फ्लाईदुबई विमान में 174 लोगों की जान बचाने वाले कैप्टन स्मित मच्छार को सर्वोत्तम जीवन रक्षा पदक देने की मांग

कैट ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से किया विशेष आग्रह, भारत लौटने पर होगा भव्य नागरिक अभिनंदन; गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद संकट के समय साहस और सूझबूझ दिखाने वाले पायलट के सम्मान की उठाई आवाज

नई दिल्ली/भोपाल। फ्लाईदुबई विमान में गंभीर संकट के दौरान यात्रियों की जान बचाने में अहम भूमिका निभाने वाले भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार को देश के सर्वोच्च जीवन रक्षा सम्मान ‘सर्वोत्तम जीवन रक्षा पदक’ से सम्मानित करने की मांग उठी है। कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारत सरकार से विशेष आग्रह किया है कि कैप्टन मच्छार के साहस, सूझबूझ और कर्तव्यनिष्ठा को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया जाए। संगठन ने यह भी घोषणा की है कि कैप्टन के भारत लौटने पर उनका भव्य नागरिक अभिनंदन किया जाएगा।

कैट के राष्ट्रीय महामंत्री एवं चांदनी चौक से सांसद प्रवीण खंडेलवाल ने कहा कि गंभीर परिस्थितियों में घायल होने के बावजूद कैप्टन मच्छार ने जिस तरह साहस का परिचय दिया, वह मानवता, पेशेवर प्रतिबद्धता और दूसरों की जान बचाने के संकल्प का उदाहरण है। संगठन के अनुसार, विमान में 174 यात्री और चालक दल के सदस्य सवार थे। संकट के दौरान कैप्टन की कार्रवाई से यात्रियों और चालक दल को हस्तक्षेप करने का अवसर मिला और संभावित बड़े हादसे को टालने में मदद मिली।

गंभीर रूप से घायल होने के बाद भी नहीं छोड़ा हौसला

प्रेस नोट के मुताबिक, उड़ान के दौरान कॉकपिट में हुई घटना में कैप्टन स्मित मच्छार गंभीर रूप से घायल हो गए थे। इसके बावजूद उन्होंने संकट की स्थिति में सूझबूझ दिखाई। अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, घायल अवस्था में उनके द्वारा कॉकपिट का दरवाजा खोलने के बाद यात्रियों और चालक दल के अन्य सदस्यों को हस्तक्षेप करने का अवसर मिला। इसके बाद विमान को सुरक्षित रूप से सऊदी अरब के तबुक में उतारा गया।

कैट का कहना है कि इस घटना में कैप्टन का साहस और कर्तव्य के प्रति समर्पण राष्ट्रीय सम्मान का पात्र है। संगठन ने प्रधानमंत्री से आग्रह किया है कि उनके योगदान पर विचार करते हुए उन्हें सर्वोत्तम जीवन रक्षा पदक प्रदान किया जाए।

क्या है सर्वोत्तम जीवन रक्षा पदक?

सर्वोत्तम जीवन रक्षा पदक भारत सरकार की जीवन रक्षा पदक श्रृंखला का सर्वोच्च सम्मान है। यह उन लोगों को दिया जाता है, जो अपनी जान पर गंभीर खतरा होने के बावजूद दूसरों के प्राण बचाने के लिए असाधारण साहस दिखाते हैं।

कैट का मानना है कि कैप्टन मच्छार का साहस इस सम्मान की भावना के अनुरूप है। संगठन के अनुसार, उनका योगदान केवल विमान में सवार लोगों की सुरक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि यह संकट के समय जिम्मेदारी निभाने और मानवीय मूल्यों को प्राथमिकता देने की प्रेरणा भी देता है।

हालांकि, फिलहाल यह सम्मान देने की मांग कैट की ओर से की गई है। कैप्टन मच्छार को पदक दिए जाने की किसी सरकारी घोषणा की जानकारी प्रेस नोट में नहीं दी गई है।

कैट मध्यप्रदेश ने भी की सम्मान की मांग

कैट मध्यप्रदेश के मीडिया प्रभारी धर्मेंद्र शर्मा ने कहा कि कैप्टन स्मित मच्छार का साहस पूरे देश के लिए गौरव का विषय है। संकट की घड़ी में अपनी सुरक्षा की चिंता से ऊपर यात्रियों की जान बचाने के प्रयास करना अदम्य साहस और कर्तव्यनिष्ठा का परिचायक है।

शर्मा के मुताबिक, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा कैप्टन के साहस की सराहना किया जाना भी देश के लिए गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर औपचारिक सम्मान से ऐसे लोगों के योगदान को पहचान मिलेगी, जो कठिन परिस्थितियों में दूसरों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हैं।

उन्होंने कहा कि कैप्टन मच्छार का साहस आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बन सकता है। कैट मध्यप्रदेश सहित देशभर का व्यापारिक समुदाय उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना कर रहा है।

भारत लौटने पर होगा नागरिक अभिनंदन

कैट के राष्ट्रीय महामंत्री प्रवीण खंडेलवाल ने घोषणा की कि कैप्टन स्मित मच्छार के भारत आने पर संगठन की ओर से भव्य नागरिक अभिनंदन समारोह आयोजित किया जाएगा। इसमें देशभर के व्यापारिक संगठनों के प्रतिनिधि शामिल होकर उनके साहस और योगदान के प्रति सम्मान व्यक्त करेंगे।

कैट ने कहा कि देश के व्यापारी समुदाय की ओर से कैप्टन के प्रति आभार व्यक्त करना जरूरी है। संगठन उनके शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना करते हुए उम्मीद कर रहा है कि सरकार भी उनके साहस को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित करने के प्रस्ताव पर विचार करेगी।

कैट की मांग का केंद्र यह है कि कैप्टन स्मित मच्छार के साहस को केवल प्रशंसा तक सीमित न रखा जाए, बल्कि उन्हें औपचारिक राष्ट्रीय सम्मान देकर उनके योगदान को मान्यता दी जाए। अब इस मांग पर केंद्र सरकार की ओर से आगे क्या कदम उठाया जाता है, इस पर नजर रहेगी।

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