नई दिल्ली में एफबीआई निदेशक ने दिल्ली पुलिस आयुक्त संजय अरोड़ा से मुलाकात की

दिल्ली.

राजधानी दिल्ली में मंगलवार को  संघीय जांच ब्यूरो यानी एफबीआई के निदेशक क्रिस्टोफर ए रे दिल्ली पुलिस के मुख्यालय पहुंचे। जहां उन्होंने सीपी संजय अरोड़ा समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात की। रे एक अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल के साथ दिल्ली पुलिस के मुख्यालय पहुंचे थे। जो जय सिंह रोड स्थित है। मिली जानकारी के मुताबिक, दिल्ली पुलिस ने बताया कि अधिकारियों ने आतंकवाद, साइबर धोखाधड़ी और फर्जी कॉल सेंटर समेत अन्य मुद्दों पर चर्चा की। एफबीआई प्रमुख के दौरे के चलते पहले ही सुरक्षा व्यवस्था को सख्त कर दिया गया था।

अमेरिका के संघीय जांच ब्यूरो (एफबीआई) के निदेशक क्रिस्टोफर ए रे मंगलवार को राष्ट्रीय राजधानी में दिल्ली पुलिस के मुख्यालय गए और उन्होंने आयुक्त संजय अरोड़ा एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात की। रे अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों के साथ जय सिंह रोड स्थित पुलिस मुख्यालय पहुंचे। दिल्ली पुलिस के सूत्रों ने बताया कि अधिकारियों ने आतंकवाद, साइबर धोखाधड़ी और फर्जी कॉल सेंटर समेत अन्य मुद्दों पर चर्चा
की। एफबीआई प्रमुख की यात्रा के मद्देनजर मुख्यालय के आसपास के क्षेत्र की घेराबंदी कर दी गई थी। अमेरिकी जांच एजेंसी ‘फेडरल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन' (एफबीआई) के निदेशक क्रिस्टोफर रे ने सोमवार को केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) के निदेशक प्रवीण सूद से मुलाकात की थी। रे दो दिवसीय यात्रा पर रविवार शाम दिल्ली पहुंचे थे और उनका भारतीय कानून-व्यवस्था अवस्थापना से जुड़े शीर्ष अधिकारियों से भी मिलने का कार्यक्रम था। अधिकारियों ने बताया कि सूद और रे की मुलाकात के दौरान साइबर अपराध से जुड़ी सूचनाओं के आदान-प्रदान से संबंधित विभिन्न पहलुओं, मादक पदार्थ, लंबित न्यायिक अनुरोध और वांछित अपराधियों के प्रत्यर्पण से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई।

यह उच्चस्तरीय यात्रा अमेरिकी धरती पर सिख अलगाववादी गुरपतवंत सिंह पन्नू की हत्या की नाकाम साजिश में कथित तौर पर भारत के शामिल होने के वाशिंगटन के आरोपों की पृष्ठभूमि में हो रही है। भारत ने आरोपों की जांच के लिए पहले ही जांच टीम गठित कर दी है। आपको बता दें कि 2017 में कार्यभार संभालने के बाद एफबीआई प्रमुख क्रिस्टोफर रे की यह पहली भारत यात्रा है। साथ-साथ 12 वर्षों में किसी एफबीआई निदेशक की ये पहली यात्रा है। जिन मुद्दे पर चर्चाएं हो रही हैं, वो हैं – खालिस्तान अलगाववाद आतंकवाद, गैंगस्टर-आतंकी सांठगांठ और जम्मू-कश्मीर में पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद। सूत्रों के मुताबिक रे के केंद्रीय खुफिया एजेंसियों और गृह मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों से भी मिलने की संभावना है। इस मुलाकात के दौरान दोनों देशों के अधिकारी अपने-अपने सबूत एक-दूसरे के सामने रखेंगे।

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