय विशेषज्ञ के रूप में डॉ. सविता दीक्षित (प्रोफेसर, केमिस्ट्री, मौलाना आज़ाद राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान), डॉ. नीना अरोरा एवं डॉ. संगीता यादव (श्री सत्य साई कॉलेज फॉर वूमेन) ने भाग लिया।
विशेषज्ञों ने पीपीटी प्रस्तुतीकरण के माध्यम से अपने शोध कार्यों की जानकारी दी तथा भारतीय महिला वैज्ञानिकों के योगदान को रेखांकित किया। वक्ताओं ने छात्राओं को विज्ञान के क्षेत्र में आगे बढ़ने, अनुसंधान को करियर के रूप में अपनाने और नवाचार के माध्यम से देश के विकास में सहभागी बनने के लिए प्रेरित किया।
प्रतियोगिताओं और प्रदर्शनी में दिखी रचनात्मकता
दो दिवसीय आयोजन के दौरान पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता, क्विज़ प्रतियोगिता, साइंस मॉडल एवं प्रोजेक्ट प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। विद्यार्थियों ने पर्यावरण संरक्षण, हरित ऊर्जा, रसायन विज्ञान के अनुप्रयोग और तकनीकी नवाचार जैसे विषयों पर अपने मॉडल एवं प्रोजेक्ट प्रस्तुत किए।
निर्णायक मंडल द्वारा उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों की रचनात्मकता और वैज्ञानिक सोच स्पष्ट रूप से दिखाई दी।
अतिथियों का स्वागत और धन्यवाद ज्ञापन
अतिथियों का स्वागत डॉ. अशोक रॉय (डायरेक्टर एडमिनिस्ट्रेशन) और डॉ. अमितबोध उपाध्याय द्वारा किया गया। कार्यक्रम की संयोजक डॉ. वर्षा परमार एवं सह-संयोजक डॉ. आलोक चंद्रायण ने आयोजन को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी अतिथियों, शिक्षकों और विद्यार्थियों के प्रति आभार व्यक्त किया।
इस अवसर पर बड़ी संख्या में विद्यार्थियों और शिक्षकों की सक्रिय भागीदारी रही।
राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के इस आयोजन ने विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण, शोध के प्रति रुचि और नवाचार की भावना को प्रोत्साहित किया। कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि विकसित भारत के निर्माण में विज्ञान और विशेष रूप से महिला वैज्ञानिकों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।





