Tax Audit की डेडलाइन 30 सितंबर से बढ़ाकर 31 अक्टूबर करने की मांग, CBDT को भेजे अभ्यावेदन
भोपाल में टैक्स लॉ बार एसोसिएशन ने जताई चिंता; CA अंकुर अग्रवाल बोले- अब तक करीब 10% ऑडिट रिपोर्ट ही दाखिल, 7 दिन में बाकी 90% रिपोर्ट पूरी करना व्यावहारिक नहीं

30 सितंबर की समय सीमा, लेकिन ऑडिट का काम अभी काफी बाकी
भोपाल, 22 सितंबर। आयकर अधिनियम की धारा 44AB के तहत Tax Audit Report (Form 3CA/3CB-3CD) दाखिल करने की अंतिम तिथि 30 सितंबर 2026 निर्धारित है। समय सीमा में अब कुछ ही दिन शेष रहने के बीच टैक्स प्रोफेशनल्स ने इसकी डेडलाइन बढ़ाने की मांग तेज कर दी है। टैक्स लॉ बार एसोसिएशन, भोपाल के उपाध्यक्ष CA अंकुर अग्रवाल के अनुसार, देशभर में अभी तक लगभग 10% Tax Audit Reports ही दाखिल हो पाई हैं।
टैक्स प्रोफेशनल्स का कहना है कि शेष करीब 90% ऑडिट रिपोर्ट को निर्धारित समय सीमा के अंतिम दिनों में पूरा करना व्यवहारिक रूप से मुश्किल है। इसी को देखते हुए अंतिम तिथि 30 सितंबर से बढ़ाकर 31 अक्टूबर 2026 करने की मांग की जा रही है।
जुलाई-अगस्त में Non-Audit ITR में व्यस्त रहे प्रोफेशनल्स
CA अंकुर अग्रवाल ने बताया कि इस वर्ष Non-Audit ITR की देय तिथि 31 अगस्त तक थी। इसके कारण जुलाई और अगस्त के दौरान बड़ी संख्या में कर सलाहकार और प्रोफेशनल्स Non-Audit Returns दाखिल करने के काम में व्यस्त रहे।
उनके अनुसार, इसका सीधा प्रभाव Tax Audit के लिए उपलब्ध प्रभावी समय पर पड़ा। टैक्स प्रोफेशनल्स को ऑडिट कार्य पूरा करने के लिए व्यवहारिक रूप से पहले की तुलना में कम समय मिला।
बड़े कारोबारियों की Balance Sheet Format में बदलाव
इस वर्ष 5 करोड़ रुपए से अधिक टर्नओवर वाले करदाताओं की Balance Sheet के फॉर्मेट में भी बदलाव किया गया है। प्रेस नोट के अनुसार, नए फॉर्मेट में बैलेंस शीट तैयार करने में अतिरिक्त समय लग रहा है।
टैक्स प्रोफेशनल्स का कहना है कि नई आवश्यकताओं के अनुसार आंकड़ों को व्यवस्थित करने, दस्तावेजों की जांच और ऑडिट प्रक्रिया पूरी करने में सामान्य वर्षों की तुलना में अधिक समय लग रहा है।
ITR Utility, AIS/TIS की विसंगतियों से बढ़ी परेशानी
ऑडिट प्रक्रिया में एक अन्य चुनौती नए ITR Utility, AIS/TIS में दिखाई देने वाली विसंगतियों और आयकर पोर्टल पर लोड को बताया गया है।
CA अंकुर अग्रवाल के अनुसार, इन तकनीकी और डेटा संबंधी समस्याओं के कारण Tax Audit Reports को अंतिम रूप देने में अतिरिक्त समय लग रहा है। ऐसे में अंतिम सप्ताह में बहुत बड़ी संख्या में लंबित ऑडिट रिपोर्ट को पूरा करना प्रोफेशनल्स के लिए कठिन चुनौती बन गया है।
‘7 दिन में 90% रिपोर्ट पूरी करना व्यावहारिक नहीं’
टैक्स लॉ बार एसोसिएशन की ओर से कहा गया है कि यदि अभी तक लगभग 10% ऑडिट रिपोर्ट ही दाखिल हुई हैं, तो शेष करीब 90% रिपोर्ट को केवल सात दिनों में पूरा करना व्यावहारिक रूप से संभव नहीं माना जा सकता।
संगठन का कहना है कि ऑडिट रिपोर्ट तैयार करने में केवल ऑनलाइन फॉर्म भरना ही शामिल नहीं है। इसमें खातों की जांच, दस्तावेजों का सत्यापन, कर प्रावधानों का परीक्षण और संबंधित आंकड़ों का मिलान जैसे कई चरण शामिल होते हैं।
व्यापारिक संगठनों और टैक्स सलाहकार संघों ने भी उठाई मांग
प्रेस नोट के अनुसार, देशभर के व्यापारिक संगठनों, उद्योग मंडलों और कर सलाहकार संघों की ओर से केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) को अभ्यावेदन भेजे गए हैं। इनमें Tax Audit Report की अंतिम तिथि को 30 सितंबर से बढ़ाकर 31 अक्टूबर 2026 करने की मांग की गई है।
टैक्स प्रोफेशनल्स का कहना है कि समय सीमा बढ़ने से ऑडिट प्रक्रिया को पर्याप्त समय मिलेगा और रिपोर्ट जल्दबाजी के बजाय आवश्यक जांच-पड़ताल के बाद दाखिल की जा सकेगी।
CBDT के फैसले का इंतजार
टैक्स प्रोफेशनल्स की ओर से डेडलाइन बढ़ाने की मांग किए जाने के बावजूद, प्रेस नोट के अनुसार CBDT या वित्त मंत्रालय की ओर से अभी तक इस संबंध में कोई निर्णय जारी नहीं हुआ है।
इस कारण कर सलाहकारों और करदाताओं के बीच अंतिम तिथि को लेकर स्थिति स्पष्ट होने का इंतजार है। फिलहाल 30 सितंबर 2026 की निर्धारित समय सीमा लागू है और किसी आधिकारिक विस्तार की घोषणा नहीं हुई है।
समय सीमा बढ़ाने की मांग के पीछे ये प्रमुख कारण
टैक्स प्रोफेशनल्स द्वारा रखे गए प्रमुख कारणों में—
- Non-Audit ITR की 31 अगस्त की डेडलाइन के कारण जुलाई-अगस्त में व्यस्तता।
- 5 करोड़ रुपए से अधिक टर्नओवर वाले करदाताओं की Balance Sheet Format में बदलाव।
- नए ITR Utility से जुड़ी प्रक्रिया।
- AIS/TIS में विसंगतियां।
- आयकर पोर्टल पर लोड के कारण आने वाली तकनीकी दिक्कतें।
- Tax Audit के लिए प्रभावी रूप से कम मिला समय।
- अंतिम दिनों में बड़ी संख्या में रिपोर्ट दाखिल करने का दबाव।
शामिल हैं।
टैक्स लॉ बार एसोसिएशन ने CBDT से परिस्थितियों को देखते हुए Tax Audit Report की अंतिम तिथि 31 अक्टूबर 2026 तक बढ़ाने की मांग की है।





