महाशिवरात्रि पर दर्शन व्यवस्था तय, 10 लाख श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद; प्रवेश मार्ग और पैदल दूरी तय

उज्जैन
विश्व प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग भगवान महाकाल के मंदिर में आगामी 15 फरवरी को महाशिवरात्रि का महापर्व पूरी श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जाएगा। इस अवसर पर देशभर से उमड़ने वाले लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन और मंदिर प्रबंध समिति ने पुख्ता इंतजाम शुरू कर दिए हैं। रविवार को कलेक्टर रौशन कुमार सिंह ने व्यवस्थाओं का जायजा लेने के लिए मंदिर क्षेत्र का विस्तृत निरीक्षण किया।

महाशिवरात्रि महापर्व 2026 (15 फरवरी) पर भगवान महाकाल के दर्शन के लिए उमड़ने वाली भारी भीड़ को देखते हुए श्री महाकालेश्वर मंदिर समिति ने व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं। इस अवसर पर सामान्य श्रद्धालुओं को लगभग डेढ़ किलोमीटर और 250 रुपए की शीघ्र दर्शन रसीद या पासधारी श्रद्धालुओं को करीब एक किलोमीटर पैदल चलने के बाद भगवान महाकाल के दर्शन होंगे।

भक्तों को सुलभ और सुरक्षित दर्शन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से भस्म आरती दर्शन, लड्डू प्रसाद, पूछताछ केंद्र, पार्किंग, जूता स्टैंड, पेयजल, प्रकाश, सुरक्षा और अन्य मूलभूत सुविधाओं को लेकर मंदिर परिसर में अहम बैठक आयोजित की गईं। जिसमें कई निर्णय लिए गए। बैठक में कलेक्टर एवं मंदिर प्रशासक रौशन सिंह, प्रथम कौशिक, डीआईजी नवनीत भसीन, एसपी प्रदीप शर्मा, निगम आयुक्त अभिलाष मिश्र, सहायक प्रशासक आशीष फलवाडीया सहित मंदिर समिति के अधिकारी मौजूद रहे।

कलेक्टर ने तैयार किया सुरक्षा और दर्शन का रोडमैप

कलेक्टर रौशन कुमार सिंह ने विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ दर्शन मार्ग, सुरक्षा व्यवस्था और भीड़ प्रबंधन (Crowd Management) का अवलोकन किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि भक्तों को कम से कम समय में सुगमता से दर्शन हों, इसके लिए एक ठोस रोडमैप तैयार किया जाए। निरीक्षण के दौरान उन्होंने श्रद्धालुओं की आवाजाही के रास्तों और मूलभूत सुविधाओं जैसे पीने का पानी, छाया और प्राथमिक चिकित्सा की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

सामान्य श्रद्धालुओं की प्रवेश-निर्गम व्यवस्था

सामान्य श्रद्धालु भील समाज धर्मशाला के समीप बने द्वार से प्रवेश करेंगे। वे भील समाज धर्मशाला, चारधाम मंदिर पार्किंग, शक्ति पथ, त्रिवेणी संग्रहालय के समीप, नंदी द्वार, श्री महाकाल महालोक, मानसरोवर भवन, फेसेलिटी सेंटर-01, टनल, नवीन टनल-01 होते हुए गणेश मंडपम से भगवान महाकाल के दर्शन कर सकेंगे। दर्शन के बाद श्रद्धालु आपातकालीन निर्गम द्वार से बाहर निकलकर बड़ा गणेश मंदिर, हरसिद्धि मंदिर चौराहा होते हुए अपने गंतव्य की ओर जाएंगे।

शीघ्र दर्शन व पासधारी श्रद्धालुओं की व्यवस्था

शीघ्र दर्शन 250 रुपए टिकटधारी श्रद्धालुओं के लिए अलग से बैरिकेटिंग की गई है। ये श्रद्धालु भील समाज धर्मशाला, चारधाम मंदिर पार्किंग, अशोक सेतु, मानसरोवर भवन, फेसेलिटी सेंटर-01, टनल, नवीन टनल-01 होते हुए गणेश मंडपम से दर्शन करेंगे। इसके अलावा शीघ्र दर्शन टिकटधारी श्रद्धालु हरसिद्धि पाल पार्किंग, बड़ा गणेश गली, प्रीपेड बूथ तिराहा, शहनाई जिगजेग, द्वार क्रमांक-01 से मंदिर में प्रवेश कर दर्शन कर सकेंगे।

भस्म आरती दर्शन व्यवस्था

महाशिवरात्रि पर्व पर भस्म आरती के लिए पंजीयनधारी श्रद्धालुओं का प्रवेश मानसरोवर भवन और द्वार क्रमांक-01 से निर्धारित किया गया है।

पार्किंग सुविधा के लिए

    पार्किंग : सामान्य श्रद्धालु के लिए कर्कराज पार्किंग, मेघदूत पार्किंग में व्यवस्था की गई है।
    शीघ्र दर्शन टिकटधारी श्रद्धालुओं के लिए कार्तिक मेला ग्राउंड, राणौजी की छत्रि, शगुन गार्डन, महाकाल मंडपम् पर व्यवस्था की गई है।
    जूता स्टैंड : सुविधा के लिए भील समाज धर्मशाला, झालरिया मठ एवं हरसिद्धि पाल पर व्यवस्था की गई।
    शीघ्र दर्शन काउंटर : कर्कराज पार्किंग, हरसिद्धि पाल पार्किंग पर की जाएगी।
    लड्डू प्रसाद : काउंटरों की व्यवस्था नृसिंहघाट रोड पर एवं हरसिद्धि रोड पर की जाएगी।

प्रशासन की अपील

मंदिर समिति और प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे निर्धारित मार्गों का पालन करें, सुरक्षा व्यवस्था में सहयोग करें और धैर्य बनाए रखें, जिससे सभी भक्त सुचारू रूप से भगवान महाकाल के दर्शन कर सकें।

कलेक्टर ने तैयार किया सुरक्षा और दर्शन का रोडमैप

कलेक्टर रौशन कुमार सिंह ने विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ दर्शन मार्ग, सुरक्षा व्यवस्था और भीड़ प्रबंधन (Crowd Management) का अवलोकन किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि भक्तों को कम से कम समय में सुगमता से दर्शन हों, इसके लिए एक ठोस रोडमैप तैयार किया जाए। निरीक्षण के दौरान उन्होंने श्रद्धालुओं की आवाजाही के रास्तों और मूलभूत सुविधाओं जैसे पीने का पानी, छाया और प्राथमिक चिकित्सा की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

 

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