मिले सुर मेरा तुम्हारा — सुरों से सजी एक अविस्मरणीय संगीत संध्या…..

इंदौर.
मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी एवं देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर में आयोजित “मिले सुर मेरा तुम्हारा” संगीत संध्या ने शहर के सांस्कृतिक परिवेश को सुरों की मधुरता से सराबोर कर दिया। मध्य प्रदेश प्रेस क्लब एवं केसरी फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में 28 मार्च को जाल सभागृह में आयोजित इस भव्य कार्यक्रम ने न केवल संगीत प्रेमियों को आनंदित किया, बल्कि समाज में सकारात्मक ऊर्जा और सांस्कृतिक समरसता का संदेश भी दिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। इसके पश्चात गणेश वंदना एवं सरस्वती वंदना की मनमोहक प्रस्तुतियों ने वातावरण को भक्तिमय बना दिया। 70 के दशक से लेकर वर्तमान समय तक के लोकप्रिय गीतों, तरानों और देशभक्ति से ओतप्रोत नगमों ने श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। कई प्रस्तुतियों पर दर्शक स्वयं को थिरकने से रोक नहीं पाए, जिससे पूरी संध्या उत्सवमय बन गई।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में मां बगलामुखी धाम के पीठाधीश्वर महामंडलेश्वर स्वामी प्रेमानंद जी महाराज उपस्थित रहे। उन्होंने अपने उद्बोधन में कहा कि “संगीत मन को सुकून और शांति प्रदान करता है, यह आत्मिक संतुलन का सबसे सरल और प्रभावी माध्यम है।”
कार्यक्रम की अध्यक्षता मध्य प्रदेश प्रेस क्लब के अध्यक्ष डॉ. नवीन आनंद जोशी ने की। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजन समाज में छिपी प्रतिभाओं को मंच प्रदान कर सांस्कृतिक चेतना को जीवित रखते हैं।
विशेष अतिथि के रूप में वरिष्ठ पत्रकार प्रकाश हिंदुस्तानी ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि “संगीत के सुरों में अपार शक्ति होती है, यह युद्ध जैसी परिस्थितियों को भी शांत कर सकता है।” वहीं दैनिक दोपहर के प्रधान संपादक नवनीत शुक्ला ने भी आयोजन की सराहना करते हुए इसे समाज के लिए प्रेरणादायक बताया।
कार्यक्रम की सूत्रधार एवं केसरी फाउंडेशन की अध्यक्ष तथा मध्य प्रदेश प्रेस क्लब की सचिव श्रीमती रोमा मल्होत्रा ने बताया कि इस आयोजन का उद्देश्य हर आयु वर्ग की प्रतिभाओं को एक मंच पर लाकर उन्हें अभिव्यक्ति का अवसर देना है। उन्होंने जानकारी दी कि इस संगीत संध्या में 5 वर्ष से लेकर 80 वर्ष तक के कलाकारों ने गायन एवं वाद्य यंत्रों के माध्यम से अपनी प्रतिभा का प्रभावशाली प्रदर्शन किया।
इस अवसर पर दैनिक हेलो हिंदुस्तान के प्रधान संपादक प्रवीण शर्मा, लोकस्वामी के संपादक योगेंद्र जोशी, अखिल भारतीय राजपूत करणी सेना के प्रदेश महासचिव मनीष सिसोदिया, दैनिक चैतन्य लोक के प्रधान संपादक दीपक शर्मा, वरिष्ठ पत्रकार डॉ. कमल हेतावल एवं के.सी. दुबे, वृंदा गौंड सुधा सुखयानी,विनिता मौर्या जी,विमला मनरागे,निशा यादव,रेणु जयसिघांनी, गोपाल कोडवानी, रवि गुप्ता,डॉली खुराना,सुषमा पटेल,डॉ दीप्ति सिंह हाड़ा, विजेंद्र सिंह ठाकुर पम्मी शाह,धर्मेंश जागीरदार,सोनाली सोनी,नम्रता सिंह जी,एवं अतिथि गायक कलाकार गुंजन चौरसिया एवं प्रदीप एम शर्मा बालीवुड सिंगर एवं फाउंडेशन के सदस्य रोहन मल्होत्रा,संजीव कुमार मल्होत्रा,मनोज नजांन,लतिका नजांन,मजुंशा नाचण,बाबा नाचण,शालिनी सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
कार्यक्रम की विशिष्टता यह रही कि इंदौर ट्रैफिक पुलिस की महिला अधिकारियों ने अपने मधुर सुरों के माध्यम से जनता को यातायात नियमों के पालन का संदेश दिया, जो कला और सामाजिक जागरूकता का अद्भुत संगम था। संगीत संध्या में दिव्यांग प्रतिभागी आयुष तिवारी की भावपूर्ण प्रस्तुति ने सभी को भाव-विभोर कर दिया, वहीं हारमोनियम पर बाल कलाकार सार्थक की नन्हीं उंगलियों ने ऐसा जादू बिखेरा कि पूरा सभागार करतल ध्वनि से गूंज उठा। सैक्सोफोन पर आरोह बारगल की प्रस्तुति ने भी श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
इस आयोजन का एक अत्यंत संवेदनशील और प्रेरणादायक पहलू यह रहा कि समाज के उस वर्ग को भी सम्मानित किया गया, जो सामान्यतः अनदेखा रह जाता है—घरों में कार्य करने वाली सेविकाओं को मंच पर सम्मान देकर आयोजकों ने सामाजिक समरसता और सम्मान की अनूठी मिसाल प्रस्तुत की। कार्यक्रम का सफल संचालन श्वेता फड़के ने किया, जबकि आभार प्रदर्शन केसरी फाउंडेशन के संजय मिश्रा ने व्यक्त किया। समग्रतः “मिले सुर मेरा तुम्हारा” केवल एक संगीत संध्या नहीं, बल्कि समाज के विभिन्न वर्गों, आयु समूहों और भावनाओं को एक सूत्र में पिरोने वाला एक सशक्त सांस्कृतिक प्रयास बनकर उभरा, जिसने इंदौर की सांस्कृतिक धरोहर को और अधिक समृद्ध किया।





