सातों दिन 24 घंटे खुल सकेंगे व्यापारिक प्रतिष्ठान, कैट ने कार्यस्थल सशक्तिकरण संहिता का किया स्वागत

कैट बोला- व्यापार का समय बढ़ने से कारोबार और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे; कर्मचारियों के लिए 48 घंटे की साप्ताहिक कार्य सीमा और ओवरटाइम पर अतिरिक्त भुगतान का प्रावधान

भोपाल। मध्यप्रदेश में व्यापारिक प्रतिष्ठानों के संचालन और रोजगार के अवसरों को लेकर जारी मध्यप्रदेश कार्यस्थल सशक्तिकरण संहिता 2026 को कैट मध्यप्रदेश ने व्यापारियों एवं कारोबारियों के लिए महत्वपूर्ण कदम बताया है। कैट के अनुसार राज्यपाल मंगुभाई पटेल द्वारा संहिता को मंजूरी दिए जाने और श्रम विभाग की ओर से गजट नोटिफिकेशन जारी होने से व्यापारिक प्रतिष्ठानों को संचालन में अधिक लचीलापन मिलेगा।

24 घंटे प्रतिष्ठान खोलने का विकल्प

कैट मध्यप्रदेश के अध्यक्ष भूपेन्द्र जैन एवं प्रदेश मीडिया प्रभारी धर्मेंद्र शर्मा ने कहा कि नई व्यवस्था के तहत व्यवसायिक प्रतिष्ठान अब सातों दिन 24 घंटे तक खुले रखने का विकल्प चुन सकेंगे।

उनके अनुसार व्यापारी अपनी आवश्यकता के अनुसार अलग-अलग शिफ्ट की व्यवस्था कर सकते हैं। इससे कारोबार के संचालन के घंटे बढ़ेंगे और व्यापारिक गतिविधियों का विस्तार होने की संभावना है।

व्यापार बढ़ेगा तो रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे

कैट पदाधिकारियों ने कहा कि अधिक समय तक प्रतिष्ठान खुलने से कारोबार का टर्नओवर बढ़ सकता है और अतिरिक्त कर्मचारियों की जरूरत पैदा हो सकती है। उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि जिस प्रतिष्ठान में वर्तमान में 10 कर्मचारी काम कर रहे हैं, वहां अतिरिक्त शिफ्ट शुरू होने पर 3 से 4 अतिरिक्त रोजगार के अवसर पैदा हो सकते हैं।

इससे व्यापारिक गतिविधियों के साथ युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी उपलब्ध होने की उम्मीद है।

कर्मचारियों के लिए 48 घंटे की साप्ताहिक कार्य सीमा

कैट ने कहा कि नई व्यवस्था में कर्मचारियों के हितों का भी ध्यान रखा गया है। कर्मचारियों से एक सप्ताह में 48 घंटे से अधिक नियमित कार्य नहीं कराया जाएगा।

यदि किसी कर्मचारी से निर्धारित समय से अतिरिक्त काम कराया जाना है तो उसकी सहमति आवश्यक होगी तथा अतिरिक्त कार्य के लिए नियमानुसार ओवरटाइम भुगतान करना होगा।

ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन से कारोबारियों को राहत

कैट पदाधिकारियों के अनुसार नई व्यवस्था में व्यापारिक प्रतिष्ठानों के लिए एक बार ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया को पर्याप्त बनाया गया है। इससे बार-बार कागजी औपचारिकताओं से राहत मिलने की उम्मीद है।

महिला कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए भी कार्यस्थल पर विशेष प्रावधान किए गए हैं। कैट का कहना है कि इससे व्यापारिक प्रतिष्ठानों में महिलाओं के लिए सुरक्षित और बेहतर कार्य वातावरण बनाने में मदद मिलेगी।

कैट ने बताया व्यापार और रोजगार दोनों के लिए सकारात्मक कदम

कैट प्रदेश अध्यक्ष भूपेन्द्र जैन एवं प्रदेश मीडिया प्रभारी धर्मेंद्र शर्मा ने कहा कि कार्यस्थल सशक्तिकरण संहिता से व्यापारियों को अपने कारोबार की आवश्यकता के अनुसार काम के घंटे और शिफ्ट तय करने की सुविधा मिलेगी। साथ ही कर्मचारियों के अधिकारों और सुरक्षा का भी ध्यान रखा गया है।

उन्होंने कहा कि व्यापार का विस्तार, रोजगार सृजन और कारोबार में आसानी एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं। नई व्यवस्था से यदि अधिक प्रतिष्ठान विस्तारित समय में काम करते हैं तो इसका सकारात्मक असर व्यापार, रोजगार और आर्थिक गतिविधियों पर पड़ सकता है।

कैट की दो प्रमुख पहलें एक साथ चर्चा में

भारतीय व्यापार महोत्सव के जरिए घरेलू उत्पादों को राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय बाजार उपलब्ध कराने और मध्यप्रदेश कार्यस्थल सशक्तिकरण संहिता के जरिए व्यापारिक प्रतिष्ठानों को संचालन में अधिक लचीलापन मिलने को कैट ने व्यापार जगत के लिए महत्वपूर्ण घटनाक्रम बताया है। संगठन का कहना है कि स्थानीय उत्पादों को वैश्विक बाजार और स्थानीय व्यापार को आसान कारोबारी माहौल मिलने से मध्यप्रदेश के व्यापार एवं रोजगार क्षेत्र को नई गति मिल सकती है।

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