दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति बोले- एक झटके में खत्म नहीं होगा उत्तर कोरिया का न्यूक्लियर मुद्दा

सोल
साउथ कोरिया के राष्ट्रपति ली जे म्युंग ने कहा है कि वे इस हफ्ते संयुक्त राष्ट्र महासभा में उत्तर कोरिया को परमाणु हथियारों से मुक्त करने के लिए एक चरणबद्ध और व्यावहारिक तरीका अपनाने की बात रखेंगे. उन्होंने कहा कि साउथ कोरिया और अमेरिका दोनों ही उत्तर कोरिया के साथ फिर से बातचीत शुरू करने के लिए तैयार हैं।
यह बयान ऐसे समय में आया है जब उत्तर कोरिया लगातार अपने हथियारों का परीक्षण बढ़ा रहा है, भले ही अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने साउथ कोरिया के साथ होने वाले बड़े सैन्य अभ्यास को कम करके उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन की तरफ दोस्ती का हाथ बढ़ाया हो।
न्यूयॉर्क जाने से पहले सोमवार को एक समाचार चैनल को दिए लिखित जवाब में ली ने कहा कि किसी चलती हुई गाड़ी की दिशा बदलने के लिए पहले उसे रोकना जरूरी होता है. उनका मतलब था कि उत्तर कोरिया के परमाणु मुद्दे को हल करने के लिए रुकना, कम करना और फिर पूरी तरह खत्म करना, यह तरीका सबसे व्यावहारिक है।
उत्तर कोरिया का परमाणु कार्यक्रम लगातार आगे बढ़ रहा है, जिसके चलते सवाल उठ रहे हैं कि क्या इसे एक ही बार में पूरी तरह खत्म किया जा सकता है. ट्रंप ने पिछले महीने दावा किया था कि उत्तर कोरिया के पास 57 परमाणु हथियार हैं, जबकि कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि यह संख्या 100 से भी ज्यादा हो सकती है. ली ने कहा कि उत्तर कोरिया की क्षमताएं जितनी बढ़ चुकी हैं, उसे देखते हुए पूरी तरह खत्म होने का इंतजार करना सही रास्ता नहीं है, क्योंकि इस बीच खतरा और बढ़ता जाएगा।
ली ने कोरियाई युद्ध को औपचारिक रूप से खत्म करने के लिए बातचीत का प्रस्ताव भी दोहराया. उन्होंने चिंता जताई कि चरणबद्ध तरीके से उत्तर कोरिया कुछ फायदे लेकर पूरी तरह हथियार छोड़ने से मना कर सकता है, इसलिए एक मजबूत बातचीत का ढांचा जरूरी है जिससे तीनों पक्षों का भला हो।
ट्रंप ने पिछले महीने साउथ कोरिया के साथ अभ्यास को कम करने का ऐलान पहले से बातचीत किए बिना ही किया था, जिससे दोनों देशों के गठबंधन को लेकर चिंता बढ़ी. ली ने माना कि यह फैसला कुछ अचानक आया, लेकिन उन्होंने इसे अमेरिका की तरफ से दुश्मनी न होने के संकेत के तौर पर देखा. उन्होंने बताया कि जहाज निर्माण क्षेत्र में साझेदारी से दोनों देशों को फायदा होगा।
ली ने यह भी कहा कि उनकी सरकार ईरान और अमेरिका के टकराव में शामिल नहीं होगी, बल्कि खाड़ी में अपने जहाजों की सुरक्षा के लिए नौसेना की मौजूदगी बढ़ाने पर विचार कर रही है. साथ ही उन्होंने संयुक्त राष्ट्र में सुधार की जरूरत बताई और एआई के फायदे सभी देशों तक पहुंचाने की बात कही. किम जोंग उन की बेटी को लेकर पूछे सवाल पर ली ने कहा कि अभी इस बारे में कोई पक्का बयान देना जल्दबाजी होगी।





