EPFO की दो योजनाओं से नियोक्ताओं को राहत, छूटे कर्मचारियों को PF से जोड़ने का मौका
कर्मचारी नामांकन अभियान-2026 में 31 अक्टूबर तक मौका; विश्वास-2026 के तहत पुराने PF मामलों में दंड/क्षतिपूर्ति राशि में रियायत

विवेक झा, भोपाल, 14 अगस्त। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) द्वारा नियोक्ताओं और कर्मचारियों को सामाजिक सुरक्षा के दायरे में लाने तथा पुराने PF मामलों के निपटारे के लिए कर्मचारी नामांकन अभियान-2026 और विश्वास-2026 योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जा रहा है। इसी क्रम में EPFO क्षेत्रीय कार्यालय भोपाल के प्रवर्तन अधिकारियों की टीम ने शुक्रवार को भारतीय उद्योग परिसंघ (CII), भोपाल कार्यालय का दौरा किया। टीम ने CII भोपाल इकाई की समन्वयक से मुलाकात कर दोनों योजनाओं की पात्रता, अवधि, प्रक्रिया और नियोक्ताओं को मिलने वाली राहत की जानकारी दी।
31 अक्टूबर तक छूटे कर्मचारियों को PF से जोड़ने का मौका
कर्मचारी नामांकन अभियान-2026 के तहत 1 अप्रैल 2009 से 31 मार्च 2026 के बीच EPF कवरेज से छूटे पात्र कर्मचारियों को PF के दायरे में लाने का अवसर दिया गया है। इस अभियान की अंतिम तिथि 31 अक्टूबर 2026 निर्धारित है।
अभियान के तहत पात्र कर्मचारी का संबंधित अवधि में प्रतिष्ठान में कार्यरत होना और घोषणा के समय भी उसी प्रतिष्ठान में कार्यरत होना आवश्यक है। इससे ऐसे कर्मचारियों को सामाजिक सुरक्षा व्यवस्था से जोड़ने के साथ नियोक्ताओं को पुराने रिकॉर्ड नियमित करने का अवसर मिलेगा।
पुराने कर्मचारी का 12% अंशदान जमा करने से राहत
EPFO के अनुसार अभियान में पात्र मामलों में नियोक्ता को पुराने कर्मचारी का 12% कर्मचारी अंशदान जमा करने से छूट मिलती है। हालांकि नियोक्ता का अपना अंशदान और उस पर लागू ब्याज का भुगतान करना होगा।
इसके साथ ही अभियान में डैमेज में बड़ी राहत का प्रावधान है। पात्र मामले में डैमेज की राशि केवल ₹100 प्रति प्रतिष्ठान निर्धारित की गई है। इससे पुराने मामलों को नियमित करने में नियोक्ताओं को वित्तीय राहत मिलने की उम्मीद है।
विश्वास-2026 से पुराने PF मामलों में दंड राशि में राहत
वहीं विश्वास-2026 योजना पुराने ईपीएफ मामलों के निपटारे के लिए नियोक्ताओं को वित्तीय राहत देने वाली पहल है। यह योजना 29 जून 2026 से छह माह की अवधि के लिए लागू है।
योजना के तहत निर्धारित पुराने मामलों में क्षतिपूर्ति/दंड की राशि में रियायत का प्रावधान है। इसके माध्यम से पात्र नियोक्ता अपनी वित्तीय देनदारी कम करने और लंबित मामलों का सरल एवं शीघ्र निपटारा करने का अवसर प्राप्त कर सकते हैं। हालांकि योजना की शर्तों के अनुसार देय ब्याज का भुगतान करना आवश्यक है।
CII से जुड़े प्रतिष्ठानों तक पहुंचाई जाएगी जानकारी
बैठक के दौरान CII भोपाल इकाई की समन्वयक ने आश्वासन दिया कि कर्मचारी नामांकन अभियान-2026 और विश्वास-2026 की जानकारी CII से जुड़े सभी प्रतिष्ठानों तक प्रसारित की जाएगी। इसका उद्देश्य अधिक से अधिक पात्र नियोक्ताओं और कर्मचारियों को योजनाओं का लाभ दिलाना है।
EPFO अधिकारियों ने योजनाओं के दौरान आवेदन एवं पात्रता से जुड़े महत्वपूर्ण बिंदुओं की जानकारी भी साझा की, ताकि प्रतिष्ठान निर्धारित अवधि के भीतर आवश्यक प्रक्रिया पूरी कर सकें।
औद्योगिक संगठनों के साथ सीधे संपर्क
EPFO क्षेत्रीय कार्यालय भोपाल द्वारा दोनों योजनाओं के व्यापक प्रचार-प्रसार पर विशेष जोर दिया जा रहा है। इसके लिए विभिन्न औद्योगिक एवं नियोक्ता संगठनों तथा प्रतिष्ठानों से सीधे संपर्क, जागरूकता बैठकों और वेबिनार के माध्यम से योजनाओं की जानकारी दी जा रही है।
इसके अलावा उपलब्ध अन्य माध्यमों से भी नियोक्ताओं और कर्मचारियों को योजना की पात्रता, लाभ और पंजीकरण प्रक्रिया के बारे में जागरूक किया जा रहा है।
सामाजिक सुरक्षा और अनुपालन दोनों पर फोकस
EPFO की इस पहल का उद्देश्य एक ओर छूटे हुए पात्र कर्मचारियों को सामाजिक सुरक्षा के दायरे में लाना, वहीं दूसरी ओर नियोक्ताओं के लिए पुराने अनुपालन मामलों को नियमित करने की प्रक्रिया को आसान बनाना है।
दोनों योजनाओं के जरिए EPFO पुराने रिकॉर्ड को व्यवस्थित करने, लंबित मामलों के निपटारे और नियोक्ताओं को वित्तीय राहत देने के साथ कर्मचारियों को PF जैसी सामाजिक सुरक्षा व्यवस्था से जोड़ने पर जोर दे रहा है।





