भोपाल में 15 से 17 जुलाई तक होगा श्रीकृष्ण गोवर्धन मंदिर का भव्य प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव

पाल, बघेल, यादव, धनगर, ग्वाला, गायरी और भारुड़ समाज की सहभागिता से तीन दिवसीय धार्मिक आयोजन; 17 जुलाई को महाअभिषेक, प्राण-प्रतिष्ठा और विशाल भंडारा

भोपाल। राजधानी भोपाल के टी.टी. नगर स्थित माता मंदिर क्षेत्र में पीएचई कार्यालय के समीप स्थित पाल समाज श्रीकृष्ण गोवर्धन मंदिर में 15 से 17 जुलाई तक तीन दिवसीय भव्य प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव का आयोजन किया जाएगा। इस धार्मिक आयोजन में पाल, बघेल, यादव, धनगर, ग्वाला, गायरी और भारुड़ समाज के हजारों श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है। आयोजन को लेकर मंदिर परिसर में तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच चुकी हैं।

मंदिर समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि तीन दिनों तक वैदिक विधि-विधान, धार्मिक अनुष्ठान, कलश यात्रा, देव पूजन, महाअभिषेक, नगर भ्रमण, हवन, पूर्णाहुति और विशाल भंडारे जैसे कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। समाज के लोगों के साथ-साथ विभिन्न राजनीतिक, सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों के प्रतिनिधि भी इस आयोजन में शामिल होंगे।

तीन दिन तक चलेंगे वैदिक अनुष्ठान

पाल समाज श्रीकृष्ण गोवर्धन मंदिर समिति के अध्यक्ष महेन्द्र सिंह बघेल ने बताया कि प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव का शुभारंभ 15 जुलाई को प्रातः 9 बजे होगा। पहले दिन दशा विधि स्नान, कलश यात्रा, गणेश पूजन, देवताओं का आवाहन, जलाधिवास एवं आरती जैसे धार्मिक अनुष्ठान संपन्न होंगे।

उन्होंने बताया कि 16 जुलाई को देव पूजन के साथ अन्नाधिवास, फलाधिवास, शर्कराधिवास, पुष्पाधिवास, शय्याधिवास तथा संध्या आरती का आयोजन किया जाएगा, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होंगे।

17 जुलाई को महाअभिषेक, नगर भ्रमण और प्राण-प्रतिष्ठा

महोत्सव के अंतिम दिन 17 जुलाई को प्रातः 8:30 बजे देव पूजन के साथ सहस्त्रधारा द्वारा महाअभिषेक किया जाएगा। इसके बाद भगवान की प्रतिमाओं का नगर भ्रमण निकलेगा। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच प्राण-प्रतिष्ठा, हवन एवं पूर्णाहुति का आयोजन होगा।

दोपहर 2 बजे महाआरती के बाद श्रद्धालुओं के लिए विशाल भंडारे का आयोजन किया जाएगा, जिसमें हजारों लोगों के प्रसादी ग्रहण करने की व्यवस्था की गई है।

संत-महात्माओं के सान्निध्य में होंगे धार्मिक अनुष्ठान

समिति के अनुसार पूरा आयोजन विख्यात विद्वान पंडित राजेश दुबे शास्त्री के आचार्यत्व में संपन्न होगा। कार्यक्रम में श्री दादू महाराज, देवेन्द्र महाराज, नंदकिशोर महाराज, साध्वी मीरा जी तथा दीनबंधु महाराज का सान्निध्य भी प्राप्त होगा। इनके निर्देशन में सभी धार्मिक अनुष्ठान शास्त्रोक्त विधि से संपन्न किए जाएंगे।

मुख्यमंत्री सहित कई जनप्रतिनिधि होंगे शामिल

समिति ने जानकारी दी कि प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव में प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित हैं। इसके अलावा मंत्री कृष्णा गौर भी कार्यक्रम में शामिल होंगी।

अति विशिष्ट अतिथियों के रूप में विधायक भगवानदास सबनानी, केशव सिंह बघेल (अध्यक्ष, मध्यप्रदेश राज्य पशुधन एवं कुक्कुट विकास निगम), नगर निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी, एमआईसी सदस्य श्रीमती संजना कषाना, डॉ. रश्मि चंद गुप्ता, सतीशचंद गुप्ता, उत्तर प्रदेश पाल समाज के अध्यक्ष राकेश पाल, हिन्दू उत्सव समिति के अध्यक्ष चंद्रशेखर तिवारी तथा पार्षद श्रीमती बृजुला सचान सहित अनेक जनप्रतिनिधियों एवं समाजसेवियों की उपस्थिति प्रस्तावित है।

सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक एकता का बनेगा केंद्र

मंदिर समिति का कहना है कि यह आयोजन केवल धार्मिक अनुष्ठान तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि विभिन्न समाजों के बीच सामाजिक समरसता, सांस्कृतिक एकता और पारस्परिक सहयोग का भी संदेश देगा। पाल, बघेल, यादव, धनगर, ग्वाला, गायरी और भारुड़ समाज के प्रतिनिधि एक साथ मिलकर इस आयोजन को ऐतिहासिक बनाने में जुटे हुए हैं।

सभी समाजजनों से शामिल होने की अपील

समिति के उपाध्यक्ष जयराम बघेल, उर्जन सिंह पाल, तेज सिंह पाल सहित अन्य पदाधिकारियों ने समाज के सभी स्वजातीय बंधुओं एवं धर्मप्रेमी नागरिकों से अधिक से अधिक संख्या में परिवार सहित कार्यक्रम में शामिल होने की अपील की है। उनका कहना है कि इस प्रकार के धार्मिक आयोजन समाज को एकजुट करने के साथ-साथ भारतीय संस्कृति और सनातन परंपराओं को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं।

भंडारे में हजारों श्रद्धालुओं के लिए विशेष व्यवस्था

आयोजन समिति ने बताया कि 17 जुलाई को प्राण-प्रतिष्ठा एवं पूर्णाहुति के बाद दोपहर लगभग 2:30 बजे विशाल भंडारा प्रारंभ होगा। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए प्रसादी वितरण, पेयजल, बैठने एवं पार्किंग सहित सभी आवश्यक व्यवस्थाएं की जा रही हैं। बड़ी संख्या में स्वयंसेवक सेवा कार्य में लगे रहेंगे ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

कार्यक्रम की मुख्य झलकियां

  • 15 जुलाई: दशा विधि स्नान, कलश यात्रा, गणेश पूजन, देव आवाहन एवं जलाधिवास।
  • 16 जुलाई: देव पूजन, अन्नाधिवास, फलाधिवास, शर्कराधिवास, पुष्पाधिवास एवं शय्याधिवास।
  • 17 जुलाई: सहस्त्रधारा महाअभिषेक, नगर भ्रमण, प्राण-प्रतिष्ठा, हवन, पूर्णाहुति, महाआरती एवं विशाल भंडारा।
  • स्थान: पाल समाज श्रीकृष्ण गोवर्धन मंदिर, पीएचई कार्यालय के पास, टी.टी. नगर, माता मंदिर, भोपाल।
  • विशेषता: मुख्यमंत्री, मंत्री, जनप्रतिनिधियों, संत-महात्माओं और हजारों श्रद्धालुओं की प्रस्तावित सहभागिता।

तीन दिवसीय यह आयोजन धार्मिक आस्था, सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक परंपराओं का संगम बनेगा, जिसमें राजधानी सहित आसपास के जिलों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है।

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