विश्वास सारंग का राहुल गांधी पर हमला, बोले- विदेशी ताकतों की कठपुतली बनकर काम कर रहे

भोपाल
 मध्य प्रदेश के मंत्री विश्वास सारंग ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी और विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे देश की अर्थव्यवस्था और व्यवस्था को कमजोर करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में विकास और कल्याण के कार्य हो रहे हैं तथा अर्थव्यवस्था लगातार आगे बढ़ रही है। इसके बावजूद विपक्ष देश में अराजकता फैलाने की कोशिश कर रहा है।

मध्य प्रदेश के मंत्री विश्वास सारंग ने कहा कि उन्हें लगता है कि राहुल गांधी और विपक्ष के नेता देश की अर्थव्यवस्था तथा व्यवस्था को नुकसान पहुंचाकर भारत को कमजोर करना चाहते हैं। मैं यह बात पार्टी कार्यकर्ता के तौर पर नहीं बल्कि भारत के नागरिक के रूप में कह रहा हूं।

राहुल गांधी कठपुतली बन गए हैं
सारंग ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी देश में अराजकता फैलाने के लिए देश-विरोधी ताकतों के हाथों की कठपुतली बन गए हैं। देश के देशभक्त नागरिक भारत को विकास के रास्ते से भटकने नहीं देंगे और न ही किसी को देश में अव्यवस्था फैलाने की अनुमति देंगे।

विपक्ष नाकामिया छिपाने एसआईआर को मुद्दा बना रहा
मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ इंडी गठबंधन के विरोध प्रदर्शन पर प्रतिक्रिया देते हुए सारंग ने कहा कि भारतीय लोकतंत्र दुनिया का सबसे बड़ा और मजबूत लोकतंत्र है। देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था में विपक्ष को विरोध करने और अपनी बात रखने की पूरी आजादी है। विपक्ष अपनी नाकामियों को छिपाने के लिए एसआईआर को मुद्दा बना रहा है। राहुल गांधी को चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और उसकी संस्थागत संरचना की पर्याप्त जानकारी नहीं है।

संविधान और संवैधानिक संस्थाओं के कामकाज की समझ नहीं है
चुनाव आयोग पर राहुल गांधी के आरोपों को लेकर सारंग ने कहा कि कां
ग्रेस नेता को संविधान और संवैधानिक संस्थाओं के कामकाज की समझ नहीं है। चुनाव आयोग का अपना अलग कर्मचारी कैडर नहीं होता। आयोग के फैसलों को लागू करने में राज्य सरकार के अधिकारी और कर्मचारी भूमिका निभाते हैं।

उन्होंने कहा कि एसआईआर की प्रक्रिया भी राज्य सरकार के अधिकारियों और कर्मचारियों के माध्यम से लागू की जाती है। इनमें लेखपाल, शिक्षक और उपखंड मजिस्ट्रेट (एसडीएम) जैसे अधिकारी शामिल हैं।

…तो कांग्रेस कई राज्यों में कैसे जीतती?
सारंग ने सवाल उठाया कि, यदि चुनाव आयोग चुनावों में हेरफेर करता, तो कांग्रेस विभिन्न राज्यों में चुनाव कैसे जीतती? उन्होंने प्रियंका गांधी के लोकसभा पहुंचने और हिमाचल प्रदेश, केरल तथा कर्नाटक में कांग्रेस की सरकारें बनने का हवाला देते हुए विपक्ष के आरोपों पर सवाल खड़े किए।

उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक संस्थाओं पर आरोप लगाने से पहले विपक्ष को तथ्यों और ठोस आधार के साथ अपनी बात रखनी चाहिए। चुनाव आयोग की आलोचना करने के बजाय कांग्रेस को अपनी चुनावी विफलताओं और राजनीतिक रणनीति पर आत्ममंथन करना चाहिए।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button