EPFO के नए प्रावधानों और योजनाओं पर MSME नियोक्ताओं को दी जानकारी, वेतन सीमा बढ़ाने सहित कई मुद्दों पर चर्चा
गोविंदपुरा इंडस्ट्रियल एसोसिएशन में EPFO का सेमिनार; Employees’ Enrolment Campaign 2026, VISHWAS 2026 और AMNESTY 2026 की जानकारी दी, लंबित अनुपालन मामलों के समाधान का बताया रास्ता

विवेक झा, भोपाल। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के क्षेत्रीय कार्यालय, भोपाल की ओर से गोविंदपुरा इंडस्ट्रियल एसोसिएशन के सभागार में नियोक्ताओं और औद्योगिक प्रतिष्ठानों के प्रतिनिधियों के लिए सेमिनार आयोजित किया गया। सेमिनार में गोविंदपुरा औद्योगिक क्षेत्र से जुड़े सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (MSME) के नियोक्ताओं ने बड़ी संख्या में हिस्सा लिया। इस दौरान श्रम मंत्रालय, भारत सरकार की ओर से किए गए नए प्रावधानों, सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी योजनाओं और EPFO अनुपालन को सरल बनाने के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी गई।
सेमिनार का प्रमुख उद्देश्य औद्योगिक प्रतिष्ठानों और EPFO के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना, नियोक्ताओं को नए प्रावधानों के प्रति जागरूक करना और पात्र कर्मचारियों को सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जोड़ना रहा।
वेतन सीमा 15 हजार से 25 हजार करने की जानकारी
कार्यक्रम में क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त रौशन काश्यप ने कर्मचारियों और नियोक्ताओं के हित से जुड़े विभिन्न प्रावधानों की जानकारी दी। उन्होंने सामाजिक सुरक्षा का दायरा बढ़ाने के लिए किए जा रहे प्रयासों के तहत वेतन सीमा को 15 हजार रुपए से बढ़ाकर 25 हजार रुपए किए जाने से संबंधित जानकारी भी साझा की।
इसके साथ ही EPFO से जुड़े अनुपालन को अधिक सरल और प्रभावी बनाने के लिए किए जा रहे नवीन प्रयासों पर भी विस्तार से चर्चा की गई।

EEC 2026, VISHWAS और AMNESTY की जानकारी
सेमिनार में EPFO अधिकारियों ने श्रम मंत्रालय की विभिन्न पहलों पर भी प्रकाश डाला। इनमें Employees’ Enrolment Campaign (EEC) 2026, VISHWAS 2026 और AMNESTY 2026 प्रमुख रहे।
अधिकारियों ने इन पहलों के उद्देश्य और प्रमुख प्रावधानों की जानकारी देते हुए औद्योगिक प्रतिष्ठानों से कहा कि पात्र कर्मचारियों को EPFO के दायरे में लाने तथा अनुपालन से जुड़े लंबित मामलों के समाधान के लिए उपलब्ध अवसरों का लाभ उठाया जाए।
MSME नियोक्ताओं ने पूछे सवाल
कार्यक्रम के दौरान गोविंदपुरा इंडस्ट्रियल एसोसिएशन के सदस्यों और विशेष रूप से MSME संस्थानों के नियोक्ताओं ने EPFO से संबंधित विभिन्न प्रक्रियाओं और प्रावधानों को लेकर सवाल पूछे।
नियोक्ताओं ने अनुपालन, कर्मचारियों को EPFO के दायरे में लाने और लंबित मामलों से जुड़े विषयों पर अपनी जिज्ञासाएं अधिकारियों के सामने रखीं। EPFO अधिकारियों ने सवालों का विस्तार से समाधान करते हुए आवश्यक मार्गदर्शन दिया।
औद्योगिक प्रतिष्ठानों और EPFO के बीच समन्वय पर जोर
सेमिनार में इस बात पर जोर दिया गया कि औद्योगिक प्रतिष्ठानों को EPFO की योजनाओं और नए प्रावधानों की जानकारी होने से कर्मचारियों को सामाजिक सुरक्षा का लाभ दिलाने के साथ-साथ नियोक्ताओं के लिए अनुपालन प्रक्रिया को भी बेहतर बनाया जा सकता है।
कार्यक्रम में EPFO क्षेत्रीय कार्यालय भोपाल से प्रवर्तन अधिकारी चैनलाल धुर्वे, सुनीत मिन्हास और नैनीश भंसाली भी उपस्थित रहे।
पात्र कर्मचारियों को सामाजिक सुरक्षा से जोड़ने पर फोकस
EPFO की ओर से आयोजित इस सेमिनार का एक महत्वपूर्ण पक्ष पात्र कर्मचारियों को सामाजिक सुरक्षा व्यवस्था से जोड़ना रहा। अधिकारियों ने औद्योगिक प्रतिष्ठानों को उपलब्ध योजनाओं और अभियानों की जानकारी देते हुए उनसे इनका लाभ उठाने के लिए प्रोत्साहित किया।
गोविंदपुरा जैसे बड़े औद्योगिक क्षेत्र में बड़ी संख्या में MSME इकाइयों की मौजूदगी को देखते हुए EPFO की योजनाओं और अनुपालन संबंधी जानकारी नियोक्ताओं के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। सेमिनार के माध्यम से EPFO ने औद्योगिक प्रतिष्ठानों के साथ सीधे संवाद के जरिए प्रक्रियाओं और प्रावधानों को समझाने का प्रयास किया।





