नर्सिंग प्रवेश प्रक्रिया में बड़ा बदलाव: अब INC के नियमों से होंगे एडमिशन

सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद MP सरकार ने जारी किया गजट नोटिफिकेशन, तीन साल से वंचित छात्रों को मिलेगा मौका

विवेक झा, भोपाल। मध्य प्रदेश में नर्सिंग शिक्षा से जुड़े छात्रों के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है। प्रदेश सरकार और मध्य प्रदेश नर्सिंग काउंसिल ने सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के बाद नर्सिंग प्रवेश प्रक्रिया को पूरी तरह भारतीय नर्सिंग परिषद (INC) के नियमों के अनुरूप लागू करने का निर्णय लिया है। इसके लिए सत्र 2026-27 हेतु गजट नोटिफिकेशन भी जारी कर दिया गया है। अब जीएनएम (GNM), पोस्ट बेसिक बीएससी नर्सिंग और एमएससी नर्सिंग में केवल पात्र विद्यार्थियों को काउंसलिंग प्रक्रिया के माध्यम से प्रवेश दिया जाएगा।

PNST से पात्र छात्रों को ही मिलेगा बीएससी नर्सिंग में प्रवेश

नई व्यवस्था के तहत बीएससी नर्सिंग में प्रवेश केवल उन्हीं अभ्यर्थियों को मिलेगा, जिन्हें पीएनएसटी (Pre Nursing Selection Test) परीक्षा में पात्र घोषित किया गया है। वहीं जीएनएम, पोस्ट बेसिक बीएससी नर्सिंग और एमएससी नर्सिंग में प्रवेश भारतीय नर्सिंग परिषद के दिशा-निर्देशों के अनुसार काउंसलिंग के माध्यम से किए जाएंगे। शासन का दावा है कि इससे प्रवेश प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, नियमबद्ध और निष्पक्ष बनेगी।

तीन साल से प्रवेश से वंचित छात्रों को मिलेगा लाभ

मध्य प्रदेश प्राइवेट नर्सिंग कॉलेज एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. प्रणित जैन ने कहा कि छात्र हित को ध्यान में रखते हुए सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश और भारतीय नर्सिंग परिषद के नियमों के अनुरूप आवश्यक सुधार किए हैं। इससे पिछले लगभग तीन वर्षों से प्रवेश से वंचित पात्र विद्यार्थियों को राहत मिलेगी।

उन्होंने कहा कि सरकार और संबंधित विभाग यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं कि सभी पात्र विद्यार्थियों को निष्पक्ष और सुगम तरीके से काउंसलिंग के माध्यम से प्रवेश मिल सके। इससे छात्रों को अनिश्चितता और प्रशासनिक परेशानियों से भी राहत मिलेगी।

प्रदेश में नर्सिंग स्टाफ की कमी को देखते हुए फैसला

डॉ. जैन ने बताया कि प्रदेश में पिछले कई वर्षों से नर्सिंग कर्मियों की लगातार कमी महसूस की जा रही है। अस्पतालों और स्वास्थ्य संस्थानों में प्रशिक्षित नर्सिंग स्टाफ की बढ़ती आवश्यकता को देखते हुए सरकार ने यह कदम उठाया है। नई व्यवस्था से अधिक से अधिक छात्रों को नर्सिंग शिक्षा में प्रवेश का अवसर मिलेगा, जिससे भविष्य में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूती मिलेगी।

रोजगारोन्मुखी शिक्षा को मिलेगा बढ़ावा

विशेषज्ञों का मानना है कि नर्सिंग शिक्षा रोजगार आधारित क्षेत्र है और इसमें प्रशिक्षित युवाओं की देश-विदेश में लगातार मांग बनी हुई है। ऐसे में प्रवेश प्रक्रिया को व्यवस्थित किए जाने से युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर खुलेंगे। साथ ही प्रदेश के अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग के विद्यार्थियों को भी इसका बड़ा लाभ मिलेगा।

काउंसलिंग आधारित प्रवेश से बढ़ेगी पारदर्शिता

शासन द्वारा लागू की गई नई प्रणाली में काउंसलिंग को प्राथमिकता दी गई है, जिससे सीट आवंटन प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी। इससे फर्जी प्रवेश, अनियमितता और विवाद जैसी समस्याओं पर भी अंकुश लगने की संभावना जताई जा रही है। नर्सिंग कॉलेजों को भी अब भारतीय नर्सिंग परिषद के मानकों के अनुरूप प्रवेश प्रक्रिया अपनानी होगी।

स्वास्थ्य क्षेत्र को मिलेगा प्रशिक्षित मानव संसाधन

विशेषज्ञों के अनुसार प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के साथ प्रशिक्षित नर्सिंग स्टाफ की मांग तेजी से बढ़ रही है। ऐसे में यह निर्णय भविष्य में स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। सरकार का उद्देश्य योग्य विद्यार्थियों को अवसर देकर नर्सिंग क्षेत्र में प्रशिक्षित मानव संसाधन तैयार करना है।

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