MP में EPFO की 108वीं क्षेत्रीय समिति बैठक: 77.77 लाख खाताधारकों और 2.26 लाख पेंशनरों पर फोकस

कुशाभाऊ ठाकरे कन्वेंशन सेंटर में हुई बैठक; रोजगार योजना, लंबित जीवन प्रमाण पत्र और जिला कार्यालयों के लिए जमीन जैसे मुद्दों पर चर्चा

विवेक झा, भोपाल। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) की क्षेत्रीय समिति की 108वीं बैठक बुधवार को कुशाभाऊ ठाकरे कन्वेंशन सेंटर में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता मध्यप्रदेश शासन के श्रम विभाग के अपर सचिव संजय कुमार (भाप्रसे) ने की। इस दौरान अपर केंद्रीय भविष्य निधि आयुक्त गौतम सदस्य सचिव के रूप में उपस्थित रहे।

बैठक में नियोक्ता प्रतिनिधियों के रूप में अनिरुद्ध पिंपलापुरे, विनोद मिश्रा और आरके सिंह तथा कर्मचारी प्रतिनिधि के रूप में कुलदीप सिंह गुर्जर शामिल हुए। सभी सदस्यों ने प्रदेश में EPFO की कार्यप्रणाली और विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा की।

प्रदेश में 1.16 लाख से ज्यादा संस्थान, 77.77 लाख खाताधारक

बैठक में बताया गया कि 1 अप्रैल 2026 तक मध्यप्रदेश में EPFO के अंतर्गत कुल 1,16,315 संस्थान पंजीकृत हैं। इनसे जुड़े खाताधारकों की संख्या 77.77 लाख तक पहुंच चुकी है। इनमें से 27,405 संस्थान नियमित रूप से अंशदान जमा कर रहे हैं, जबकि अंशदायी यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (UAN) की संख्या 17,94,678 है।

इसके अलावा कर्मचारी पेंशन योजना 1995 के तहत राज्य में 2,26,129 पेंशनरों को हर माह पेंशन का लाभ दिया जा रहा है।

दावा निष्पादन और अनुपालन पर प्रस्तुतीकरण

बैठक के दौरान क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त-I शलभ दुबे ने लेखा, वसूली, अनुपालन, पेंशन परियोजनाओं और त्वरित दावा निष्पादन की प्रक्रिया पर विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया। इसमें यह बताया गया कि किस प्रकार दावों के निपटारे को तेजी से किया जा रहा है और पारदर्शिता बढ़ाई जा रही है।

रोजगार योजना में 2 लाख से ज्यादा श्रमिकों को लाभ

समिति को अवगत कराया गया कि प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना के तहत प्रदेश में 21,536 संस्थान लाभ के पात्र हैं। इसके माध्यम से 1,61,866 नए रोजगार पाने वाले और 3,42,650 दोबारा नौकरी में लौटे श्रमिकों को लाभ मिला है।

हालांकि करीब 3000 प्रतिष्ठानों ने अभी तक योजना में पंजीकरण नहीं कराया है। इस पर राज्य सरकार से सहयोग की अपेक्षा जताई गई।

छूट निरस्तीकरण और लंबित पेंशन मामलों पर मंथन

बैठक में उज्जैन की मेसर्स भारत कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज लिमिटेड और इंदौर की मेसर्स इंदौर मालवा यूनाइटेड मिल्स द्वारा EPF अधिनियम 1952 के प्रावधानों का पालन नहीं करने के मामलों पर चर्चा हुई। इन संस्थानों की छूट निरस्तीकरण पर विचार किया गया।

साथ ही 46,208 EPS-95 पेंशनधारकों के लंबित जीवन प्रमाण पत्र का मुद्दा भी उठाया गया। समिति ने तय किया कि इन पेंशनरों से संपर्क स्थापित करने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा।

बंद संस्थानों की जानकारी तत्काल देने की अपील

EPFO ने राज्य सरकार से अनुरोध किया कि प्रदेश में किसी भी संस्था के बंद होने की जानकारी तुरंत साझा की जाए। इससे संबंधित कर्मचारियों के बकाया दावों का समय पर निर्धारण किया जा सकेगा और उन्हें पेंशन, बीमा सहित अन्य लाभ जल्दी मिल सकेंगे।

6 जिलों में कार्यालय भवन के लिए जमीन की जरूरत

बैठक में यह भी बताया गया कि सतना, छिंदवाड़ा, रतलाम, इटारसी, धार और खंडवा में EPFO के जिला कार्यालय भवनों के लिए भूमि की आवश्यकता है। इस संबंध में राज्य सरकार से जमीन उपलब्ध कराने का प्रस्ताव रखा जाएगा।

धन्यवाद ज्ञापन के साथ बैठक संपन्न

बैठक का समापन भविष्य निधि आयुक्त प्रथम शिखर शर्मा द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ किया गया। समिति ने प्रदेश में EPFO की सेवाओं को और बेहतर बनाने तथा हितग्राहियों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए समन्वय बढ़ाने पर जोर दिया।

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