टीम इंडिया में टेस्ट ट्रांजिशन की तैयारी शुरू, बीसीसीआई ने 10 साल के विजन के साथ तैयार किया मास्टर प्लान

नई दिल्ली
विराट कोहली, रोहित शर्मा और रविचंद्रन अश्विन जैसे दिग्गज खिलाड़ियों के रिटायरमेंट के चलते भारतीय टीम टेस्ट क्रिकेट में ट्रांजिशन के दौर से गुजर रही है. इधर भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड (BCCI) भी रेड-बॉल क्रिकेट के लिए एक व्यवस्थित सिस्टम तैयार करने में जुटा हुआ है. इसके लिए बीसीसीआई सिर्फ नतीजों पर नहीं, बल्कि बुनियादी चीजों पर काम करना चाहता है. बेंगलुरु स्थित बीसीसीआई का सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (COE) इस पूरे प्रोसेस का नेतृत्व कर रहा है.
इस नई रणनीति में सबसे ज्यादा चर्चा युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी की हो रही है, जिन्हें भारत के भविष्य के स्टार के तौर पर देखा जा रहा है. वैभव हाल ही में 15 साल के हुए हैं, जिसके बाद उन्हें भारतीय टीम में शामिल करने की मांग हो रही है. वैभव के साथ-साथ आयुष म्हात्रे और समीर रिजवी जैसे खिलाड़ी भी इस प्लान का हिस्सा हैं.
चार दिनी टूर्नामेंट में भाग लेंगे युवा खिलाड़ी
समाचार एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक बीसीसीआई ने जून-जुलाई में चार टीमों के बीच चार-दिवसीय टूर्नामेंट कराने का फैसला किया है, जिसमें 64 खिलाड़ी हिस्सा लेंगे. सभी खिलाड़ी 25 साल से कम उम्र के होंगे और अलग-अलग पिचों पर मुकाबले खेलेंगे, ताकि उनकी तकनीक, धैर्य और अनुकूलन क्षमता को परखा जा सके.
इस योजना का मकसद सिर्फ एक टूर्नामेंट कराना नहीं, बल्कि अगले 10 साल के लिए टेस्ट टीम का मजबूत पूल तैयार करना है. चयन प्रक्रिया भी बेहद व्यवस्थित रखी गई है. 25 खिलाड़ी जूनियर क्रिकेट (कूच बिहार ट्रॉफी, सीके नायडू ट्रॉफी) से चुने जाएंगे, 25 खिलाड़ी रणजी और घरेलू सर्किट से आएंगे, जबकि बाकी जगह इंडियन प्रीमियर लीग में खेल रहे उभरते सितारों को दी जाएंगी.
इस पूरी प्रक्रिया में चीफ सेलेक्टर अजीत अगरकर और हेड कोच गौतम गंभीर की अहम भूमिका होगी, जिससे यह साफ है कि यह प्लान लंबी रणनीति का हिस्सा है. इस टूर्नामेंट के प्रदर्शन के आधार पर ही आगे की टीमों का चयन होगा. इंडियन प्रीमियर लीग के 19वें सीजन के खत्म होने के बाद भारत की अंडर-19 और इमर्जिंग टीम श्रीलंका दौरे पर जाएगी, जहां चार-दिवसीय मैच खेले जाएंगे.
भारतीय टीम की टेस्ट क्रिकेट में बादशाहत को पिछले डेढ़ साल में बड़ा धक्का लगा है. लगातार 12 साल तक घर में अजेय रहने वाली टीम इंडिया पहले न्यूजीलैंड और साउथ अफ्रीका से टेस्ट सीरीज हार गई. ऐसे में बीसीसीआई एक्शन मोड में आ चुका है. अगर यह प्लान सफल होता है, तो आने वाले सालों में भारतीय टीम को नई पहचान मिल सकती है.





