कपड़े उतार नंगी परेड कराई, इजरायल का दावा हमास आतंकियों को सिखाया सबक

गाजा सिटी
गाजा से कुछ नई तस्वीरें सामने आई हैं जिनमें कई फिलिस्तीनी घुटनों के बल नंगी परेड करते दिख रहे हैं। इनके बारे में दावा किया गया है कि यह लोग हमास से जुड़े आतंकी हैं। इन सभी को बीच सड़क पर बिना कपड़ों के बैठाया गया है। इन्हें घुटनों के बल चलाया जा रहा है। एक अन्य तस्वीर में सैकड़ों की संख्या में लोग रेत पर बैठे हैं। इनके भी शरीर पर कोई कपड़ा नहीं है। यह लोग सिर्फ अंडरवियर पहने हुए हैं। जानकारी के मुताबिक इजरायली सेना ने इन लोगों को ऐसा करने पर मजबूर किया। इसे 7 अक्टूबर को हुए हमले के बदले के तौर पर भी देखा जा रहा है। एक चश्मदीद के मुताबिक सेना के आदेश का तुरंत पालन नहीं करने पर सात लोगों को गोली भी मार दी गई। इन लोगों को जबर्दस्ती जमीन पर बैठाया गया था। इसके बाद इन्हें ट्रक में भरकर अनजान जगह ले जाया गया।

ट्रक में बिठाया गया
जो तस्वीरें आई हैं, उनमें से एक में कुछ लोग नंगे बदन सिर नीचे किए जमीन पर बैठे हैं। वहीं, एक अन्य तस्वीर में आंशिक तौर पर बर्बाद हुए गाजा में अपने घुटनों पर हैं, जबकि उनके जूते थोड़ी दूर पर बिखरे पड़े हैं। एक अन्य तस्वीर में इन लोगों को बिना कपड़ों के ही ट्रक में बैठाया जा रहा है। यह तस्वीरें इजरायली और फिलीस्तीनी दोनों तरफ के टिप्पणीकारों ने शेयर की है। इनके बारे में इजरायल की तरफ से दावा किया गया है कि यह सभी हमास से जुड़े आतंकी हैं। आईडीएफ प्रवक्ता डैनियर हगारी ने कहाकि उनके देश की सेना ने गाजा में सैकड़ों लोगों को पकड़ा है और उनसे पूछताछ की है। इन लोगों के हमास के साथ लिंक होने का शक है। प्रवक्ता ने कहाकि जबालिया और शेजैया आतंकियों के अड्डे हैं। यह लोग अंडरग्राउंड में छिपे रहते हैं और बाहर आते हैं। इन इलाकों में जो भी लोग बचे हैं, हम उन्हें गिरफ्तार करते हैं और पूछताछ करते हैं।

हथियार की तलाशी का दावा
इजरायली न्यूज संस्थान वल्ला का दावा है कि इन लोगों के कपड़े यह देखने के लिए उतारे गए थे कि कहीं इन लोगों ने हथियार तो नहीं छिपा रखे हैं। यह भी आशंका जताई जा रही है कि यह लोग किसी शरणार्थी शिविर में रहने वाले मासूम लोग हैं। इटली के एक मिलिट्री करेस्पांडेंट के मुताबिक आईडीएफ ने यह जांचे बिना कि यह लोग हमास या फिलिस्तीनी इस्लामिक जिहाद के सदस्य हैं, इन्हें बंधक बना लिया। वहीं, एक अन्य पत्रकार ने दावा किया है कि यह लोग बिना हथियारों के आम लोग हैं, जिनका सैन्य अभियानों से कुछ लेना देना नहीं है। इन तस्वीरों के सामने आते ही कुछ फिलिस्तीनी लोगों ने इसमें अपने रिश्तेदारों के होने का दावा किया है। कतर के अल-अरबी न्यूज आउटलेट ने एक बयान जारी किया है। इसमें उसने दावा किया है कि इन लोगों में उसका एक पत्रकार भी है। समाचार एजेंसी एएफपी के मुताबिक यह दृश्य उत्तरी गाजा के बेत लाहिया में फिल्माया गया है।

 

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