EPFO की ‘VISHWAS-2026’ योजना लागू: देर से PF जमा करने वाले प्रतिष्ठानों को बड़ी राहत
ब्याज जमा करने पर कम होगी हर्जाना (Damages) की राशि, छह माह तक मिलेगा लाभ; लंबित विवादों के सौहार्दपूर्ण निपटारे की नई पहल
विवेक झा, भोपाल। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने देशभर के लाखों नियोक्ताओं और प्रतिष्ठानों को बड़ी राहत देते हुए “VISHWAS-2026” योजना लागू कर दी है। केंद्र सरकार द्वारा अधिसूचित यह विशेष योजना उन प्रतिष्ठानों के लिए लाई गई है जिन पर भविष्य निधि (PF) अंशदान समय पर जमा नहीं करने के कारण धारा 14B के अंतर्गत हर्जाना (Damages) लगाया गया है या ऐसे मामले विभिन्न न्यायिक मंचों पर लंबित हैं।
योजना का उद्देश्य वर्षों से लंबित विवादों का सौहार्दपूर्ण समाधान (Amicable Settlement) करना, मुकदमेबाजी कम करना, उद्योगों को राहत देना तथा EPFO और नियोक्ताओं के बीच विवादों का समयबद्ध निपटारा सुनिश्चित करना है। योजना 29 जून 2026 से प्रभावी हो चुकी है और अधिसूचना की तिथि से छह माह तक लागू रहेगी।
क्या है VISHWAS-2026 योजना?
EPFO द्वारा शुरू की गई VISHWAS-2026 एक विशेष निपटान योजना है, जिसके तहत भविष्य निधि अंशदान में विलंब के कारण लगाए जाने वाले हर्जाने (Damages) की पुनर्गणना रियायती दरों पर की जाएगी। इससे पात्र प्रतिष्ठानों को पहले की तुलना में कम आर्थिक भार उठाना पड़ेगा।
हालांकि, इस योजना का लाभ लेने के लिए संबंधित प्रतिष्ठान को विलंब अवधि का पूरा ब्याज (Interest) पहले जमा करना अनिवार्य होगा। ब्याज जमा किए बिना योजना का लाभ नहीं मिलेगा। साथ ही प्रतिष्ठान को यह भी लिखित घोषणा देनी होगी कि विवाद समाप्त होने के बाद वह उसी मामले में आगे कोई अपील या न्यायिक कार्यवाही नहीं करेगा।
किन मामलों में मिलेगा योजना का लाभ?
EPFO ने योजना के दायरे में चार प्रमुख श्रेणियों के मामलों को शामिल किया है—
- वे मामले जो वर्तमान में किसी न्यायालय, ट्रिब्यूनल अथवा अन्य न्यायिक मंच पर लंबित हैं।
- ऐसे प्रकरण जिनमें धारा 14B के तहत आदेश पारित हो चुका है, लेकिन पूरी राशि अभी वसूल नहीं हुई है।
- ऐसे मामले जिनमें नोटिस जारी हो चुका है लेकिन अंतिम आदेश पारित नहीं हुआ।
- ऐसे प्रकरण जिनमें अभी नोटिस जारी होना शेष है।
इससे बड़ी संख्या में ऐसे उद्योगों और प्रतिष्ठानों को राहत मिलने की संभावना है जो लंबे समय से विवादों में उलझे हुए हैं।
कम दर पर लगेगा हर्जाना
VISHWAS-2026 के तहत 14 जून 2024 से पहले की डिफॉल्ट अवधि के लिए हर्जाने की विशेष रियायती दरें निर्धारित की गई हैं।
- 2 माह तक की देरी: 0.25 प्रतिशत प्रतिमाह
- 2 से 4 माह से कम की देरी: 0.50 प्रतिशत प्रतिमाह
- 4 माह से अधिक की देरी: 1 प्रतिशत प्रतिमाह
यह दरें सामान्य प्रावधानों की तुलना में काफी राहत प्रदान करती हैं और योजना का सबसे बड़ा आकर्षण मानी जा रही हैं।
पहले ब्याज जमा करना होगा अनिवार्य
ईपीएफओ के अपर केंद्रीय भविष्य निधि आयुक्त (मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ़) श्री गौतम ने जानकारी देते हुए बताया कि योजना का लाभ तभी मिलेगा जब संबंधित प्रतिष्ठान विलंब अवधि का संपूर्ण ब्याज पहले जमा करेगा। इसके अलावा ऑनलाइन आवेदन करते समय यह घोषणा भी देनी होगी कि विवाद समाप्त होने के बाद उसी विषय पर आगे कोई अपील दायर नहीं की जाएगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि इससे लंबित विवादों का स्थायी समाधान संभव होगा और न्यायालयों पर भी बोझ कम पड़ेगा।
ऑनलाइन होगी पूरी प्रक्रिया
EPFO ने पूरी प्रक्रिया को डिजिटल बनाया है। आवेदन केवल Employer Portal के माध्यम से ऑनलाइन स्वीकार किए जाएंगे।
आवेदन के लिए नियोक्ता को—
- डिजिटल सिग्नेचर (DSC) अथवा ई-साइन से आवेदन प्रमाणित करना होगा।
- डिफॉल्ट अवधि, आदेश संख्या, आदेश तिथि और जमा की गई राशि का विवरण देना होगा।
- ब्याज जमा करने का प्रमाण अपलोड करना होगा।
- आवश्यक घोषणा एवं सहमति देनी होगी।
आवेदन जमा होने के बाद उसकी जांच क्षेत्रीय कार्यालय द्वारा की जाएगी तथा स्वीकृति मिलने पर ऑनलाइन चालान जारी होगा। भुगतान के बाद डिजिटल प्रमाणपत्र भी ऑनलाइन उपलब्ध कराया जाएगा।
कौन नहीं उठा सकेगा योजना का लाभ?
EPFO ने कुछ मामलों को योजना से बाहर रखा है। इनमें प्रमुख रूप से—
- ऐसे प्रतिष्ठान जिनसे हर्जाने की पूरी राशि पहले ही वसूल की जा चुकी है।
- धोखाधड़ी, गबन अथवा रिकॉर्ड में जानबूझकर फर्जीवाड़े से जुड़े मामले।
- ऐसे प्रकरण जिनमें ब्याज की राशि पूरी तरह जमा नहीं की गई है।
ऐसे मामलों में VISHWAS-2026 लागू नहीं होगी।
आंशिक भुगतान वालों के लिए भी स्पष्ट व्यवस्था
श्री गौतम के बताया कि यदि किसी प्रतिष्ठान ने पहले ही हर्जाने की कुछ राशि जमा कर दी है, तो उसकी भी स्पष्ट व्यवस्था की गई है।
यदि पहले जमा की गई राशि नई गणना से अधिक है तो अतिरिक्त राशि वापस नहीं मिलेगी और न ही किसी अन्य प्रकरण में समायोजित होगी। वहीं यदि पहले जमा की गई राशि नई गणना से कम है तो केवल अंतर की राशि जमा करनी होगी।
क्षेत्रीय कार्यालयों में बनेगा विशेष ‘विष्वास हेल्प डेस्क’
योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए EPFO ने प्रत्येक क्षेत्रीय एवं जिला कार्यालय में ‘Vishwas Cell’ और समर्पित Help Desk स्थापित करने के निर्देश दिए हैं।
साथ ही प्रत्येक कार्यालय में एक नोडल अधिकारी नियुक्त किया जाएगा, जो पात्र प्रतिष्ठानों से संपर्क करेगा, उद्योग संगठनों के साथ समन्वय स्थापित करेगा तथा योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करेगा।
उद्योगों और नियोक्ताओं को क्या होगा फायदा?
श्रम एवं उद्योग विशेषज्ञों के अनुसार VISHWAS-2026 योजना से हजारों उद्योगों और प्रतिष्ठानों को राहत मिलेगी। लंबे समय से चल रहे विवाद समाप्त होंगे, मुकदमेबाजी घटेगी और उद्योगों का समय तथा धन दोनों की बचत होगी।
इसके साथ ही EPFO को भी वर्षों से लंबित मामलों के शीघ्र निस्तारण, राजस्व संग्रहण में तेजी तथा प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने में मदद मिलेगी।
नियोक्ताओं को क्या करना चाहिए?
विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि जिन प्रतिष्ठानों पर धारा 14B के अंतर्गत कार्रवाई लंबित है या नोटिस प्राप्त हो चुका है, वे अपने रिकॉर्ड की समीक्षा कर जल्द से जल्द योजना की पात्रता जांचें। ब्याज का भुगतान कर निर्धारित अवधि के भीतर ऑनलाइन आवेदन करने से वे इस विशेष राहत योजना का लाभ उठा सकते हैं।
बॉक्स : VISHWAS-2026 एक नजर में
योजना लागू: 29 जून 2026 से
अवधि: 6 माह
उद्देश्य: धारा 14B के अंतर्गत हर्जाना विवादों का सौहार्दपूर्ण समाधान
लाभार्थी: पात्र नियोक्ता एवं प्रतिष्ठान
आवेदन प्रक्रिया: पूरी तरह ऑनलाइन
मुख्य शर्त: संबंधित अवधि का पूरा ब्याज पहले जमा करना अनिवार्य
सुविधा: कम दर पर हर्जाने की पुनर्गणना, डिजिटल स्वीकृति और प्रमाणपत्र
किन्हें मिलेगा सबसे अधिक लाभ?
- उद्योग एवं विनिर्माण इकाइयाँ
- एमएसएमई प्रतिष्ठान
- व्यापारिक प्रतिष्ठान
- निजी संस्थान एवं कंपनियाँ
- स्कूल, कॉलेज एवं शैक्षणिक संस्थान
- अस्पताल एवं सेवा क्षेत्र के प्रतिष्ठान
- चार्टर्ड अकाउंटेंट्स, श्रम सलाहकार एवं अनुपालन विशेषज्ञ, जो अपने ग्राहकों के लंबित मामलों का समाधान कर सकते हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि VISHWAS-2026 केवल एक राहत योजना नहीं, बल्कि EPFO और नियोक्ताओं के बीच विश्वास बढ़ाने, अनुपालन को प्रोत्साहित करने और वर्षों से लंबित विवादों के समाधान की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हो सकती है।
VISHWAS-2026: EPFO की नई राहत योजना से जुड़े सभी महत्वपूर्ण सवाल और उनके जवाब (FAQs)
नियोक्ताओं, उद्योगों, सीए, एचआर प्रोफेशनल्स और श्रम सलाहकारों के लिए उपयोगी मार्गदर्शिका
EPFO द्वारा शुरू की गई “VISHWAS-2026” योजना को लेकर नियोक्ताओं, उद्योगों और कर एवं श्रम सलाहकारों के बीच कई सवाल हैं। यहां इस योजना से जुड़े सभी महत्वपूर्ण प्रश्नों के सरल हिंदी में विस्तृत उत्तर दिए जा रहे हैं।
Q1. VISHWAS-2026 क्या है?
उत्तर:
VISHWAS-2026 कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) द्वारा शुरू की गई एक वन-टाइम (One Time) विशेष राहत योजना है। इसका उद्देश्य उन प्रतिष्ठानों को राहत देना है जिन पर EPF अधिनियम की धारा 14B अथवा सामाजिक सुरक्षा संहिता (Code on Social Security), 2020 की धारा 128 के तहत विलंब से PF जमा करने के कारण हर्जाना (Damages) लगाया गया है।
इस योजना के अंतर्गत पात्र प्रतिष्ठान कम दरों पर हर्जाना जमा कर अपने पुराने विवादों का समयबद्ध समाधान कर सकते हैं।
Q2. VISHWAS-2026 कितने समय तक लागू रहेगी?
उत्तर:
यह योजना अधिसूचना जारी होने की तिथि से 6 महीने तक लागू रहेगी।
यदि आवश्यकता हुई तो केंद्र सरकार इसे अधिकतम 6 महीने अतिरिक्त बढ़ा सकती है।
Q3. किन मामलों को योजना में शामिल किया गया है?
उत्तर:
VISHWAS-2026 निम्न प्रकार के मामलों पर लागू होगी—
1. न्यायालय या ट्रिब्यूनल में लंबित मामले
जहां धारा 14B के तहत आदेश जारी हो चुका है और मामला किसी कोर्ट, CGIT या अन्य न्यायिक मंच पर लंबित है।
2. आदेश जारी हो चुका लेकिन वसूली बाकी है
जहां हर्जाना निर्धारित हो चुका है लेकिन पूरी राशि अभी वसूल नहीं हुई है।
3. नोटिस जारी हो चुका है लेकिन अंतिम आदेश नहीं आया
ऐसे मामलों में भी योजना का लाभ मिलेगा।
4. जहां अभी नोटिस भी जारी नहीं हुआ
यदि कार्रवाई प्रारंभ नहीं हुई है, तब भी पात्र होने पर योजना लागू हो सकती है।
Q4. किन मामलों में VISHWAS-2026 का लाभ नहीं मिलेगा?
उत्तर:
निम्न मामलों को योजना से बाहर रखा गया है—
- जहां हर्जाने (Damages) की पूरी राशि पहले ही वसूल की जा चुकी है।
- धोखाधड़ी (Fraud), गबन (Misappropriation) या जानबूझकर रिकॉर्ड में हेराफेरी से जुड़े मामले।
- जहां संबंधित ब्याज (Interest) की पूरी राशि जमा नहीं की गई है।
नियोक्ताओं (Employers) के लिए महत्वपूर्ण प्रश्न
Q5. VISHWAS-2026 के तहत हर्जाने की नई दरें क्या हैं?
| विलंब अवधि | नई हर्जाना दर |
|---|---|
| 2 माह से कम | 0.25% प्रति माह |
| 2 माह से 4 माह से कम | 0.50% प्रति माह |
| 4 माह या अधिक | 1.00% प्रति माह |
इन दरों पर हर्जाने की पुनर्गणना की जाएगी।
Q6. आवेदन कैसे करें?
उत्तर:
आवेदन केवल EPFO Employer Portal पर ऑनलाइन किया जाएगा।
Employer Portal में लॉगिन करने के बाद “VISHWAS-2026” विकल्प चुनकर आवेदन करना होगा।
Q7. आवेदन के साथ कौन-कौन से दस्तावेज लगाने होंगे?
आवेदन की श्रेणी के अनुसार निम्न दस्तावेज आवश्यक होंगे—
- धारा 14B का आदेश या नोटिस
- यदि मामला कोर्ट में लंबित है तो उसका विवरण
- पहले जमा की गई राशि (Challan) का विवरण
- निर्धारित प्रारूप में Undertaking
Q8. नई गणना (Recalculation) की जानकारी कैसे मिलेगी?
उत्तर:
आवेदन की जांच के बाद EPFO पुनर्गणना की गई हर्जाना राशि Employer Portal पर उपलब्ध कराएगा।
Q9. पुनर्गणना की गई राशि कितने दिन में जमा करनी होगी?
उत्तर:
Employer को सूचना मिलने के 15 दिनों के भीतर राशि जमा करनी होगी।
यदि किसी कारणवश 15 दिन में भुगतान संभव नहीं हो तो अतिरिक्त 15 दिनों का समय लेने के लिए आवेदन किया जा सकता है।
Q10. यदि समय पर भुगतान नहीं किया तो क्या होगा?
उत्तर:
यदि निर्धारित समय सीमा में भुगतान नहीं किया गया तो—
- आवेदन स्वतः निरस्त (Forfeited) माना जाएगा।
- उस मामले में VISHWAS-2026 का लाभ नहीं मिलेगा।
- मूल कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी।
Q11. Vishwas-2026 Certificate क्या है?
उत्तर:
पूरी राशि जमा होने के बाद EPFO एक डिजिटल हस्ताक्षरित Vishwas-2026 Certificate जारी करेगा।
यह प्रमाणपत्र इस बात का अंतिम प्रमाण होगा कि मामला योजना के तहत निपटा दिया गया है।
यदि मामला कोर्ट या CGIT में लंबित है तो इस प्रमाणपत्र के आधार पर अपील वापस ली जा सकेगी।
Q12. क्या Principal Contribution या Interest माफ होगा?
उत्तर:
नहीं।
इस योजना में—
- PF Contribution माफ नहीं होगा।
- Interest भी माफ नहीं होगा।
केवल Damages (हर्जाना) में राहत दी जाएगी।
फील्ड ऑफिस से जुड़े प्रश्न
Q13. आवेदन किस कार्यालय में प्रोसेस होंगे?
उत्तर:
संबंधित Regional Office अथवा District Office की PD Cell / Compliance Section द्वारा Vishwas Module के माध्यम से आवेदन प्रोसेस किए जाएंगे।
Q14. हर्जाने की पुनर्गणना कैसे होगी?
उत्तर:
Recalculation केवल EPFO के System Based Calculation Tool से की जाएगी।
जहां आवश्यक होगा वहां सिस्टम में उपलब्ध डेटा के आधार पर सत्यापन कर अंतिम गणना सिस्टम द्वारा ही की जाएगी।
Q15. क्या Manual Calculation होगी?
उत्तर:
सामान्यतः नहीं।
लेकिन यदि मूल आदेश और अंतिम देय राशि में अंतर हो तो उचित कारण दर्ज करते हुए सीमित Manual Intervention किया जा सकता है।
अंतिम गणना फिर भी सिस्टम द्वारा ही की जाएगी।
Q16. Appeal के लिए पहले जमा की गई राशि का क्या होगा?
यदि Appeal दाखिल करने के लिए EPFO में Pre-deposit किया गया है तो—
यदि जमा राशि कम है
Employer को केवल अंतर (Difference) की राशि जमा करनी होगी।
यदि जमा राशि अधिक है
अतिरिक्त राशि को भविष्य के अन्य 14B आदेशों या आगामी नोटिसों में समायोजित किया जा सकता है।
Q17. यदि Pre-deposit किसी अन्य Authority के पास जमा है तो?
उत्तर:
नहीं।
केवल EPFO के पास जमा Pre-deposit को ही मान्य माना जाएगा।
Q18. Certificate मिलने के बाद क्या होगा?
- लंबित Appeal स्वतः समाप्त (Abated) मानी जाएगी।
- Certificate के आधार पर Court या CGIT से मामला वापस लिया जा सकेगा।
Q19. यदि Employer नई राशि स्वीकार नहीं करता तो?
यदि Employer—
- नई गणना स्वीकार नहीं करता
- या समय पर भुगतान नहीं करता
तो VISHWAS-2026 का लाभ समाप्त हो जाएगा और पुरानी कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।
Q20. योजना की मॉनिटरिंग कैसे होगी?
EPFO द्वारा ऑनलाइन MIS Dashboard तैयार किया जाएगा जिसमें—
- कुल आवेदन
- स्वीकृत आवेदन
- अस्वीकृत आवेदन
- वसूली गई राशि
- क्षेत्रवार प्रदर्शन
- जोनवार प्रदर्शन
की निगरानी की जाएगी।
Q21. क्या योजना की अवधि अनिश्चित (Open Ended) है?
उत्तर:
नहीं।
यह सीमित अवधि की योजना है।
सामान्य परिस्थितियों में इसकी अवधि नहीं बढ़ाई जाएगी। इसलिए पात्र प्रतिष्ठानों को समय रहते आवेदन करना चाहिए।
Q22. क्या कर्मचारियों के हित सुरक्षित रहेंगे?
उत्तर:
हाँ। पूरी तरह सुरक्षित।
EPFO ने स्पष्ट किया है कि VISHWAS-2026 केवल हर्जाने (Damages) में राहत देती है।
- कर्मचारियों का PF सुरक्षित रहेगा।
- Interest सुरक्षित रहेगा।
- Social Security Benefits पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।
- कर्मचारियों के वैधानिक अधिकार पूरी तरह संरक्षित रहेंगे।
VISHWAS-2026: एक नजर में
| विषय | जानकारी |
| योजना का नाम | VISHWAS-2026 |
| लागू करने वाली संस्था | EPFO |
| उद्देश्य | Damages विवादों का सौहार्दपूर्ण निपटारा |
| लाभ | कम दर पर Damages का भुगतान |
| अवधि | 6 माह |
| आवेदन | केवल ऑनलाइन |
| Principal एवं Interest | माफ नहीं होंगे |
| राहत | केवल Damages में |
| Certificate | Digital Vishwas-2026 Certificate जारी होगा |
| कर्मचारी हित | पूरी तरह सुरक्षित |
विशेष सलाह
यदि आपके प्रतिष्ठान पर EPF से संबंधित धारा 14B का कोई नोटिस, आदेश या लंबित मामला है, तो अपने चार्टर्ड अकाउंटेंट, श्रम सलाहकार या विधिक विशेषज्ञ से तत्काल संपर्क कर योजना की पात्रता की जांच कराएं। सीमित अवधि की यह योजना पुराने विवादों को कम लागत में समाप्त करने का महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करती है।





