मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 12 से अधिक कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ की वन-टू-वन बैठक

ढाई वर्ष में 25 से अधिक नीतियां बनाकर निवेश और औद्योगिक विकास की नई संभावनाओं के खोले द्वार
जीआईएस के 30 प्रतिशत से अधिक निवेश प्रस्ताव धरातल पर उतरे
सेमीकंडक्टर सेंटर ऑफ एक्सीलेंस और फोटोनिक्स एवं क्वांटम टेक्नोलॉजीज सेंटर ऑफ एक्सीलेंस किए जाएंगे स्थापित
दो दिवसीय “मध्यप्रदेश सेमीकंडक्टर समिट-2026” का किया शुभारंभ

भोपाल
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश सेमीकंडक्टर समिट-2026 के माध्यम से प्रदेश में लगभग 5 हजार 800 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इनसे 10 हजार से अधिक रोजगार के अवसर सृजित होंगे। समिट में 1 हजार से अधिक प्रतिनिधियों और जापान, दक्षिण कोरिया, ताइवान एवं स्वीडन के प्रतिनिधिमंडलों की सहभागिता प्रदेश में सेमीकंडक्टर क्षेत्र में बढ़ती वैश्विक रुचि को दर्शाती है। दो दिवसीय समिट में 8 पैनल चर्चाएं, 5 राउंडटेबल और 6 की-नोट उद्बोधन आयोजित किए जा रहे हैं। समिट में मध्यप्रदेश सेमीकंडक्टर नीति-2026 पर हितधारक चर्चा और एमपी सेमीकॉन स्टार्टअप चैलेंज भी आयोजित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को इंदौर के ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में “मध्यप्रदेश सेमीकंडक्टर समिट-2026” के शुभारंभ सत्र को संबोधित कर रहे थे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत सेमीकंडक्टर क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। कभी असंभव लगने वाले विषय आज वास्तविकता बन रहे हैं। सभी क्षेत्रों में समान रूप से आगे बढ़ने के लिए राज्यों को स्वस्थ प्रतिस्पर्धात्मक वातावरण उपलब्ध है। मध्यप्रदेश भी देश के साथ कदम मिलाकर तेजी से आगे बढ़ रहा है। कोविड काल में सेमीकंडक्टर चिप की कमी से वैश्विक स्तर पर विकास गतिविधियां प्रभावित हुई थीं। इससे इस क्षेत्र की आर्थिक और सामरिक महत्ता स्पष्ट हुई है। मध्यप्रदेश सरकार सेमीकंडक्टर क्षेत्र में निवेश को प्रोत्साहित कर प्रदेश को देश के प्रमुख तकनीकी केंद्रों में शामिल करने के लिए प्रतिबद्ध है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार ने ढाई वर्ष में 25 से अधिक नीतियां बनाकर निवेश और औद्योगिक विकास की नई संभावनाओं के द्वार खोले हैं। पारदर्शी, सरल और स्पष्ट नीतियों के माध्यम से विभिन्न क्षेत्रों में निवेश के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट सहित विभिन्न प्रयासों से प्रदेश में लगभग 34 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इनमें से 30 प्रतिशत से अधिक निवेश प्रस्ताव धरातल पर उतरे हैं। प्रदेश सरकार निवेश प्रस्तावों को वास्तविक परियोजनाओं में बदलने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश निवेशकों का स्वागत करने और उन्हें साथ लेकर चलने वाला राज्य है। निवेश अनुकूल नीतियों और त्वरित निर्णय प्रक्रिया से उद्योग जगत का विश्वास बढ़ा है। राज्य सरकार का प्रयास है कि निवेश संबंधी प्रक्रियाओं में अनावश्यक विलंब न हो और समस्याओं का समाधान समयबद्ध तरीके से किया जाए। राज्य सरकार की कार्यप्रणाली में फाइलों के स्थान पर फैसलों, संभावनाओं के स्थान पर परियोजनाओं और समस्याओं के स्थान पर समाधानों को प्राथमिकता दी जा रही है। उन्होंने कहा कि एक बार जो मध्यप्रदेश आता है, वह हमेशा के लिए मध्यप्रदेश का हो जाता है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश कृषि के साथ उद्योग, तकनीक और विनिर्माण के विभिन्न क्षेत्रों में तेजी से आगे बढ़ रहा है। ग्वालियर में टेलीकॉम विनिर्माण क्षेत्र को विकसित करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। फार्मा, टेक्सटाइल और रक्षा उत्पादन के क्षेत्र में भी प्रदेश महत्वपूर्ण प्रगति कर रहा है। प्रदेश की विद्युत उत्पादन क्षमता लगभग 5 हजार मेगावाट से बढ़कर 32 हजार मेगावाट हो गई है। नवकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में भी मध्यप्रदेश ने उल्लेखनीय प्रगति की है। उद्योगों को प्रतिस्पर्धी दरों पर बिजली उपलब्ध कराने के साथ ऊर्जा क्षेत्र में निवेश की संभावनाओं का विस्तार किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि समिट में चिप डिजाइन, एडवांस्ड पैकेजिंग, टेस्टिंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), इलेक्ट्रॉनिक्स और विनिर्माण जैसे क्षेत्रों में निवेशकों एवं उद्यमियों के साथ विस्तृत चर्चा हुई है। प्रदेश में प्रतिभाशाली मानव संसाधन और मजबूत जनसांख्यिकीय क्षमता उपलब्ध है। सरकार उद्योग जगत के साथ साझेदारी कर इन संभावनाओं को वास्तविक परियोजनाओं में बदलने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि औद्योगिक विकास के साथ श्रमिकों के हितों का संरक्षण भी सरकार की प्राथमिकता है। इंदौर की हुकुमचंद मिल के सात हजार से अधिक श्रमिकों के बकाया भुगतान का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार उद्योगों के विकास के साथ श्रमिकों के कल्याण के लिए भी प्रतिबद्ध है। कठिनाई के समय सरकार सभी वर्गों के साथ खड़ी है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उद्योग प्रतिनिधियों को आगामी ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (जीआईएस) में सहभागिता के लिए आमंत्रित करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश में विभिन्न क्षेत्रों में निवेश एवं औद्योगिक विकास की व्यापक संभावनाएं हैं। उन्होंने निवेशकों से प्रदेश के साथ साझेदारी को आगे बढ़ाने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विश्वास व्यक्त किया कि उद्योग जगत और राज्य सरकार के संयुक्त प्रयासों से मध्यप्रदेश के औद्योगिक एवं तकनीकी विकास को नई गति मिलेगी।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव की प्रमुख घोषणाएं

सेमीकंडक्टर सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना: प्रदेश में सेमीकंडक्टर सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित किया जाएगा। इसके माध्यम से चिप डिजाइन, वीएलएसआई, नवाचार, अनुसंधान एवं विकास, प्रोटोटाइपिंग तथा कौशल विकास को प्रोत्साहन मिलेगा।

फोटोनिक्स एवं क्वांटम टेक्नोलॉजीज सेंटर ऑफ एक्सीलेंस: प्रदेश में फोटोनिक्स एवं क्वांटम टेक्नोलॉजीज सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित किया जाएगा। इससे क्वांटम कंप्यूटिंग, क्वांटम कम्युनिकेशन, फोटोनिक्स, एडवांस्ड मटेरियल्स और डीप-टेक अनुसंधान के क्षेत्र में नई संभावनाएं विकसित होंगी।

इंदौर–उज्जैन इकोनॉमिक कॉरिडोर में हाई-टेक उद्योगों को प्राथमिकता: कॉरिडोर के विकास में सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग, एडवांस्ड पैकेजिंग, चिप डिजाइन एवं हाई-टेक उद्योगों को प्राथमिकता दी जाएगी। इससे प्रदेश में उन्नत प्रौद्योगिकी एवं विनिर्माण क्षेत्र के विस्तार को गति मिलेगी।

कोरियाई, जापानी और ताइवानी भाषाओं में सेमीकंडक्टर नीति का किया विमोचन

प्रदर्शनी का अवलोकन
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने समिट में मध्यप्रदेश सेमीकंडक्टर नीति-2025 का जापानी, ताइवानी और कोरियाई भाषाओं में विमोचन किया। उन्होंने समिट में आयोजित सेमीकंडक्टर प्रदर्शनी का अवलोकन कर विभिन्न कंपनियों, स्टार्टअप्स एवं अनुसंधान संस्थानों द्वारा प्रदर्शित तकनीकों, नवाचारों और स्वदेशी चिप निर्माण से संबंधित कार्यों की जानकारी प्राप्त की। इस अवसर पर मध्यप्रदेश सेमीकंडक्टर नीति-2025 की प्रमुख विशेषताओं एवं उद्योग जगत के प्रमुख आयोजनों पर केंद्रित ऑडियो-विजुअल फिल्म का प्रदर्शन भी किया गया।

एमपी सेमीकॉन स्टार्टअप चैलेंज के विजेताओं को किया पुरस्कृत
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश सेमीकॉन स्टार्टअप चैलेंज के विजेताओं को पुरस्कृत किया। आईआईटी इंदौर की दृष्टि सीपीएस फाउंडेशन के सहयोग से आयोजित इस चैलेंज में सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स, एम्बेडेड सिस्टम्स एवं डीप-टेक क्षेत्र के 25 चयनित स्टार्टअप्स की पिचिंग के बाद 10 फाइनलिस्ट का चयन किया गया। विजेताओं को कुल 6 लाख रुपये की पुरस्कार राशि प्रदान की गई, जिसमें प्रथम पुरस्कार 3 लाख, द्वितीय पुरस्कार 2 लाख तथा तृतीय पुरस्कार 1 लाख रुपये शामिल हैं।

प्रदेश में सभी क्षेत्रों में प्रभावी एवं निवेशोन्मुख नीतियां – मंत्री श्री विजयवर्गीय
नगरीय प्रशासन एवं आवास मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि वर्ष 2047 तक विकसित भारत के संकल्प को साकार करने के लिए प्रधानमंत्री श्री मोदी द्वारा इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन 1.0 एवं 2.0 प्रारंभ किए गए हैं। इनका उद्देश्य सेमीकंडक्टर क्षेत्र में देश को आत्मनिर्भर बनाना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के मार्गदर्शन में मध्यप्रदेश भी इस दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। मंत्री श्री विजयवर्गीय ने कहा कि प्रदेश में निवेश बढ़ाने के लिए सभी क्षेत्रों में प्रभावी एवं निवेशोन्मुख नीतियां अपनाई गई हैं, जो गर्व का विषय है। मध्यप्रदेश सुरक्षित निवेश के लिए उपयुक्त स्थान है तथा सेमीकंडक्टर क्षेत्र में भी बेहतर कार्य हो रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश प्रौद्योगिकी क्षेत्र में निवेश के केंद्र के रूप में विकसित हो रहा है और भारत के विकास में अपना योगदान निरंतर बढ़ा रहा है।

निवेश अनुकूल नीतियां, सरल प्रक्रियाएं और कुशल मानव संसाधन उपलब्ध
मुख्य सचिव श्री अशोक बर्णवाल ने कहा कि मध्यप्रदेश निवेश के लिए देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है। नीति आयोग की निवेश अनुकूलता रिपोर्ट में प्रदेश को बड़े राज्यों में शीर्ष पांच में स्थान मिला है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के मार्गदर्शन में मध्यप्रदेश सेमीकंडक्टर क्षेत्र में अग्रणी बनने के लक्ष्य के साथ आगे बढ़ रहा है। प्रदेश में औद्योगिक विकास, कुशल मानव संसाधन की उपलब्धता और निवेश अनुकूल नीतियां उद्योगों के लिए महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करती हैं। उन्होंने कहा कि ईज ऑफ डूइंग बिजनेस एक्ट के माध्यम से औद्योगिक क्षेत्रों में विभिन्न स्वीकृतियों की प्रक्रिया सरल बनाई जा रही है, जिससे निवेशकों को अनावश्यक प्रक्रियाओं से राहत मिलेगी। भोपाल स्थित ग्लोबल स्किल पार्क और विभिन्न जिलों के आईटीआई एवं पॉलीटेक्निक संस्थानों को हब-एंड-स्पोक मॉडल के तहत विकसित किया जा रहा है। इससे उद्योगों की आवश्यकतानुसार युवाओं को प्रशिक्षण देकर कुशल मानव संसाधन तैयार किया जाएगा। उन्होंने उद्योग प्रतिनिधियों से मध्यप्रदेश की निवेश संभावनाओं और अनुकूल नीतियों को व्यापक स्तर पर प्रचारित करने तथा प्रदेश के औद्योगिक विकास में सहभागी बनने का आह्वान किया।

सेमीकंडक्टर निवेश से आर्थिक विकास के साथ सामरिक क्षमता भी होगी सुदृढ़
प्रमुख सचिव, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग, श्री एम. सेल्वेंद्रन ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के वर्ष 2047 तक विकसित भारत के संकल्प की पूर्ति में सेमीकंडक्टर क्षेत्र की महत्वपूर्ण भूमिका है। देश की आर्थिक प्रगति के साथ संप्रभुता और सामरिक आवश्यकताओं की दृष्टि से भी यह क्षेत्र अत्यंत महत्वपूर्ण है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश में केंद्र सरकार की नीतियों के अनुरूप सेमीकंडक्टर क्षेत्र में निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए नीतिगत प्रयास किए जा रहे हैं। प्रदेश का लक्ष्य मध्यप्रदेश को देश के प्रमुख सेमीकंडक्टर हब के रूप में विकसित करना है। इससे प्रदेश के आर्थिक विकास को गति मिलने के साथ देश को वैश्विक स्तर पर सामरिक बढ़त दिलाने में भी महत्वपूर्ण योगदान मिलेगा।

एआईजीजीपीए के उपाध्यक्ष प्रोफेसर डॉ राजीव दीक्षित ने कहा कि मध्यप्रदेश सेमीकंडक्टर एवं फैबलेस क्षेत्र के विकास के लिए संकल्पित है। प्रदेश की उत्कृष्ट नीति, डिजाइन लिंक्ड इंसेंटिव, अनुकूल भौगोलिक स्थिति और महानगरों की तुलना में 30 प्रतिशत कम परिचालन लागत निवेशकों को आकर्षित कर रही हैं।

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button