बैल की मौत का बदला बना बाघ की जान का दुश्मन: जहर देकर हत्या, रेडियो कॉलर से खुला राज

नर्मदापुरम 

सतपुड़ा टाइगर रिजर्व (एसटीआर) के बाघ की नजदीकी छिंदवाड़ा जिले में जहर देकर हत्या कर दी गई। छिंदवाड़ा के छाती आम गांव में यह घटना करीब 10 दिन पहले हुई। हत्या का आरोप किसान उदय सिंह पर लगा है।
रेडियो कॉलर आईडी से खुला मौत का राज

किसान ने बाघ के शव को एक गड्ढे में डालकर उसे पत्तों से ढंक दिया था। बाघ को रेडियो कॉलर आईडी लगी हुई थी। उसकी लोकेशन एक ही स्थान पर आ रही थी। उसे खोजते हुए एसटीआर और छिंदवाड़ा वन विभाग की टीम जब घटनास्थल पर पहुंची तो घटना का राज खुला।

छिंदवाड़ा डीएफओ साहिल गर्ग ने बताया शुक्रवार को छाती आम गांव के एक खेत में बाघ की लोकेशन मिली थी। यहां पहुंचने पर कर्मचारियों को बाघ का सड़ चुका शव मिला। खेत के मालिक उदय सिंह से पूछताछ की तो उसने यूरिया का घोल मांस पर डालकर बाघ की हत्या की बात स्वीकार की।

चार आरोपित गिरफ्तार, टाइगर रिजर्व प्रबंधन पर उठे सवाल

छिंदवाड़ा वन विभाग ने उदय सिंह के अलावा सहयोगी बिसनलाल शीलू, झिरना माखननगर निवासी मनोहर सिंह, कूचीखोह निवासी कैलाश के विरुद्ध संरक्षित वन्य जीव की हत्या का केस दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है। एसटीआर की क्षेत्र संचालक राखी नंदा ने बताया कि विशेषज्ञों ने शव का पोस्टमार्टम किया और प्रोटोकॉल के साथ अंतिम संस्कार किया गया।

बता दें, मारे गए बाघ को करीब डेढ़ साल पहले ही बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व से एसटीआर लाया गया था। कॉलर आईडी वाले बाघ को 10 दिनों तक नहीं ढूंढ पाने पर रिजर्व प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।

 

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