Gold Price Hike: सोना ₹19,000 महंगा, चांदी ₹10,673 उछली; क्या ₹1.80 लाख के पार जाएगा गोल्ड?

इंदौर
एमसीएक्स गोल्ड की कीमतों में इस महीने अबतक 19000 रुपये की तेजी देखने को मिली है। सोने का दाम मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज में लगातार पांचवें हफ्ते बढ़ा है। कीमतों में उछाल के पीछे की वजह यूएस डॉलर के दाम का कम होना है। जिसकी वजह से निवेशकों का ध्यान सोने की तरफ बढ़ा है। यही वजह है सोने के दाम बढ़े हैं। बता दें, इस हफ्ते भले ही क्रूड ऑयल का दाम बढ़ा हो। लेकिन इसके बाद भी अमेरिकी फेड रिजर्व की तरफ से ब्याज दरों में बढ़ोतरी की संभावना काफी कम है। इस माहौल ने भी सोने के दाम में बढ़ोतरी में सहयोग किया है।
सिर्फ सोना ही नहीं, चांदी की कीमतों में भी उछाल देखने को मिल रही है। शुक्रवार को चांदी का रेट 10673 रुपये की उछाल के बाद 248124 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर पहुंच गया था।
एक्सपर्ट्स का क्या कहना है (Gold Outlook)
एनरिच मनी के सीईओ पॉनमुडी आर का कहना है कि मौजूदा समय में गोल्ड के लिए 162500 रुपये से 163000 रुपये का जोन रुकावट भरा है। अगर गोल्ड का रेट 163000 रुपये के करीब जाने में सफल रहा तो यह निश्चित तौर पर 165000 रुपये तक जाएगा।
1 हफ्ते में 8000 रुपये बढ़ा दाम (Gold Rates today)
एमसीएक्स गोल्ड का रेट पिछले एक हफ्ते में 8000 रुपये प्रति 10 ग्राम बढ़ा है। जिसके बाद मल्टीकमोडिटी एक्सचेंज पर सोने का दाम 162438 रुपये के स्तर पर पहुंच गया है। अगस्त में गोल्ड की कीमतों में 13.30 प्रतिशत या फिर 19000 रुपय प्रति दस ग्राम बढ़ गया है। बता दें, 2026 में सोने की कीमतों में अबतक 20 प्रतिशत की उछाल देखने को मिली है।
हालिया तेजी की वजह से गोल्ड ने गिरावट के दौरान हुए नुकसान को रिकवर कर लिया है। एक बार फिर से दाम रिकॉर्ड हाई 180779 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर के करीब पहुंच गया है। मौजूदा समय में रिकॉर्ड हाई की तुलना में सोने का दाम अपने उच्चतम स्तर से 10 प्रतिशत कम है। इस महीने की शुरुआत में रिकॉर्ड की तुलना में गोल्ड 21 प्रतिशत सस्ता था।
तीन महीने के न्यूनतम स्तर पर डॉलर
गोल्ड के लिए अच्छी बात यह है डॉलर का दाम लगातार कम हुआ है। यूएस डॉलर का मौजूदा रेट इस समय तीन महीने के न्यूनतम स्तर के करीब है। पिछले हफ्ते बुधवार को कीमतें काफी नीचे चली गई थी। इसके अलावा गवर्नमेंट बायबैक की काफी पुरानी योजना पर यूएस ट्रेजरी का आगे बढ़ने का प्लान है। अगर ऐसा हुआ तो डॉलर पर दबाव बढ़ेगा। जोकि गोल्ड की तेजी के लिए मुफीद रहेगा।





