सनातन संस्कृति के संरक्षण के लिए बनेगी नई रणनीति
अखिल विश्व अखंड सनातन सेवा संस्थान की नीति आयोग बैठक में सामाजिक जागरूकता और पर्यावरण संरक्षण पर मंथन

भोपाल में हुई महत्वपूर्ण बैठक
भोपाल। अखिल विश्व अखंड सनातन सेवा संस्थान की महत्वपूर्ण नीति आयोग बैठक रविवार शाम एमपी नगर स्थित Indian Coffee House में आयोजित की गई। बैठक में संस्थान के पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने सनातन संस्कृति के संरक्षण, सामाजिक जागरूकता, पर्यावरण सुरक्षा तथा राष्ट्रहित से जुड़े विषयों पर विस्तारपूर्वक चर्चा की।
युवाओं को संस्कृति से जोड़ने पर जोर
बैठक में वक्ताओं ने कहा कि वर्तमान समय में युवाओं को भारतीय संस्कृति और सनातन मूल्यों से जोड़ना बेहद आवश्यक है। इसके लिए संस्थान द्वारा व्यापक जनजागरण अभियान चलाने की आवश्यकता पर सहमति बनी। पदाधिकारियों ने कहा कि नई पीढ़ी तक संस्कार, परंपरा और भारतीय संस्कृति की मूल भावना पहुंचाने के लिए समाज स्तर पर लगातार कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

पर्यावरण संरक्षण को लेकर बनेगी कार्ययोजना
बैठक में पर्यावरण संरक्षण को लेकर भी गंभीर चर्चा हुई। सदस्यों ने पेड़-पौधों के संरक्षण, स्वच्छता और पर्यावरण जागरूकता को लेकर समाज में अभियान चलाने का प्रस्ताव रखा। संस्थान ने पर्यावरण सुरक्षा को सामाजिक जिम्मेदारी बताते हुए लोगों को इससे जोड़ने की रणनीति पर विचार किया।
संगठन को मजबूत बनाने का संकल्प
बैठक के दौरान संगठन को और अधिक सक्रिय एवं सशक्त बनाने पर भी जोर दिया गया। पदाधिकारियों ने कहा कि संस्था समाजसेवा और राष्ट्रहित के कार्यों को आगे बढ़ाने के लिए प्रदेशभर में अपने नेटवर्क का विस्तार करेगी। साथ ही विभिन्न सामाजिक गतिविधियों में जनभागीदारी बढ़ाने का भी निर्णय लिया गया।
पदाधिकारियों ने रखे विचार
संयोजक मध्यप्रदेश स्वपनिल प्रधान ने संस्थान की आगामी योजनाओं पर प्रकाश डाला। कार्यवाहक अध्यक्ष अविनाश भारद्वाज, प्रदेश अध्यक्ष एस.के. शर्मा एवं महासचिव यज्ञेश चौधरी ने संगठन की कार्यशैली और सामाजिक अभियानों को लेकर अपने विचार व्यक्त किए।
बड़ी संख्या में कार्यकर्ता रहे मौजूद
बैठक में भोपाल अध्यक्ष हरिश दडवानी, संयुक्त सचिव जितेन्द्र सातनकर, उपाध्यक्ष राजेश दशोहरे, प्रदेश मीडिया प्रभारी दुर्गेश रघुवंशी तथा भोपाल उपाध्यक्ष मनीष विश्वकर्मा सहित संस्थान के अनेक पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे। कार्यक्रम सौहार्दपूर्ण एवं सकारात्मक वातावरण में संपन्न हुआ।





