ब्रिक्स घोषणा से भारतीय कारोबार को मिलेगा वैश्विक विस्तार का अवसर

कैट ने नई दिल्ली घोषणा को बताया ऐतिहासिक उपलब्धि; व्यापार सुगमता, डिजिटल भुगतान, स्थानीय मुद्राओं में लेन-देन और तकनीकी सहयोग से एमएसएमई व निर्यातकों को लाभ की उम्मीद

भारतीय व्यापारियों के लिए खुलेंगे नए बाजार

नई दिल्ली/भोपाल। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में घोषित नई दिल्ली घोषणा को कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) ने भारतीय व्यापारियों, एमएसएमई, स्टार्टअप्स और निर्यातकों के लिए वैश्विक अवसरों के नए द्वार खोलने वाला कदम बताया है। कैट के अनुसार, घोषणा से व्यापार, निवेश और कारोबारी साझेदारियों को बढ़ावा मिलेगा। इससे भारतीय उद्यमियों को ब्रिक्स देशों के बाजारों में अपनी पहुंच बढ़ाने का अवसर मिल सकता है।

चांदनी चौक से सांसद एवं कैट के राष्ट्रीय महामंत्री प्रवीण खंडेलवाल ने कहा कि नई दिल्ली घोषणा भारत के बढ़ते वैश्विक प्रभाव और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सफलता का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि भारत अब विश्व मंच पर एक सशक्त और विश्वसनीय आवाज के रूप में अपनी भूमिका निभा रहा है।

व्यापार सुगमता और डिजिटल भुगतान पर जोर

कैट ने कहा कि ब्रिक्स घोषणा में व्यापार सुगमता, डिजिटल भुगतान, स्थानीय मुद्राओं में लेन-देन, तकनीकी सहयोग और मजबूत आपूर्ति श्रृंखलाओं पर दिया गया जोर भारतीय कारोबार के लिए महत्वपूर्ण है। इन व्यवस्थाओं से सीमा पार व्यापार की प्रक्रिया आसान हो सकती है और छोटे कारोबारियों को अंतरराष्ट्रीय बाजारों से जुड़ने में मदद मिल सकती है।

स्थानीय मुद्राओं में लेन-देन को बढ़ावा मिलने से कारोबारियों को विदेशी मुद्रा से जुड़े जोखिम और लेन-देन की जटिलताओं को कम करने का अवसर मिल सकता है। वहीं डिजिटल भुगतान और फिनटेक सहयोग से छोटे व्यापारियों तथा एमएसएमई के लिए अंतरराष्ट्रीय भुगतान व्यवस्था अधिक सुविधाजनक बनने की उम्मीद है।

निष्पक्ष व्यापार व्यवस्था का स्वागत

कैट ने निष्पक्ष एवं नियम-आधारित वैश्विक व्यापार व्यवस्था के प्रति प्रतिबद्धता का स्वागत किया है। संगठन ने कहा कि संरक्षणवादी नीतियों के विरोध से विकासशील देशों के व्यापारिक हितों को मजबूती मिल सकती है। इससे अंतरराष्ट्रीय व्यापार में समान अवसर और पारदर्शिता का माहौल तैयार करने में मदद मिलेगी।

कैट के मुताबिक, यदि वैश्विक व्यापार व्यवस्था में नियमों का समान रूप से पालन होता है, तो भारतीय निर्माताओं, व्यापारियों और निर्यातकों को नए बाजारों में प्रतिस्पर्धा करने का बेहतर अवसर मिलेगा। इससे विशेष रूप से छोटे और मध्यम उद्यमों को लाभ हो सकता है, जो अभी तक सीमित संसाधनों के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक नहीं पहुंच पाते हैं।

आत्मनिर्भर भारत के विजन को मिलेगी गति

कैट ने नई दिल्ली घोषणा को आत्मनिर्भर भारत, मेक इन इंडिया, वोकल फॉर लोकल और लोकल टू ग्लोबल के विजन के अनुरूप बताया। संगठन का कहना है कि वैश्विक व्यापारिक सहयोग बढ़ने से भारतीय उत्पादों को विदेशी बाजारों में पहुंचाने की संभावनाएं मजबूत होंगी।

भारतीय एमएसएमई, स्टार्टअप्स और स्थानीय निर्माता यदि ब्रिक्स देशों की आपूर्ति श्रृंखलाओं से जुड़ते हैं, तो उन्हें उत्पादन, तकनीक, निवेश और निर्यात के क्षेत्र में नए अवसर मिल सकते हैं। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार और कारोबारी गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलने की संभावना है।

एआई, नवाचार और फिनटेक पर विशेष ध्यान

कैट ने डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, नवाचार और फिनटेक पर दिए गए विशेष जोर का भी स्वागत किया। संगठन ने कहा कि इन क्षेत्रों में भारत तेजी से वैश्विक नेतृत्व की भूमिका निभा रहा है। तकनीकी सहयोग बढ़ने से भारतीय स्टार्टअप्स और नवाचार आधारित कंपनियों को अंतरराष्ट्रीय साझेदारियां विकसित करने का अवसर मिलेगा।

कैट के अनुसार, एआई और डिजिटल तकनीक का उपयोग व्यापार प्रबंधन, आपूर्ति श्रृंखला, ग्राहक सेवाओं, भुगतान प्रणाली और निर्यात प्रक्रियाओं को अधिक प्रभावी बनाने में किया जा सकता है। इससे छोटे कारोबारियों की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता भी बढ़ सकती है।

आतंकवाद के खिलाफ सख्त रुख का समर्थन

कैट ने ब्रिक्स घोषणा में आतंकवाद के खिलाफ अपनाए गए सख्त रुख का समर्थन किया। संगठन ने कहा कि यह भारत की लंबे समय से चली आ रही नीति को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर समर्थन मिलने का संकेत है। कैट के अनुसार, वैश्विक व्यापार और आर्थिक विकास के लिए शांतिपूर्ण, सुरक्षित और स्थिर वातावरण आवश्यक है।

‘ब्रिक्स ट्रेड कनेक्ट मिशन’ शुरू करने का सुझाव

नई दिल्ली घोषणा की भावना के अनुरूप प्रवीण खंडेलवाल ने “ब्रिक्स ट्रेड कनेक्ट मिशन” शुरू करने का सुझाव दिया है। इस मिशन के माध्यम से भारतीय व्यापारियों और एमएसएमई को ब्रिक्स देशों के बाजारों से जुड़ी जानकारी, संभावित खरीदारों और विक्रेताओं का विवरण, निर्यात सहायता तथा व्यावसायिक नेटवर्किंग की सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकती हैं।

उन्होंने कहा कि यदि ऐसा प्लेटफॉर्म तैयार किया जाता है, तो भारतीय कारोबारी ब्रिक्स देशों में व्यापारिक संभावनाओं की पहचान कर सकेंगे। साथ ही, खरीदार-विक्रेता बैठकें, व्यापार प्रतिनिधिमंडल, उत्पाद प्रदर्शनियां और डिजिटल कारोबारी संपर्क के माध्यम से निर्यात को बढ़ावा दिया जा सकता है।

आर्थिक सहयोग का रोडमैप है घोषणा

कैट ने कहा कि नई दिल्ली घोषणा केवल एक कूटनीतिक दस्तावेज नहीं, बल्कि आर्थिक विकास, व्यापार विस्तार और वैश्विक सहयोग का दूरदर्शी रोडमैप है। संगठन के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत वैश्विक आर्थिक व्यवस्था के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

कैट ने उम्मीद जताई कि ब्रिक्स देशों के बीच बढ़ता सहयोग भारतीय व्यापारियों, उद्यमियों, एमएसएमई, स्टार्टअप्स और उद्योग जगत के लिए नए अवसर पैदा करेगा। इससे भारतीय उत्पादों को वैश्विक बाजारों में पहचान दिलाने और देश के व्यापारिक आधार को मजबूत करने में मदद मिल सकती है।

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