बाबा रामदेवजी के जन्मोत्सव पर निकली भव्य कलश शोभायात्रा
राजहर्ष कॉलोनी के बाबा रामदेव दरबार मंदिर में दो दिवसीय आयोजन संपन्न; भजन-कीर्तन, सुंदरकांड पाठ और विशाल भंडारे में श्रद्धालुओं ने ग्रहण की प्रसादी

जयकारों और भजनों से गूंजा कोलार क्षेत्र
भोपाल। लोकदेवता बाबा रामदेवजी के जन्मोत्सव के अवसर पर राजहर्ष कॉलोनी, नयापुरा, कोलार रोड स्थित बाबा रामदेव दरबार मंदिर में आयोजित दो दिवसीय धार्मिक कार्यक्रम श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ संपन्न हुआ। बाबा रामदेव दरबार मंदिर रुणिचा धाम सेवा समिति की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में भव्य कलश शोभायात्रा, भजन-कीर्तन, सुंदरकांड पाठ और विशाल भंडारा प्रमुख आकर्षण रहे। आयोजन श्री राजेश गुरुजी के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ।
जन्मोत्सव के अवसर पर मंदिर परिसर में सुबह से ही श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था। भक्तों ने बाबा रामदेवजी के दर्शन कर पूजा-अर्चना की और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की। पूरे मंदिर परिसर में धार्मिक उत्साह और भक्तिमय वातावरण बना रहा।
माताओं-बहनों ने धारण किए सुसज्जित कलश
रविवार सुबह मंदिर परिसर से भव्य कलश शोभायात्रा निकाली गई। यात्रा में बड़ी संख्या में माताएं-बहनें सुसज्जित कलश धारण कर शामिल हुईं। पारंपरिक धार्मिक वातावरण के बीच निकली शोभायात्रा में श्रद्धालु भजनों और भक्तिमय संगीत पर उत्साहपूर्वक आगे बढ़ते रहे।
शोभायात्रा के दौरान ‘बाबा रामदेवजी महाराज की जय’ के जयकारों से पूरा क्षेत्र गूंज उठा। श्रद्धालुओं की आस्था और उत्साह देखते ही बन रहा था। कई स्थानों पर स्थानीय लोगों ने शोभायात्रा का स्वागत किया। मार्ग में भक्तों ने श्रद्धालुओं के लिए स्वागत और सेवा की व्यवस्था भी की।

बिजासन माता मंदिर पहुंची शोभायात्रा
कलश शोभायात्रा बाबा रामदेव मंदिर से प्रारंभ होकर नयापुरा स्थित बिजासन माता मंदिर पहुंची। यहां श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना कर माता का आशीर्वाद लिया। धार्मिक अनुष्ठान के बाद शोभायात्रा पुनः बाबा रामदेव मंदिर परिसर लौटी और वहीं इसका समापन किया गया।
यात्रा के दौरान श्रद्धालु पूरे रास्ते भक्ति में लीन रहे। भजनों, जयकारों और धार्मिक गीतों से वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से भर गया। शोभायात्रा में शामिल लोगों ने इसे बाबा रामदेवजी के प्रति अपनी श्रद्धा और समर्पण का प्रतीक बताया।
पहले दिन हुआ भजन-कीर्तन और सुंदरकांड पाठ
जन्मोत्सव के पहले दिन मंदिर परिसर में भजन-कीर्तन और सुंदरकांड पाठ का आयोजन किया गया। श्रद्धालुओं ने सामूहिक रूप से सुंदरकांड का पाठ किया और बाबा रामदेवजी के भजनों का आनंद लिया। देर शाम तक मंदिर परिसर में भक्ति संगीत की स्वर-लहरियां गूंजती रहीं।
भजन-कीर्तन के दौरान श्रद्धालु भक्ति भाव में झूमते नजर आए। आयोजन में शामिल लोगों ने कहा कि धार्मिक कार्यक्रमों से समाज में आपसी प्रेम, भाईचारे और आध्यात्मिक चेतना को बढ़ावा मिलता है।
विशाल भंडारे में श्रद्धालुओं ने ग्रहण की प्रसादी
जन्मोत्सव का समापन विशाल भंडारे और प्रसादी वितरण के साथ हुआ। मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं के लिए प्रसादी की व्यवस्था की गई थी। बड़ी संख्या में लोगों ने भंडारे में प्रसादी ग्रहण की। समिति के सदस्यों और सेवाभावी कार्यकर्ताओं ने व्यवस्था संभालते हुए श्रद्धालुओं को प्रसादी वितरित की।
भंडारे के दौरान सेवा, सहयोग और समर्पण की भावना दिखाई दी। आयोजन समिति ने सभी श्रद्धालुओं, सहयोगियों और कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त किया, जिनके सहयोग से दो दिवसीय धार्मिक आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
आस्था और सेवा का संदेश
बाबा रामदेवजी के जन्मोत्सव पर आयोजित कार्यक्रम ने श्रद्धालुओं को भक्ति के साथ सेवा और सामाजिक एकता का संदेश दिया। कलश शोभायात्रा, भजन-कीर्तन और भंडारे में क्षेत्र के लोगों की सहभागिता ने आयोजन को विशेष बना दिया।
समिति की ओर से कहा गया कि बाबा रामदेवजी के प्रति श्रद्धा और धार्मिक परंपराओं को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से भविष्य में भी ऐसे आयोजन किए जाते रहेंगे। कार्यक्रम के समापन पर श्रद्धालुओं ने बाबा रामदेवजी से क्षेत्र और समाज में सुख, शांति एवं समृद्धि की कामना की।




