“एक दीप अपने घर, एक जरूरतमंद के नाम: 11 वर्षों से खुशियां बांट रहा CBOA भोपाल”
दूसरों के जीवन में खुशियों के दीप जलाना ही सच्ची दीपावली

केनरा बैंक ऑफिसर्स एसोसिएशन भोपाल 11 वर्षों से जरूरतमंद परिवारों के साथ बांट रहा त्योहार की खुशियां; बच्चों को मिठाई, पटाखे, बिस्तर और जरूरी सामग्री देकर पेश की मानवता की मिसाल
भोपाल। दीपावली का त्योहार रोशनी, उल्लास और खुशियों का प्रतीक है। घरों में दीप जलते हैं, मिठाइयां बांटी जाती हैं और परिवार एक-दूसरे के साथ उत्सव मनाते हैं। लेकिन समाज में ऐसे अनेक परिवार भी हैं, जिनके लिए त्योहार की खुशियां जुटाना आसान नहीं होता। आर्थिक कठिनाइयों के बीच उनके लिए बच्चों को मिठाई दिलाना, उपहार देना या घर में त्योहार की तैयारी करना भी चुनौती बन जाता है। ऐसे परिवारों के जीवन में खुशियों की रोशनी पहुंचाने के उद्देश्य से केनरा बैंक ऑफिसर्स एसोसिएशन (सीबीओए), भोपाल पिछले 11 वर्षों से दीपावली पर सेवा अभियान चला रहा है।
एसोसिएशन का मानना है कि दीपावली की सार्थकता केवल अपने घर को रोशन करने में नहीं, बल्कि जरूरतमंदों के जीवन में भी खुशियों का उजाला लाने में है। इसी भावना के साथ संगठन हर वर्ष जरूरतमंद बच्चों और परिवारों को मिठाइयां, पटाखे, बिस्तर तथा अन्य आवश्यक सामग्री वितरित कर उनके साथ त्योहार की खुशियां साझा करता है। संगठन की यह पहल समाज में संवेदनशीलता, सहयोग और मानवीय मूल्यों का संदेश दे रही है।

11 वर्षों से जारी है सेवा और संवेदना का अभियान
केनरा बैंक ऑफिसर्स एसोसिएशन, भोपाल का यह अभियान पिछले 11 वर्षों से निरंतर जारी है। संगठन के महासचिव के. रवि कुमार के मार्गदर्शन और वरिष्ठ उपाध्यक्ष के.के. त्रिपाठी के नेतृत्व में सदस्य दीपावली के अवसर पर जरूरतमंद परिवारों तक सहायता पहुंचाने का प्रयास करते हैं।
इस पहल के पीछे उद्देश्य केवल आवश्यक सामग्री वितरित करना नहीं, बल्कि उन परिवारों को यह एहसास कराना भी है कि त्योहार की खुशियों में वे अकेले नहीं हैं। बच्चों के लिए मिठाई और छोटे उपहार जहां त्योहार को यादगार बनाते हैं, वहीं बिस्तर और अन्य जरूरी सामग्री परिवारों की दैनिक आवश्यकताओं में भी सहायक होती है।

संगठन का यह प्रयास बताता है कि सामाजिक सेवा के लिए बड़े संसाधनों की ही जरूरत नहीं होती। सामूहिक सहयोग, संवेदनशील सोच और दूसरों की जरूरतों को समझने की भावना से भी समाज में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है।
संगठन के सदस्यों ने निभाई महत्वपूर्ण भूमिका
इस सेवा अभियान में एसोसिएशन के अनेक सदस्यों ने सहयोग किया। इनमें विभू जोशी, मनीष चतुर्वेदी, टी.एन. वेंडिया, पुष्कर पांडे, हरिशंकर पांडे, परिनीता केशरी, आयुषी मालवीय, रवीना मिश्रा, भूमिका राजपूत, स्तुति श्रीवास्तव, लीना चौहान, उर्वशी राजपूत, पीयूष शर्मा, विश्वजीत, सुरेंद्र राजपूत, अंकित सिरोही, सन्नी श्रीवास्तव, अरुण सिंह, राजीव नारायण, अमित अग्रवाल, राजीव कश्यप, भूपेंद्र वर्मा, अजित सदानी और रजनीश शिंदे सहित अन्य सदस्यों का योगदान रहा।
संगठन के सदस्यों का यह सामूहिक प्रयास इस बात का उदाहरण है कि जब लोग किसी सामाजिक उद्देश्य के लिए एकजुट होते हैं, तो छोटी-छोटी कोशिशें भी किसी परिवार के लिए बड़ी खुशी का कारण बन सकती हैं।

खुशियां बांटने के लिए धनवान नहीं, संवेदनशील होना जरूरी
सीबीओए भोपाल ने समाज से अपील की है कि खुशियां बांटने के लिए धनवान होना जरूरी नहीं, बल्कि संवेदनशील हृदय होना आवश्यक है। यदि हर व्यक्ति अपने त्योहार के बजट से थोड़ा-सा हिस्सा किसी जरूरतमंद परिवार की खुशियों के लिए निकाल दे, तो अनेक घरों में मुस्कान लाई जा सकती है।

संगठन के अनुसार, सहायता का महत्व उसकी कीमत से नहीं, बल्कि उसके पीछे छिपी भावना से तय होता है। किसी बच्चे को मिठाई देना, छोटा-सा उपहार देना या किसी परिवार की जरूरत के समय सम्मानपूर्वक मदद का हाथ बढ़ाना भी उसके लिए बड़ी खुशी बन सकता है।
एसोसिएशन ने लोगों से अपने आसपास ऐसे परिवारों की पहचान करने का आग्रह किया है, जिन्हें त्योहार के समय सहयोग की जरूरत होती है। साथ ही इस बात पर जोर दिया है कि मदद करते समय जरूरतमंद व्यक्ति की गरिमा और आत्मसम्मान का पूरा ध्यान रखा जाना चाहिए।

दीपावली की असली रोशनी दूसरों के चेहरों की मुस्कान में
त्योहारों के दौरान अक्सर घरों की सजावट, खरीदारी और उपहारों पर विशेष ध्यान दिया जाता है। लेकिन समाज के कमजोर वर्गों के साथ खुशियां साझा करने से त्योहार का अर्थ और व्यापक हो जाता है। जरूरतमंद बच्चों के लिए मिठाई या उपहार जैसी छोटी-सी चीज भी उत्साह और खुशी का कारण बन सकती है।
सीबीओए भोपाल का 11 वर्षों से जारी सेवा अभियान इसी विचार को आगे बढ़ाता है कि समाज तभी अधिक संवेदनशील और सुंदर बनेगा, जब लोग अपनी खुशियों के साथ दूसरों की खुशियों का भी ध्यान रखेंगे।
संगठन का संदेश है कि इस दीपावली हर व्यक्ति अपने घर में एक दीप जलाने के साथ किसी जरूरतमंद के जीवन में उम्मीद का एक और दीप जलाने का संकल्प ले। त्योहार की सबसे खूबसूरत रोशनी केवल दीपों में नहीं, बल्कि उन चेहरों की मुस्कान में भी दिखाई देती है, जिनके जीवन में हमारी छोटी-सी पहल से खुशी आती है।
सीबीओए भोपाल की यह पहल दीपावली के अवसर पर सेवा, संवेदना और सामाजिक जिम्मेदारी का संदेश देती है। संगठन की अपील है कि इस पर्व पर खुशियां केवल अपने परिवार तक सीमित न रखें, बल्कि जरूरतमंदों को भी उत्सव का हिस्सा बनाएं। आखिरकार, खुशियां बांटने से ही बढ़ती हैं और दूसरों के जीवन में उजाला लाना ही सच्ची दीपावली है।





