जीएसटीआर-9 और 9ए में गलती सुधारने का मौका न चूकें, रिटर्न भरते समय सावधानी जरूरी

इनकम टैक्स पेयर एसोसिएशन भोपाल के सेमिनार में CA एस. खंडेलवाल ने जीएसटी काउंसिल की 57वीं बैठक के निर्णयों और वार्षिक रिटर्न की बारीकियां समझाईं; नवंबर में दाखिल होने वाली अक्टूबर की रिटर्न को लेकर कारोबारियों को किया जागरूक

विवेक झा, भोपाल। जीएसटी रिटर्न भरते समय हुई गलतियों का समय पर सुधार करना कारोबारियों के लिए जरूरी है। विशेष रूप से वित्त वर्ष 2025-26 से संबंधित विवरणों का मिलान करते समय करदाताओं को सावधानी बरतनी चाहिए। इसी विषय पर इनकम टैक्स पेयर एसोसिएशन भोपाल की ओर से एमपी नगर स्थित होटल अतिशय में जीएसटी पर सेमिनार आयोजित किया गया। इसमें इंदौर से आए चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) एस. खंडेलवाल ने जीएसटी काउंसिल की 57वीं बैठक में तय किए गए विभिन्न बिंदुओं, जीएसटीआर-9 और जीएसटीआर-9ए की उपयोगिता तथा वार्षिक रिटर्न भरते समय बरती जाने वाली सावधानियों पर विस्तार से जानकारी दी।

सेमिनार में बताया गया कि जीएसटी रिटर्न और खातों में दर्ज आंकड़ों का सही मिलान करना जरूरी है। वित्त वर्ष के दौरान दाखिल रिटर्न में सामने आई विसंगतियों की पहचान कर निर्धारित समयसीमा के भीतर उचित प्रक्रिया से सुधार किया जाना चाहिए। इससे कर विवरणी तैयार करते समय होने वाली त्रुटियों और बाद में उत्पन्न होने वाली परेशानियों से बचने में मदद मिल सकती है।

जीएसटीआर-9 और 9ए भरते समय रखें विशेष ध्यान

CA एस. खंडेलवाल ने जीएसटीआर-9 और जीएसटीआर-9ए के महत्व को समझाते हुए बताया कि वार्षिक रिटर्न तैयार करने से पहले पूरे वित्त वर्ष के कारोबार, बिक्री, खरीद, इनपुट टैक्स क्रेडिट और पहले दाखिल की गई रिटर्न का मिलान करना जरूरी है।

उन्होंने वित्त वर्ष 2025-26 से संबंधित गलतियों के संदर्भ में नवंबर में दाखिल होने वाली अक्टूबर की रिटर्न को महत्वपूर्ण बताया। उनके अनुसार, इस अवधि में संबंधित वित्त वर्ष की रिटर्न में सुधार का अंतिम अवसर हो सकता है। ऐसे में कारोबारियों और कर सलाहकारों को समय रहते अपने रिकॉर्ड की जांच कर लेनी चाहिए।

जीएसटीआर-9 और जीएसटीआर-9ए दाखिल करते समय आंकड़ों की शुद्धता, पहले जमा किए गए विवरणों से मिलान और लागू प्रावधानों का ध्यान रखना जरूरी है। हालांकि, वार्षिक रिटर्न दाखिल करना अपने आप में पहले की सभी गलतियों को सुधारने का विकल्प नहीं है। सुधार की प्रक्रिया और समयसीमा संबंधित गलती तथा लागू जीएसटी नियमों पर निर्भर करती है।

जीएसटी काउंसिल के फैसले अधिसूचना के बाद होंगे लागू

सेमिनार में जीएसटी काउंसिल की 57वीं बैठक में लिए गए विभिन्न निर्णयों पर भी चर्चा हुई। वक्ता ने बताया कि काउंसिल ने व्यापारियों के हित में कई निर्णय किए हैं, लेकिन इनका लाभ संबंधित प्रावधानों के आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी होने या जीएसटी कानून में आवश्यक संशोधन होने के बाद ही मिल सकेगा।

इसलिए कारोबारियों को किसी भी नए निर्णय को लागू मानने से पहले उससे संबंधित आधिकारिक अधिसूचना और प्रभावी तारीख की जानकारी लेनी चाहिए। सेमिनार का उद्देश्य नियोक्ताओं, व्यापारियों और कर पेशेवरों को जीएसटी से जुड़े बदलावों तथा रिटर्न अनुपालन के प्रति जागरूक करना रहा।

सदस्यों ने लिया जीएसटी अनुपालन का मार्गदर्शन

कार्यक्रम में इनकम टैक्स पेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष अशोक पलोड़ और सचिव अविनाश पाटीदार सहित CA एस. कृष्णन, CA सुरेश वाधवानी, CA दीपक बाहेती तथा बड़ी संख्या में संस्था के सदस्य उपस्थित रहे। प्रतिभागियों ने जीएसटी से जुड़े विषयों पर जानकारी प्राप्त की।

कार्यक्रम के अंत में CA राजेश जैन ने सभी अतिथियों और प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया।

15 नवंबर को होगा संस्था का दिवाली मिलन समारोह

संस्था के अध्यक्ष अशोक पलोड़ ने बताया कि इनकम टैक्स पेयर एसोसिएशन की ओर से 15 नवंबर को दिवाली मिलन समारोह आयोजित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह संस्था का लोकप्रिय कार्यक्रम है, जिसमें सदस्यों की सहभागिता रहती है। कार्यक्रम के माध्यम से संस्था के सदस्यों को आपस में मिलने और संवाद करने का अवसर मिलेगा।

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