भोपाल जिला बैडमिंटन टूर्नामेंट में स्मैश क्लब का दबदबा, 21 पदक जीते

6 स्वर्ण, 10 रजत और 5 कांस्य पदकों के साथ खिलाड़ियों ने दिखाया दम; तीन आयु वर्गों में प्रेक्षा ने जीते स्वर्ण, कोच धर्मेंद्र को मिला ‘टूर्नामेंट के सबसे समर्पित प्रशिक्षक’ का सम्मान

विवेक झा, भोपाल। भोपाल जिला बैडमिंटन टूर्नामेंट 2026 में स्मैश क्लब भोपाल के खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कुल 21 पदक अपने नाम किए। एली स्पोर्ट्स मैनेजमेंट एंड डेवलपमेंट कंपनी के अंतर्गत संचालित क्लब के खिलाड़ियों ने प्रतियोगिता में 6 स्वर्ण, 10 रजत और 5 कांस्य पदक जीतकर अपनी प्रतिभा और खेल कौशल का प्रदर्शन किया। अलग-अलग आयु वर्गों की एकल और युगल स्पर्धाओं में खिलाड़ियों ने पदक जीतकर क्लब की उपलब्धियों में इजाफा किया। इस प्रदर्शन में प्रेक्षा का विशेष योगदान रहा, जिन्होंने अंडर-15, अंडर-17 और अंडर-19 बालिका एकल स्पर्धाओं में स्वर्ण पदक जीतकर तीन खिताब अपने नाम किए।

प्रतियोगिता में स्मैश क्लब के खिलाड़ियों ने न केवल स्वर्ण पदक जीते, बल्कि रजत और कांस्य पदकों के जरिए भी अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई। युवा खिलाड़ियों के इस प्रदर्शन के पीछे नियमित अभ्यास, तकनीकी प्रशिक्षण और प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन को अहम माना जा रहा है।

प्रेक्षा ने तीन आयु वर्गों में जीते स्वर्ण पदक

स्मैश क्लब की प्रेक्षा ने प्रतियोगिता में सबसे प्रभावशाली प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों में जगह बनाई। उन्होंने 15 वर्ष से कम, 17 वर्ष से कम और 19 वर्ष से कम आयु वर्ग की बालिका एकल स्पर्धाओं में स्वर्ण पदक जीतकर तीनहरी सफलता हासिल की।

वहीं, अदम्य ने 9 वर्ष से कम आयु वर्ग की एकल स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीता। अभिनव आर्य ने 13 वर्ष से कम आयु वर्ग की युगल स्पर्धा में स्वर्ण पदक अपने नाम किया, जबकि अर्धेंदु ने 17 वर्ष से कम आयु वर्ग की युगल स्पर्धा में पहला स्थान हासिल किया।

इन खिलाड़ियों की सफलता ने प्रतियोगिता में स्मैश क्लब की मौजूदगी को मजबूती दी। खास बात यह रही कि क्लब के खिलाड़ियों ने अलग-अलग आयु वर्गों में प्रदर्शन करते हुए एकल और युगल, दोनों तरह की स्पर्धाओं में पदक हासिल किए।

रजत पदकों में भी खिलाड़ियों का शानदार प्रदर्शन

स्मैश क्लब के खिलाड़ियों ने 10 रजत पदक जीतकर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया। अदम्य तिवारी ने 11 वर्ष से कम आयु वर्ग की एकल और युगल स्पर्धाओं में रजत पदक हासिल किए। भूमि सिंह ने 13 वर्ष से कम और 17 वर्ष से कम आयु वर्ग की एकल स्पर्धाओं में दूसरा स्थान प्राप्त किया।

अभिनव आर्य ने 13 वर्ष से कम आयु वर्ग की एकल स्पर्धा में रजत पदक जीता। इसी आयु वर्ग की युगल स्पर्धा में अर्जुन ने रजत पदक अपने नाम किया। श्लोक ने 15 वर्ष से कम आयु वर्ग की एकल स्पर्धा में दूसरा स्थान हासिल किया, जबकि रियांश ने इसी आयु वर्ग की युगल स्पर्धा में रजत पदक जीता।

19 वर्ष से कम आयु वर्ग की एकल स्पर्धा में राघवी ने रजत पदक हासिल कर क्लब की पदक तालिका में योगदान दिया। इन परिणामों से स्पष्ट है कि क्लब के खिलाड़ियों ने विभिन्न आयु वर्गों में प्रतिस्पर्धी प्रदर्शन किया।

पांच खिलाड़ियों ने जीते कांस्य पदक

प्रतियोगिता में स्मैश क्लब के खिलाड़ियों ने पांच कांस्य पदक भी जीते। अर्जुन और शिवांश ने 13 वर्ष से कम आयु वर्ग की एकल स्पर्धा में कांस्य पदक हासिल किए। रियांश ने 15 वर्ष से कम आयु वर्ग की एकल स्पर्धा में तीसरा स्थान प्राप्त किया।

17 वर्ष से कम आयु वर्ग की एकल स्पर्धा में अमितव और अर्धेंदु ने कांस्य पदक अपने नाम किए। इस तरह क्लब के खिलाड़ियों ने स्वर्ण, रजत और कांस्य सहित कुल 21 पदक जीतकर प्रतियोगिता में अपना प्रभावशाली प्रदर्शन दर्ज कराया।

कोच धर्मेंद्र और यशपाल यादव की भूमिका अहम

खिलाड़ियों की इस उपलब्धि में स्मैश क्लब के प्रशिक्षक धर्मेंद्र और यशपाल यादव का महत्वपूर्ण योगदान रहा। क्लब के अनुसार, दोनों प्रशिक्षक खिलाड़ियों के तकनीकी कौशल, शारीरिक क्षमता, अनुशासन और मैच के दौरान रणनीति बनाने पर नियमित रूप से काम करते हैं।

प्रतियोगिता में प्रशिक्षक धर्मेंद्र को ‘टूर्नामेंट के सबसे समर्पित प्रशिक्षक’ के सम्मान से नवाजा गया। यह सम्मान खिलाड़ियों के प्रशिक्षण और उनके खेल विकास के प्रति उनके योगदान को रेखांकित करता है।

बैडमिंटन जैसे प्रतिस्पर्धी खेल में खिलाड़ियों को कोर्ट पर बेहतर प्रदर्शन के लिए तकनीक, गति, फिटनेस, एकाग्रता और मैच की परिस्थितियों के अनुरूप रणनीति पर काम करना पड़ता है। ऐसे में प्रशिक्षकों की भूमिका केवल अभ्यास कराने तक सीमित नहीं रहती, बल्कि खिलाड़ियों को प्रतिस्पर्धा के लिए मानसिक और तकनीकी रूप से तैयार करना भी इसका महत्वपूर्ण हिस्सा है।

युवा खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण देने पर जोर

एली स्पोर्ट्स मैनेजमेंट एंड डेवलपमेंट कंपनी के अंतर्गत संचालित स्मैश क्लब भोपाल का उद्देश्य खिलाड़ियों को उच्चस्तरीय प्रशिक्षण, बेहतर खेल सुविधाएं और विभिन्न प्रतियोगिताओं में प्रतिभा दिखाने के अवसर उपलब्ध कराना है।

क्लब प्रबंधन के अनुसार, 21 पदकों की उपलब्धि खिलाड़ियों की मेहनत, प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन और नियमित अभ्यास का परिणाम है। प्रबंधन ने सभी पदक विजेता खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों और उनके अभिभावकों को बधाई दी है।

क्लब को उम्मीद है कि खिलाड़ी आगामी प्रतियोगिताओं में भी इसी तरह प्रदर्शन करते हुए भोपाल का नाम रोशन करेंगे। जिला स्तरीय प्रतियोगिताओं में इस तरह की उपलब्धियां युवा खिलाड़ियों को आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करती हैं और उन्हें बड़े स्तर की प्रतियोगिताओं के लिए अपनी तैयारी मजबूत करने का अवसर देती हैं।

स्मैश क्लब के लिए 21 पदकों की यह उपलब्धि इसलिए भी महत्वपूर्ण है कि इसमें विभिन्न आयु वर्गों के खिलाड़ियों ने योगदान दिया। प्रेक्षा के तीन स्वर्ण पदकों से लेकर एकल और युगल स्पर्धाओं में मिले रजत व कांस्य पदकों तक, खिलाड़ियों ने प्रतियोगिता में अपनी मेहनत और तैयारी का परिणाम हासिल किया।

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