भारतीय व्यापार महोत्सव 2026 में मध्यप्रदेश की दमदार भागीदारी की तैयारी

CAIT प्रतिनिधिमंडल ने अपर मुख्य सचिव नीरज मंडलोई से की मुलाकात, भारत मंडपम में होने वाले महोत्सव में राज्य की सहभागिता पर बनी सहमति

विवेक झा, भोपाल। देश के पहले और सबसे बड़े स्वदेशी व्यापार आयोजन “भारतीय व्यापार महोत्सव-2026” में मध्यप्रदेश की प्रभावी भागीदारी सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल शुरू हो गई है। कॉन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (CAIT), मध्यप्रदेश के प्रदेश स्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने मंगलवार को मध्यप्रदेश शासन के अपर मुख्य सचिव एवं मुख्यमंत्री कार्यालय के प्रभारी अधिकारी नीरज मंडलोई से सौहार्दपूर्ण वातावरण में मुलाकात कर महोत्सव में राज्य सरकार की सहभागिता को लेकर विस्तार से चर्चा की।

बैठक में महोत्सव के उद्देश्य, स्वरूप और मध्यप्रदेश के उद्योग, व्यापार, एमएसएमई, हस्तशिल्प एवं निवेश क्षेत्र के लिए उपलब्ध अवसरों पर विस्तृत विचार-विमर्श हुआ। प्रतिनिधिमंडल ने राज्य सरकार से महोत्सव में सक्रिय भागीदारी का आग्रह किया, जिस पर अपर मुख्य सचिव ने सकारात्मक रुख अपनाते हुए आवश्यक सहयोग का आश्वासन दिया।

12 से 15 अगस्त तक भारत मंडपम में होगा देश का सबसे बड़ा स्वदेशी व्यापार आयोजन

बैठक के दौरान CAIT भोपाल जिला अध्यक्ष धर्मेंद्र शर्मा ने बताया कि भारत सरकार के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय, इंडियन ट्रेड प्रमोशन ऑर्गेनाइजेशन (ITPO) तथा कॉन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (CAIT) के संयुक्त तत्वावधान में 12 से 15 अगस्त, 2026 तक भारत मंडपम, नई दिल्ली में “भारतीय व्यापार महोत्सव-2026” का आयोजन किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि यह आयोजन देश का पहला और सबसे बड़ा स्वदेशी व्यापार महोत्सव होगा, जिसमें देशभर के उद्योग, व्यापारिक प्रतिष्ठान, एमएसएमई, स्टार्टअप, वन डिस्ट्रिक्ट-वन प्रोडक्ट (ODOP), जीआई (Geographical Indication) उत्पाद, हस्तशिल्प, कुटीर उद्योग, कृषि आधारित उत्पाद और निवेश से जुड़े अनेक क्षेत्रों को एक ही मंच पर प्रदर्शित किया जाएगा।

मध्यप्रदेश के उत्पादों को मिलेगा राष्ट्रीय और वैश्विक मंच

प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि यदि मध्यप्रदेश शासन इस महोत्सव में सक्रिय रूप से भागीदारी करता है तो प्रदेश के पारंपरिक उत्पादों, हस्तशिल्प, जनजातीय उत्पादों, लघु एवं मध्यम उद्योगों तथा स्टार्टअप्स को राष्ट्रीय ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय खरीदारों और निवेशकों तक पहुंचने का सुनहरा अवसर मिलेगा।

उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, हस्तशिल्प, हथकरघा, खाद्य प्रसंस्करण, कृषि आधारित उद्योग और आदिवासी उत्पादों की देश-विदेश में बड़ी मांग है। ऐसे में यह महोत्सव प्रदेश के उत्पादों की ब्रांडिंग और विपणन के लिए प्रभावी मंच साबित हो सकता है।

अपर मुख्य सचिव ने दिया सकारात्मक आश्वासन

बैठक के दौरान अपर मुख्य सचिव नीरज मंडलोई ने भारतीय व्यापार महोत्सव की अवधारणा की सराहना करते हुए कहा कि यह आयोजन देश के व्यापार, उद्योग और ‘वोकल फॉर लोकल’ अभियान को नई दिशा देने वाला महत्वपूर्ण मंच बन सकता है।

उन्होंने मध्यप्रदेश शासन की ओर से महोत्सव में सहभागिता को लेकर सकारात्मक आश्वासन दिया और कहा कि राज्य के विभिन्न विभागों के माध्यम से प्रभावी भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक समन्वय किया जाएगा।

उन्होंने यह भी सहमति जताई कि आगामी चरण में महोत्सव की आयोजन समिति द्वारा विस्तृत प्रेजेंटेशन प्रस्तुत किया जाएगा, जिसके आधार पर सहभागिता की कार्ययोजना को अंतिम रूप दिया जाएगा।

निवेश, एमएसएमई और स्टार्टअप को मिलेगा बढ़ावा

बैठक में इस बात पर भी चर्चा हुई कि महोत्सव के माध्यम से मध्यप्रदेश के एमएसएमई, स्टार्टअप, निर्यातकों, व्यापारियों और उद्यमियों को नए बाजारों तक पहुंच बनाने, व्यापारिक नेटवर्क विकसित करने तथा निवेश आकर्षित करने के अवसर प्राप्त होंगे।

प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि महोत्सव के दौरान देश-विदेश के खरीदारों, निवेशकों और उद्योग प्रतिनिधियों की उपस्थिति से मध्यप्रदेश के उत्पादों को व्यापक पहचान मिलेगी, जिससे स्थानीय उद्योगों और व्यापार को नई गति मिल सकती है।

प्रदेशभर के व्यापारियों को जोड़ने की तैयारी

CAIT प्रतिनिधियों ने बताया कि महोत्सव में मध्यप्रदेश के विभिन्न जिलों के व्यापारियों, उद्योगपतियों और उद्यमियों की अधिकाधिक भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए व्यापक स्तर पर तैयारियां शुरू की जाएंगी। इसके लिए विभिन्न व्यापारिक संगठनों, उद्योग संघों और सरकारी विभागों के साथ समन्वय स्थापित किया जाएगा।

ये रहे बैठक में शामिल प्रमुख प्रतिनिधि

अपर मुख्य सचिव से हुई इस महत्वपूर्ण बैठक में CAIT मध्यप्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष सुनील अग्रवाल, सुनील जैन ‘501’, संदीप गोधा तथा भोपाल जिला अध्यक्ष धर्मेंद्र शर्मा प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।

प्रतिनिधिमंडल ने विश्वास व्यक्त किया कि मध्यप्रदेश शासन के सहयोग से प्रदेश के उद्योग, व्यापार, एमएसएमई, हस्तशिल्प, जनजातीय उत्पाद और निवेश संभावनाओं को राष्ट्रीय एवं वैश्विक स्तर पर नई पहचान मिलेगी तथा “भारतीय व्यापार महोत्सव-2026” में मध्यप्रदेश की सहभागिता एक महत्वपूर्ण उपलब्धि साबित होगी।

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