17 सितंबर से BJP की 20 यात्राएं, MP के 55 जिलों में पहुंचेगा अभियान; मोदी के जन्मदिन से खास कनेक्शन

भोपाल
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन में मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के तौर पर 25 वर्ष पूरे होने पर भाजपा 17 सितंबर से वड़नगर से वाराणसी और वाराणसी से वड़नगर तक 10-10 यात्राएं निकालने जा रही है। इन यात्राओं के लिए ऐसे रूट तैयार किए जा रहे हैं, ताकि एक यात्रा का मार्ग दूसरी यात्रा से न टकराए।
मध्यप्रदेश से होकर गुजरने वाले अलग-अलग मार्गों के जरिए प्रदेश के सभी 55 जिलों को कवर करने का लक्ष्य रखा गया है। पार्टी स्तर पर इसे उत्तर भारत की सबसे बड़ी यात्राओं में से एक के रूप में तैयार किया जा रहा है।
इन यात्राओं में उत्तर भारत का बड़ा हिस्सा कवर होगा। गुजरात, राजस्थान, मध्यप्रदेश, उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़, हरियाणा और दिल्ली से होकर ये यात्राएं गुजरेंगी।
अलग-अलग नेताओं को दी जिम्मेदारी अब तक 13 रूट फाइनल किए जा चुके हैं, जबकि बाकी रूट को लेकर मंथन चल रहा है। मध्यप्रदेश में भाजपा ने यात्राओं के संचालन और व्यवस्थाओं के लिए अलग-अलग नेताओं को जिम्मेदारी दी है।
यात्राओं का उद्देश्य केवल राजनीतिक संपर्क तक सीमित नहीं रहेगा। इनमें स्थानीय लोगों की भागीदारी बढ़ाने, उन्हें सरकारी योजनाओं से जोड़ने, सेवा गतिविधियों और 2047 के संकल्प को भी शामिल किया जाएगा।
आम लोगों के सुझाव लेंगे बीजेपी नेता यात्रा की कार्ययोजना में जनभागीदारी, विकास, सेवा और सांस्कृतिक जुड़ाव को प्रमुखता दी गई है। हर प्रमुख पड़ाव पर स्थानीय नागरिकों, युवाओं, महिलाओं, विद्यार्थियों, लाभार्थियों और समुदाय के दूसरे वर्गों को गतिविधियों में शामिल किया जाएगा। सरकारी योजनाओं से जुड़ी व्यावहारिक सहायता और नागरिकों के सुझाव दर्ज करने की भी योजना है।
25 आइकॉन में चुने जाएंगे मेधावी '25 आइकॉन' अभियान में हर पड़ाव से किसान, शिक्षक, महिला उद्यमी, युवा या खिलाड़ी जैसे स्थानीय प्रेरक व्यक्ति को चुना जाएगा।
इनमें से 25 श्रेष्ठ लोगों की छोटी वीडियो कहानियां तैयार कर नमो ऐप पर दिखाने का प्रस्ताव है। साथ ही 'चिट्ठी 2047 के नाम' के जरिए लोगों से पूछा जाएगा कि वे 2047 तक अपने क्षेत्र को किस रूप में देखना चाहते हैं।
हर पड़ाव पर 'मेरे लिए भारत की प्रगति…' जनवाणी के जरिए नागरिकों की बात रिकॉर्ड की जाएगी। वाराणसी में इन आवाजों को जोड़कर 90 सेकेंड की फिल्म बनाने का प्रस्ताव है। स्थानीय प्रभावशाली व्यक्तियों और सामग्री निर्माताओं को भी यात्रा से जोड़ा जाएगा।
शहीदों की मिट्टी से लेकर चिकित्सा शिविर तक यात्रा के दौरान जिन क्षेत्रों का संबंध स्वतंत्रता सेनानियों या देश के लिए बलिदान देने वाले स्थानीय वीरों से है, वहां उनके गांव, स्मारक या समाधि स्थल की मिट्टी कलश में एकत्र करने की योजना है। यह मिट्टी वाराणसी के मुख्य कार्यक्रम में अर्पित की जाएगी।
इसके अलावा चयनित पड़ावों पर चिकित्सा शिविर, सामान्य स्वास्थ्य जांच, रक्तचाप और शुगर की जांच तथा परामर्श होगा। हर पड़ाव पर सरकारी योजनाओं की जानकारी और आवेदन में मदद के लिए योजना पंजीकरण एवं सहायता डेस्क लगाने का भी प्रस्ताव है।
2001 से 2026 तक की विकास यात्रा भी दिखाई जाएगी यात्रा में बुजुर्गों के अनुभव रिकॉर्ड किए जाएंगे। 'पहले और अब' प्रदर्शनी दीवार के जरिए पुरानी और मौजूदा तस्वीरों व दस्तावेजों के माध्यम से सड़क, स्कूल, घर और बिजली जैसी सुविधाओं में आए बदलाव दिखाने की योजना है।
वहीं, 'विकास की यात्रा' नुक्कड़ नाटक में 2001 से 2026 तक एक परिवार की कहानी के जरिए बिजली, गैस कनेक्शन, आवास और शिक्षा जैसी सुविधाओं में हुए बदलाव को स्थानीय भाषा में प्रस्तुत किया जाएगा।
नारी शक्ति सम्मेलन और क्विज भी होंगे स्थानीय योजनाओं के लाभार्थियों का सम्मान, नारी शक्ति सम्मेलन, पोस्टर प्रतियोगिता और नमो ऐप के पीपल्स कॉर्नर पर विजेता प्रविष्टियां प्रदर्शित करने का प्रस्ताव भी है।
इसके साथ चलती-फिरती 'विकसित भारत 2047' संकल्प एवं हस्ताक्षर दीवार यात्रा के साथ चलेगी और अंत में वाराणसी में प्रस्तुत की जाएगी।
जहां रात्रि पड़ाव, वहां 25 दीप जलाएंगे लाभार्थी रात्रि पड़ावों पर '25 साल, 25 दीप' कार्यक्रम होगा, जिसमें 25 लाभार्थी 25 दीप जलाकर दिन का सांस्कृतिक और भावनात्मक समापन करेंगे।
प्रमुख पड़ावों पर पौधारोपण भी किया जाएगा और पौधों की देखभाल की जिम्मेदारी स्थानीय व्यक्ति, संस्था या विद्यालय को देने का प्रस्ताव है।





