अविनाश नगर में पेड़ों की कटाई पर बवाल
बिना अनुमति 50 पेड़ गिराने के आरोप; वीडियो बना रहे लोगों को धमकाने का दावा, रहवासियों ने जांच की मांग की

भोपाल। राजधानी के अविनाश नगर इलाके में रविवार को पेड़ों की कटाई को लेकर जमकर हंगामा हो गया। स्थानीय रहवासियों ने आरोप लगाया कि एक बिल्डर द्वारा बिना संबंधित विभागों की अनुमति के जेसीबी मशीन लगाकर करीब 50 पेड़ों को गिराया गया। घटना की जानकारी लगते ही बड़ी संख्या में लोग मौके पर पहुंच गए और विरोध शुरू कर दिया। मामले ने तब और तूल पकड़ लिया जब वीडियो बना रहे लोगों को कथित रूप से डराने-धमकाने की बात सामने आई।
सुबह से चल रही थी पेड़ हटाने की कार्रवाई
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक अविनाश नगर के मुख्य मार्ग के सामने सुबह से ही जेसीबी मशीन लगाकर पेड़ों को हटाने का काम किया जा रहा था। इलाके के लोगों का कहना है कि पेड़ों को एक-एक कर गिराया जा रहा था और मौके पर किसी विभागीय अनुमति या नोटिस की जानकारी उपलब्ध नहीं थी।
रहवासियों के अनुसार, क्षेत्र में लंबे समय से हरियाली बनी हुई थी और अचानक बड़े पैमाने पर पेड़ काटे जाने से लोग नाराज हो गए। कुछ लोगों ने आरोप लगाया कि कार्रवाई जल्दबाजी में की गई, ताकि विरोध बढ़ने से पहले काम पूरा किया जा सके।

वीडियो बनाने पहुंचे लोग, बढ़ा विवाद
घटना की सूचना फैलते ही स्थानीय नागरिक मौके पर पहुंचे और मोबाइल फोन से वीडियो रिकॉर्डिंग शुरू कर दी। लोगों का कहना है कि वे कार्रवाई का प्रमाण जुटाना चाहते थे ताकि संबंधित विभागों तक मामला पहुंचाया जा सके।
इसी दौरान विवाद और बढ़ गया। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि वीडियो बना रहे नागरिकों को धमकाने की कोशिश की गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक कुछ लोगों ने कहा कि “तुम्हारे घर भी अवैध हैं, उन्हें भी गिराया जा सकता है।” इस कथित बयान के बाद माहौल तनावपूर्ण हो गया और लोगों में आक्रोश फैल गया।

रहवासियों ने उठाए अनुमति पर सवाल
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि पेड़ों की कटाई के लिए नगर निगम, वन विभाग या अन्य किसी संबंधित एजेंसी से अनुमति ली गई थी तो उसके दस्तावेज सार्वजनिक किए जाएं। लोगों का आरोप है कि बिना वैधानिक प्रक्रिया अपनाए पर्यावरण को नुकसान पहुंचाया गया है।
रहवासियों ने कहा कि शहर में लगातार हरित क्षेत्र कम होते जा रहे हैं, ऐसे में बड़ी संख्या में पेड़ों की कटाई गंभीर विषय है। उनका कहना है कि विकास कार्यों के नाम पर पर्यावरण नियमों की अनदेखी नहीं की जा सकती।
प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग
मामले को लेकर क्षेत्रीय नागरिकों ने भोपाल नगर निगम, वन विभाग और पुलिस प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग की है। लोगों का कहना है कि यदि बिना अनुमति पेड़ काटे गए हैं तो जिम्मेदार लोगों पर सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।
स्थानीय लोगों ने यह भी मांग की कि पूरे मामले की जांच कर यह स्पष्ट किया जाए कि पेड़ों को हटाने का आदेश किस स्तर से जारी हुआ और क्या पर्यावरणीय नियमों का पालन किया गया था।
प्रशासन की ओर से नहीं आया आधिकारिक बयान
फिलहाल इस मामले में प्रशासन या संबंधित पक्ष की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। हालांकि क्षेत्र में पूरे घटनाक्रम को लेकर चर्चा बनी हुई है और रहवासी जल्द कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।





